~डॉ. विकास मानव
पेनाइल फ्रेक्चर एक ऐसी स्थिति है जिसका पुरुषों को सामना करना पड़ सकता है। सेक्स के दौरान की जाने वाली कुछ गलतियां या लापरवाही इस समस्या का कारण हो सकती हैं। इसे छुपाने या इस पर बात करने से परहेज करने पर स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
इसलिए न केवल पुरुषों को, बल्कि महिलाओं को भी इस समस्या के बारे में जानना चाहिए। ताकि इससे बचाव और उपचार में आप अपने पार्टनर की मदद कर सकें।
*क्या है पेनाइल फ्रेक्चर?*
हम सभी जानते हैं कि पेनिस में हड्डियां नहीं होती। ऐसे में यह सवाल उठ सकता है कि आखिर पेनाइल फ्रेक्चर होता कैसे है? पेनाइल फ्रेक्चर एक अलग प्रकार का फ्रेक्चर है। इरेक्शन के दौरान ब्लड पीनस में मौजूद कॉर्पोरा और कैवर्नोसा नामक दो सिलेंडर में भर जाता है।
जब इरेक्ट पेनिस को दबाव के साथ बेंड करते हैं या इस पर अनचाहा दबाव बनाते हैं, तो इन सिलेंडर का आउटर लेयर (टूनिका एल्बूजीनिआ) रप्चर हो सकता है, जिसे पेनाइल फ्रेक्चर कहते हैं।
पेनाइल फ्रेक्चर के लक्षण :
पॉप्पिंग और क्रैकिंग की आवाज आना.
असहनीय दर्द का अनुभव होना.
फौरन इरेक्शन लॉस होना.
पीनस में सूजन आना.
यूरिन और पीनस के टिप से खून आना.
सेक्सुअल एक्टिविटी के दौरान स्थितियों में हो सकता है पेनाइल फ्रेक्चर :
1. काऊ गर्ल पोजीशन :
काऊ गर्ल, रिवर्स काऊ गर्ल, मिशनरी और डॉगी स्टाइल कुछ ऐसे सेक्स पोजीशन हैं, जिनमें पेनाइल फ्रेक्चर का अधिक खतरा होता है। हालांकि, यह बेहद प्लेजरेबल होता है, परंतु इस दौरान यदि पुरुष पार्टनर डीप पेनिट्रेशन या रफ सेक्स कर रहा है, तो पेनिस पर चोट आ सकती है।
2. मिशनरी पोजीशन :
हालांकि मिशनरी सबसे सामान्य और आसान सेक्स पोजीशन है, परंतु इस दौरान आपके पार्टनर का पीनस स्लीप होकर री एंट्री के दौरान ब्रेक हो सकता है। काऊ गर्ल के दौरान भी यदि पेनिस स्लीप हो जाए, तो री एंट्री के दौरान इसके ब्रेक होने का खतरा बना रहता है। ऐसी असुविधाओं से बचने के लिए सेक्स करते वक़्त थोड़ा सावधान रहने की कोशिश करें.
3. हैंड जॉब टाइम :
पार्टनर को हैंड जॉब देते वक़्त आपको ध्यान रखना चाहिए। आमतौर पर महिलाएं यह नहीं समझ पाती कि पेनिस को कितना बेंड करना है और इसे कितना धीमे और कितना तेज शेक करना है।
ऐसे में महिलाओं के हाथ का एंगल बदलने से पेनिस ब्रेक होने का खतरा बना रहता है।
4. एंगल चेंजिंग :
सेक्सुअल इंटरकोर्स के दौरान जब महिला या पुरुष पीनस को वेजाइना से बाहर निकाले बिना एंगल बदलने की कोशिश करते हैं तब पेनिस ब्रेक हो सकता है।
भूलकर भी ऐसा न करें यह बेहद खतरनाक तरीका है।
5. अग्रेसिव मास्टरबेशन :
कई बार पुरुष बेहद एग्रेसिव मास्टरबेशन करते हैं।
इससे पेनिस हाथ से स्लीप हो सकता है या शेक करते वक्त आपका हैंड मूवमेंट असंतुलित हो आपके पेनिस के बेंड होने का कारण बन सकता है।
6. एनल सेक्स :
एनल सेक्स कई रूपों में महिला एवं पुरुष दोनों के लिए हानिकारक हो सकता है। इस दौरान पीनस पर काफी ज्यादा दबाव पड़ता है।
इसमें पीनस के स्लीप होने की संभावना भी अधिक होती है, जिससे पेनाइल फ्रेक्चर हो सकता है। एनल सेक्स में एनस के अंदर भी पेनिस ब्रेक हो सकता है।
7. ड्राई हंपिंग :
ड्राई हम्पिंग के दौरान यदि आप पीनस पर अधिक दबाव बनाती हैं तो पेनाइल फ्रेक्चर हो सकता है।
इसलिए इस दौरान हमेशा पर्याप्त मात्रा में ल्युब्रिकेन्ट का इस्तेमाल करें। साथ ही इंफेक्शन से बचने के लिए कंडोम का इस्तेमाल भी जरूरी है।
क्या है पेनाइल फ्रेक्चर का ट्रीटमेंट?
इसे सर्जरी से ट्रीट किया जाता है इस दौरान सर्जन स्टिचेज की मदद से टूनिका एल्बूजीनिआ में आये रेप्चर को स्टिच करते हैं।
फ़ौरन डॉक्टर से मिलकर सर्जरी करवाएं अन्यथा इरेक्टाइल डिस्फंक्शन और यूरिन संबंधी समस्या लाइफटाइम के लिए अपना शिकार बना सकती है।





