कारगिल युद्ध में वीर गति को प्राप्त सैनिकों की याद में 1999 से भदभदा विश्राम घाट केंपस में 9 अगस्त को पौधे रोपित किए जा रहे हैं । जिसका सुखद परिणाम यह रहा कि यह चट्टानी इलाका आज हरे भरे उपवन में तब्दील हो चुका है ।

समिति के अध्यक्ष अरुण चौधरी ने शौर्य स्मारक पर रमेश साहबानी, अजय दुबे,ओ पी श्रीवास्तव,सुरेश भागचन्दानी और राकेश जैन अनुपम के साथ मशाल प्रज्ज्वलित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए और वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी । इस पुनीत अवसर पर विगत 23 वर्षों से भदभदा केंपस में पौधरोपण किया जा रहा है जो आज भी सचिव मम्तेश शर्मा, सत्यनारायण बांगड़,पूर्णा सिंह, समता अग्रवाल, ममता सिंह, ब्रजेश नामदेव,मनीषा पवार, भूपेंद्र राय और लाड़ सिंह सेन व स्टाफ के सानिध्य में किया गया । वैश्विक महामारी कोरोना की विषम परिस्थितियों में मृतक देह को लेकर आए परिजनों की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति,सेवा में शहर के जिन 10 समाजसेवियों विजय अग्रवाल,संतोष बाहेती,राजीव सक्सेना, सी बी मालपानी,एस एस रघुवंशी, डॉ योगेंद्र कुमार सक्सेना, राधेश्याम अग्रवाल, मधुर सारस्वत, पांडुरंग नामदेव, जगदीश टाक का अतुलनीय सहयोग प्राप्त हुआ ।
उन सभी का भदभदा प्रबंधन ने शाल, श्रीफल और मोमेंटो प्रदान कर सम्मान किया । विश्राम घाट समिति के सचिव मम्तेश शर्मा ने सभी साथियों को बताया कि हमारी भारतीय संस्कृति में पेड़ो को देवता तुल्य माना गया है और हमने उसका अनुसरण करते हुए पीपल, बरगद, आंवला,नीम, अमरूद, सीताफल,रुद्राक्ष, कटहल, जामुन और चंदन के जो पौधे आपसे लगवाए है । उन पौधों की समिति पेड़ बनने तक देखभाल, संरक्षण करेगी । भदभदा अध्यक्ष अरूण चौधरी,वरिष्ठ उपाध्यक्ष रमेश साहबानी और कोषाध्यक्ष अजय दुबे ने पौधरोपण में पधारे सभी साथियों का आभार व्यक्त किया ।




