पानीपत
दिल्ली पुलिस ने भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण पर आरोप लगाने वाली 2 महिला पहलवानों से यौन शोषण के फोटो और ऑडियो-वीडियो सबूत मांगे हैं। दिल्ली पुलिस को इस केस में 15 जून तक कोर्ट में चार्जशीट पेश करनी है।
पुलिस ने पहलवानों से मांगे ये सबूत…
1. यौन शोषण की घटनाओं की तारीख और समय, WFI कार्यालय में उनकी यात्राओं की अवधि।
2. पहलवानों के रूममेट्स की पहचान और संभावित गवाह, खासकर अगर वे उस समय विदेश में थे।
3. उस होटल की जानकारी, एक पहलवान बृजभूषण के कार्यालय के दौरान रुकी थी।
4. एक पहलवान और उसके रिश्तेदार से धमकी भरे फोन कॉल के बारे में जानकारी मांगी। कोई भी वीडियो, फोटोग्राफ, कॉल रिकॉर्डिंग या वॉट्सऐप चैट देने को कहा गया है।
बृजभूषण पर 2 FIR दर्ज हैं। एक केस बालिग महिला पहलवानों की शिकायत पर है। जिसमें बृजभूषण पर छेड़छाड़ से लेकर जबरन शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश के आरोप हैं। दूसरा केस नाबालिग पहलवान की शिकायत पर है। जो पहले POCSO एक्ट के तहत दर्ज हुआ था। अब नाबालिग पहलवान व उसके पिता ने यौन शोषण के बयान वापस लेकर सिर्फ भेदभाव की बात कही है।
वहीं बृजभूषण ने गोंडा में केंद्र सरकार के 9 साल पूरे होने पर रैली की। जहां शायरी के जरिए अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर पलटवार किया।
बृजभूषण ने 35KM लंबा रोड शो निकाला, शायरी से रेसलर्स पर पलटवार
रेसलर्स के यौन शोषण के आरोप से घिरे बृजभूषण ने गोंडा में शक्ति प्रदर्शन किया। यहां बृजभूषण ने 35KM लंबा रोड शो निकाला। इसके बाद रैली के मंच से बृजभूषण शरण सिंह ने पहले कहा, “होइहि सोइ जो राम रचि राखा। को करि तर्क बढ़ावै साखा (जो कुछ राम ने रच रखा है, वही होगा। तर्क करके कौन बात को बढ़ाए)।
”…बेवफा कहके मेरा नाम लिया जाता है”
इसके बाद उन्होंने शायरी भी सुनाई। ”कभी अश्क-कभी गम और कभी जहर पिया जाता है, तब यह मिला मुझको मोहब्बत का सिला, बेवफा कहके मेरा नाम लिया जाता है, इसको रुसवाई कहें या शोहरत, अपने दबे होठों से मेरा नाम लिया जाता है, कभी-कभी अपने आप से सवाल करने लगते हैं, जब-जब सरसरी नजर से सवाल करते हैं, तो गंभीर चीजों को नकार देते हैं।” माना जा रहा है कि सांसद ने शायरी के बहाने ही अपने ऊपर पहलवानों के लगाए आरोपों पर पलटवार किया है।
महिला पहलवानों के यौन शोषण के आरोपों से घिरे WFI के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने गोंडा में शक्ति प्रदर्शन किया। मोदी सरकार के 9 साल पूरे होने पर रविवार को बृजभूषण ने 35 किलोमीटर रोड से निकाला। उनका जगह-जगह पर स्वागत हुआ। यहां से वह रघुराज शरण सिंह महाविद्यालय में पहुंचे, जहां जनसभा को संबोधित किया। मंच से बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, “होइहि सोइ जो राम रचि राखा। को करि तर्क बढ़ावै साखा।
इसके बाद उन्होंने भारत माता के जयकारे लगाए। यही नहीं, उन्होंने शायरी भी सुनाई। ”कभी अश्क-कभी गम और कभी जहर पिया जाता है, तब यह मिला मुझको मोहब्बत का सिला, बेवफा कहके मेरा नाम लिया जाता है, इसको रुसवाई कहें या शोहरत, अपने दबे होठों से मेरा नाम लिया जाता है, कभी-कभी अपने आप से सवाल करने लगते हैं, जब-जब सरसरी नजर से सवाल करते हैं, तो गंभीर चीजों को नकार देते हैं।” माना जा रहा है कि सांसद ने शायरी के बहाने ही अपने ऊपर लगे आरोपों पर पलटवार किया है।
बोले- कैसरगंज से ही लड़ूंगा चुनाव
भाजपा सांसद ने मंच से लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। उनके साथ मध्य प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद थे।हालांकि मीडियाकर्मियों ने जब WFI के पूर्व अध्यक्ष से शायरी को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। कहा, ”मेरे सभी कार्यक्रम ऐसे ही होते हैं। ये पार्टी का कार्यक्रम है। यहां विवाद का कोई विषय नहीं है।” भाजपा सांसद ने आगे कहा कि कैसरगंज लोकसभा से ही फिर से चुनाव लड़ूंगा। 2024 में भाजपा पूर्ण बहुमत से सरकार बना रही है। यूपी की सभी सीटों पर भाजपा जीत दर्ज करेगी।
”कांग्रेस के समय से 33 हजार वर्ग किमी जमीन चीन के कब्जे में है”
भाजपा सांसद ने रोड शो की शुरुआत अपने विष्णोहरपुर आवास से की। इस दौरान उनके समर्थकों की जबरदस्त भीड़ देखने को मिली।इसके साथ ही बृजभूषण ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “कांग्रेस के दौर में भारत की 78 हजार वर्ग किलोमीटर जमीन पाकिस्तान ने कब्जा कर ली और कांग्रेस के समय से 33 हजार वर्ग किलोमीटर जमीन चीन के कब्जे में है। जब पाकिस्तान के 92 हजार सैनिकों को भारत ने बंदी बनाया तो कांग्रेस के लोगों ने उन्हें छोड़ दिया। अगर उस समय मोदी पीएम होते या बीजेपी का कोई पीएम होता, तो पहले पाकिस्तान से जमीन छुड़ाई जाती। इसके बाद उनके सैनिकों को यहां से छोड़ा जाता।
अगर तब मोदी पीएम होते तो कई मुद्दों का हल निकल आता। भाजपा ने सभी भविष्यवाणी तोड़ दी और 2014 और 2019 में पूर्ण बहुमत की सरकार बनी। 2024 में फिर से भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी। मोदी सरकार में कई बड़े काम हुए हैं। मंदिर बना और सड़कें भी बनीं।”
राजनीति जानकारों के अनुसार, जनसभा का मोटिव भले ही केंद्र सरकार के 9 साल पूरे होने पर उपलब्धियां गिनाने का हो, लेकिन इसके बहाने बृजभूषण अपनी राजनीतिक शक्ति का एहसास दिलाना चाह रहे हैं।बृजभूषण ने कहा कि वो 2024 का लोकसभा चुनाव कैसरगंज से ही लड़ेंगे।
पहले अयोध्या में होनी थी जनचेतना रैली
दरअसल, अयोध्या में 5 जून को बीजेपी सांसद द्वारा आयोजित होने वाली जनचेतना महारैली स्थगित कर दी गई थी। क्योंकि इस कार्यक्रम से ऐन वक्त पहले ही दिल्ली में धरना दे रहे पहलवान बृजभूषण की गिरफ्तारी न होने के विरोध में हरिद्वार में मेडल विसर्जित करने जाने वाले थे। लेकिन पहलवानों को भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी राकेश टिकैत ने रोक दिया था और अपने घर मुजफ्फरनगर बुलाकर इस मसले पर सौरम में 1 जून को महापंचायत बुलाई थी। उनकी अपील पर पहलवान बजरंग पूनिया, विनेश फोगाट, साक्षी मलिक उनके घर पहुंचे थे। माहौल गर्माता देख सांसद ने जनचेतना रैली स्थगित कर दी थी।
नाबालिग पहलवान पर दबाव डालकर बयान बदलवाए
रोहतक में महिला पहलवानों को लेकर खाप प्रधानों और किसान नेताओं की पंचायत हुई। जिसमें भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण के खिलाफ चल रहे आंदोलन को लेकर समर्थन देने का फैसला लिया गया। उन्होंने कहा कि नाबालिग पहलवान ने खुद अपने बयान वापस नहीं लिए, उस पर दबाव डाला गया है।
साक्षी ने कहा- समझौता करने के लिए धमकी मिल रही

बीते कल सोनीपत में आयोजित पंचायत में बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक पहुंचे थे।
साक्षी मलिक ने भी बताया कि पहलवानों के पास धमकी भरी कॉल्स आ रही हैं। बजरंग को कॉल कर कहा गया है कि वह बिक जाए, टूट जाए। कहा जा रहा है कि समझौता कर लो। नहीं तो पूरा करियर खत्म हो जाएगा। अब हम एशियन गेम्स तभी खेलेंगे, जब ये सारा मुद्दा सुलझेगा।
पहलवान बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक ने शनिवार को सोनीपत खाप पंचायत में क्लियर कर दिया है कि अगर 15 जून तक बृजभूषण गिरफ्तार नहीं हुए तो 16 या 17 जून को बड़ा फैसला लेकर तमाम संगठनों के साथ फिर से आंदोलन करेंगे। इसके बाद प्रदर्शन भी दोबारा शुरू किया जाएगा।
भाजपा हाईकमान के कहने पर नहीं की थी अयोध्या में महारैली
बृजभूषण शरण सिंह की ओर से इससे पहले अयोध्या में 5 जून को रैली बुलाई गई थी। इस रैली में अयोध्या के संतों को आमंत्रित किया गया था। बृजभूषण अपने आक्रामक अंदाज और हिंदुत्ववादी छवि के लिए जाने जाते हैं। हालांकि अयोध्या में उन्हें रैली की इजाजत नहीं मिली। उस समय पहलवानों का प्रदर्शन उफान पर था। सूत्रों के मुताबिक भाजपा हाईकमान के कहने पर ये रैली रद्द कर दी गई थी।
बृजभूषण का प्रभाव यूपी की कई सीटों पर
भारतीय जनता पार्टी बृजभूषण के मामले में काफी सावधानी बरत रही है। दरअसल, बृजभूषण का प्रभाव न केवल गोंडा बल्कि बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती सहित पड़ोसी जिलों में भी काफी ज्यादा है। ऐसे में पार्टी उन्हें दरकिनार नहीं करने का जोखिम उठा रही है।
चर्चा है कि कि जब तक सांसद के खिलाफ जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक पार्टी उन्हें पूरी तरह से नजरअंदाज नहीं कर सकती है। गोंडा और आसपास के जिलों के स्थानीय विधायक भी छह बार लोकसभा सांसद रह चुके बृजभूषण शरण सिंह के समर्थन में हैं।





