श्रम विभाग ने मुख्यमंत्री कोविड-19 जन कल्याण (पेंशन, शिक्षा व राशन) योजना का आदेश श्रम विभाग ने जारी कर दिया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि काेरोना से अनाथ हुए बच्चों को 21 साल की उम्र तक हर महीने 5 हजार रुपए की पेंशन दी जाएगी। यह योजना 30 मार्च 2021 से 31 जुलाई 2021 तक लागू रहेगी। यानी इस अवधि के दौरान ही कोरोना से मृत्यु होने पर अनाथ आश्रितों को योजना का लाभ मिलेगा।
श्रम विभाग के आदेश के मुताबिक कोविड से माता-पिता या अभिभावक की मौत होने पर अनाथ हुए बच्चों के पालन-पोषण की योजना का लाभ लेने के लिए शहरी क्षेत्र में नगर निगम आयुक्त अथवा नगर पालिका या नगर परिषद के सीएमओ और ग्रामीण क्षेत्र में जनपद पंचायत के सीईओ को आवेदन करना होगा। इसके बाद कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति इसे मंजूर करेगी।
पिछले दिनों मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा के अनुसार पात्रता न होते हुए भी हर माह राशन और पहली से पीएचडी तक निशुल्क शिक्षा देने का प्रविधान किया गया है। इसका लाभ एक मार्च 2020 के बाद कोरोना से मृत लोगों के आश्रित बच्चों को मिल सकेगा। योजना का लाभ केवल मध्य प्रदेश के मूल निवासियों को ही मिलेगा। आवेदन के साथ बर्थ सार्टिफिकेट, कोरोना से माता-पिता या अभिभावक की मृत्यु का मेडिकल बोर्ड से प्रमाण पत्र सलग्न करना होगा।
पात्रता की शर्तें
- माता-पिता या अभिभावक की मौत कोरोना से होने या ठीक होने के दो माह के अंदर मौत होने पर मिलेगा योजना का लाभ।
- RT-PCR, रैपिड एंटीजन टेस्ट और सीटी स्कैन के आधार पर डॉक्टर ने कोरोना की पुष्टि की हो।
- शून्य से 21 वर्ष तक के बच्चों को मिलेगा योजना का लाभ।
- परिवार को पहले से सरकारी पेंशन न मिलती हो और परिवार को मुख्यमंत्री कोविड-19 योद्धा कल्याण योजना के तहत लाभ न मिला हो।
ये लाभ मिलेगा
- पहली से पीएचडी तक निशुल्क शिक्षा दी जाएगी।
- 8वीं तक प्राइवेट स्कूलों में आरटीई के तहत पढ़ाया जाएगा। लेकिन 9वीं या उसके बाद प्राइवेट स्कूलों की पात्रता नहीं रहेगी।
- उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा संस्थान ऐसे विद्यार्थियों से प्रवेश शुल्क नहीं लेंगे।
- विद्यार्थियों को स्कॉरशिप दी जाएगी। सरकार सिर्फ शिक्षण शुल्क देगी।
- 10 माह तक हर महीने 1500 रुपए गुजारा भत्ता।
- पाेस्ट ग्रेज्युऐशन की पढ़ाई के लिए नगर निगम क्षेत्र में 500 और नगर पालिका क्षेत्र में 300 रुपए परिवहन भत्ता दिया जाएगा।





