_इंदौर बीजेपी की सियासत में इन दिनों एक नई करवट देखने को मिल रही है। मुख्यमंत्री की सोशल मीडिया पोस्ट के बाद पार्षद जीतू यादव और पार्षद कमलेश कालरा के बीच की तनातनी अब यादव बनाम कालरा की लड़ाई से जाटव बनाम कालरा की सियासी लड़ाई का रूप ले चुकी है।_
_घटना के पांचवें दिन इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने पार्षद कमलेश कालरा के निवास पर जाकर उनका समर्थन जताया। इसे नगर निगम की राजनीति में बढ़ते ध्रुवीकरण के तौर पर देखा जा सकता है। कालरा,गौड़ गुट के करीबी माने जाते हैं, भार्गव के इस दौरे से अब उन्हें खुला समर्थन मिला है।_
_महापौर भार्गव का कालरा के निवास पर जाना एमआईसी सदस्य के लिए एक स्पष्ट संदेश माना जा रहा है।_
_यह सिर्फ एक औपचारिकता नहीं बल्कि भविष्य की राजनीति के संकेत हैं। इससे यह स्पष्ट हो रहा है कि गौड़ गुट का दबाव काम आया है और जीतू यादव(जाटव) के लिए भावी स्थितियां और भी चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं।_
ये हैं विकास की सुस्त गति जिसे देख कछुआ भी शरमा जाए…**
11 साल में भी नहीं बना पाए कर्मचारी राज्य बीमा निगम का अस्पताल…अब 1 साल में पूरा करने का दावा…**
2013 में केंद्र सरकार से मिली थी मंजूरी…**
यूनियन कार्बाइड के कचरे को पीथमपुर में जलाने को लेकर बवाल…यह है हकीकत…*
*पंकज भारती**इंदौर*

यूनियन कार्बाइड का कचरा पीथमपुर में जलन को लेकर फिलहाल बवाल मचा हुआ है। जनता द्वारा घनघोर विरोध के बावजूद सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देकर प्रदेश सरकार पीथमपुर स्थित रामकी कंपनी में ही इस कचरे के निस्तारण के लिए जुटी हुई है। जनता को यह बताने के लिए की उक्त कचरा जलने से किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होगा इसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किया जा रहे हैं। अधिकारियों द्वारा जनता के बीच जाकर उन्हें समझाया जा रहा है। वहीं प्रदेश सरकार द्वारा बड़े-बड़े विज्ञापन देकर स्थिति को स्पष्ट किया जा रहा है। अब हाई कोर्ट ने भी कचरे को निस्तारित करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार को 6 सप्ताह का समय दिया है। यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर का कचरा पीथमपुर में जलाना सुरक्षित है इस संबंध में 4 जनवरी को प्रदेश सरकार ने सरकारी विज्ञापन जारी किए थे। उक्त विज्ञापन में एक सवाल था कि दुर्घटना होने पर पीथमपुर में चिकित्सा सेवाओं का अभाव है इसका उत्तर देते हुए प्रदेश सरकार ने कहा है कि भारत सरकार के श्रम मंत्रालय द्वारा ईएसआईसी योजना के अधीन चिकित्सालय स्वीकृत है जिसका भूमि पूजन प्रधानमंत्री द्वारा किया जा चुका है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) का पीथमपुर में प्रस्तावित अस्पताल पिछले 11 सालों से सिर्फ कागजों में ही तैयार हो रहा है। 2013 में इस अस्पताल को केंद्र की मंजूरी प्राप्त हुई थी लेकिन अब तक इसका निर्माण नहीं किया जा सका है वहीं अब अधिकारियों का कहना है कि इस अस्पताल को अगले 1 साल में तैयार कर लिया जाएगा।
* मामला पहुंचा मानव अधिकार आयोग*
*मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के माननीय अध्यक्ष (कार्यवाहक) श्री मनोहर ममतानी ने विगत दिवस के विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित प्रथम दृष्टया मानव अधिकार उल्लंघन के ”07 मामलों में” संज्ञान लेकर संबंधितों से जवाब मांगा है*
इंदौर के भाजपा पार्षद कमलेश कालरा के बेटे को कपड़े उतारकर पीटा, एमआईसी सदस्य पर हमले का आरोप का मामला मानव अधिकार आयोग तक पहुच गया है। मानव अधिकार द्वारा जारी समाचार में कहा गया है कि इंदौर जिले के वार्ड- 65 के पार्षद के बेटे के साथ 30 से 40 बदमाशों द्वारा घर में घुसकर कपड़े उतारकर मारपीट करने की घटना सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पार्षद के बेटे ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि 30 से 40 लोगों द्वारा घर में घुसकर मेरे साथ मारपीट की और पार्षद पिता को अपशब्द भी कहे। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने पुलिस कमिश्नर, इंदौर से मामले की जांच कराकर की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन तीन सप्ताह में मांगा है।





