इंदौर में लव जिहाद की फंडिंग के मामले में कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी को पुलिस 55 दिन बाद भी नहीं खोज पाई है। उसकी तलाश में दिल्ली तक पहुंची पुलिस खाली हाथ लौटी। कादरी पर 20 हजार का इनाम पुलिस ने घोषित कर रखा है। इसके अलावा एक एमआईसी मेंबर में दो लाख का इनाम घोषित किया है। प्रशासन ने उसके खिलाफ रासुका भी लगाई है। संभागायुक्त ने कादरी की पार्षदी खत्म करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और कादरी को नोटिस भी दिया जा चुका है। 55 दिन बाद भी कादरी के गिरफ्तार न होना चर्चा का विषय बनता जा रहा है, जबकि कादरी के खिलाफ सख्त एक्शन लेने के निर्देश इंदौर में मुख्यमंत्री मोहन यादव दे चुके हैं।
दो युवकों ने कहा था-कादरी ने पैसे दिए
बाणगंगा पुलिस ने 15 जून को दो युवकों को लव जिहाद के मामले में गिरफ्तार किया था। उन्होंने पूछताछ में पुलिस को बताया कि कादरी ने उन्हें दो लाख रुपये हिन्दू लड़कियों को फंसाने के लिए दिए। इसके बाद 16 जून को कादरी के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया।
पुलिस को आशंका है कि लव जिहाद को लेकर इंदौर में रैकेट काम कर रहा है और कादरी भी उस रैकेट में शामिल है। पुलिस कादरी को गिरफ्तार करती, उससे पहले वह घर से फरार हो गया। पिछले दिनों पुलिस ने दिल्ली में कादरी की बेटी आयशा को गिरफ्तार किया। आरोप है कि उसने कादरी की मदद की थी। उसके लिए टिकट बुक किए थे। बुधवार को बेटी की जमानत याचिका भी खारिज हो गई।
उज्जैन में डाली थी डकैती
अनवर कादरी पिता मोहम्मद असलम कादरी को डकैत भी कहा जाता है। उज्जैन के महाकाल थाना क्षेत्र में कादरी ने डकैती डाली थी। उसके बाद उसे डकैत भी कहा जाने लगा। इसके अलावा इंदौर नगर के संयोगितागंज थाने में 7 प्रकरण, सदर बाजार थाने में 4, खजराना में 3, बाणगंगा में 2, चंदन नगर थाने में 2, जूनी इंदौर, सराफा, छोटी ग्वालटोली और एमजी रोड थाने में विभिन्न धाराओं में 1-1 प्रकरण पंजीबद्ध है।




