नई दिल्ली: संसद का पांच दिन का विशेष सत्र सोमवार से शुरू होगा। तमाम उत्सुकता के बीच इस सत्र को लेकर पक्ष-विपक्ष दोनों ने तैयारी की है। रविवार को आम सहमति बनाने के लिए सर्वदलीय बैठक हुई। सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ने सत्र में महिला आरक्षण विधेयक लाने पर जोर दिया। इसमें लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटें रिजर्व करने का प्रावधान है। बैठक के बाद कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, ‘सरकार ने बताया है कि यह संसद का नियमित सत्र है। सिर्फ सरकार ही जानती है कि उसकी मंशा क्या है। वह कुछ नए अजेंडे से सभी को हैरान कर सकती है।’ अधीर ने कहा कि बैठक में कांग्रेस ने महंगाई, बेरोजगारी, चीन के साथ सीमा पर स्थिति जैसे मुद्दे उठाए। BJP के सहयोगी और NCP नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि यह बिल संसद में पेश होने पर आम सहमति से पारित हो जाएगा।’ सरकार के मुताबिक, सत्र मुख्य रूप से संविधान सभा से शुरू होने वाली 75 साल की संसदीय यात्रा पर चर्चा के लिए बुलाया गया है।
नई संसद के गज द्वार पर लहराया तिरंगा

उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने रविवार लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के साथ नए संसद भवन के ‘गज द्वार’ पर तिरंगा फहराया। इस दौरान कई केंद्रीय मंत्री और कई दलों के नेता मौजूद रहे। उपराष्ट्रपति ने इसे विकास यात्रा में एक ऐतिहासिक क्षण और मील का पत्थर करार दिया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने काफी देर से आमंत्रण मिलने पर निराशा जताई। खरगे ने शनिवार को राज्यसभा महासचिव पी. सी. मोदी को लिखे पत्र में कहा कि उन्हें निमंत्रण 15 सितंबर को देर शाम मिला।
कुल आठ विधेयक किए जाएंगे पेश

संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि सत्र के दौरान कुल आठ विधेयकों को चर्चा और पारित कराने के लिए सत्र में सूचीबद्ध किया गया है। रविवार को एक सर्वदलीय बैठक में सदन के नेताओं को सूचित किया गया कि वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े एक विधेयक तथा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति आदेश से संबंधित तीन विधेयकों को एजेंडे में जोड़ा गया है। पहले सूचीबद्ध किए गए विधेयकों में मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति संबंधी विधेयक भी शामिल था।
दीपक वर्मा





