पूरा देश लाक डाउन में था लोग रोज़गार को तरस रहे थे विनय केड़िया की मध्यप्रदेश डिसलरी शराब उगल रही थी!
देश के प्रधानमंत्री मध्यप्रदेश सरकार और विनय केड़िया की ग्रेट गेलियन डिसलरी की जाँच सी बी आई ,ई डी से करा ले तो प्रमाणित हो जायेगा गुजरात शराब बड़े पेमाने पर ईस फेक्टरी से शराब लाँक डाउन में गयी! लोग लाँक डाउन में घरों में दुबके थे मज़दूर भूख प्यास से बिलख कर रोज़ी रोटी को तरस रहे थे और मध्यप्रदेश सरकार की मेहरबानी से ग्रेट गेलियन शराब उगल रही थी ! मध्यप्रदेश की प्रमुख सचिव दीपाली रस्तोगी की भूमिका पर सवाल उठ रहे है की जब तीन आई ए एस ने जाँच कर फेक्टरी सील की थी तो खुली केसे! जिस फेक्टरी में अनियमितता पायीं गयी उसे पूरे प्रदेश के देशी शराब की ठेके क्यों दिये?जबकि ग्रेट गेलियन की पूरे प्रदेश में आपूर्ति की षमता ही नही है !जनवरी 2020माह में ग्रेट गेलियन लिमिटेड १६०कंचनबाग़ के बिजली बिल की खपत 43000यूनिट थी और बिल848700,फ़रवरी 2020 में 35250यूनिट खपत थी और बिल802241था बिजली का बिल 2020मार्च में 1266640हो गया 2020 अप्रेल में जब देश में लाँक डाउन सर चड़कर बोल रहा था तब 151600यूनिट बिजली की खपत हुयी और बिजली बिल1038909आया ! ताज्जुब जब हुवा जब मध्यप्रदेश सरकार ने देशी की आपूर्ति के लिये ग्रेट गेलियन पर भरोसा जताया उसके बाद जो बिजली की खपत हज़ारों यूनिट में थी वह वर्ष 2021 अक्तूबर माह में 5000 यूनिट पर सिमट गयी जिसका एवरेज बिल आठ लाख रुपये माह से कम नही आता था वह563165पाँच लाख पर केसे सिमट गया!जबकि ग्रेट गेलियन परे प्रदेश में देशी की आपूर्ति कर रहा क्या चोरी की बिजली से फेक्टरी संचालित हो रही थी या पूर्ति कही और से हो रही थी! मामले में फेक्टरी का पक्ष जानने के लिये मधोक और विनय केड़िया को कई फोन लगाये किंतु बात नही हो सकी!
साभार अग्निब्लास्ट





