बीएमसी चुनाव के नतीजों के बाद अब मेयर पद की कुर्सी को लेकर सियासी पारा सातवें आसमान पर है. गुरुवार को मेयर पद के लिए लकी ड्रा निकलने वाला है. एक तरफ जहां बहुमत का जादुई आंकड़ा जुटाने के लिए एकनाथ शिंदे गुट और भाजपा ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है, वहीं दूसरी तरफ उद्धव ठाकरे गुट के खेमे में आज सुबह खलबली मच गई. कोकण भवन में पार्टी के नवनिर्वाचित पार्षदों के पंजीकरण के दौरान ठाकरे गुट की एक प्रमुख नगरसेविका अचानक ‘नॉट रिचेबल’ हो गईं. उनके गायब होने की खबर ने शिवसैनिकों की धड़कनें बढ़ा दीं, लेकिन कुछ घंटों के हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद वरिष्ठ नेता अनिल परब ने बड़ा खुलासा करते हुए पार्टी को राहत दी है.
मुंबई महानगरपालिका चुनाव में इस बार ठाकरे बंधुओं ने एकजुट होकर अपनी ताकत दिखाई और 72 सीटों पर जीत हासिल कर यह साबित कर दिया कि मुंबई में ‘ठाकरे ब्रांड’ का जलवा अभी भी बरकरार है. जीत के बाद आज कोकण भवन में ठाकरे गुट के सभी पार्षदों की आधिकारिक गुट पंजीकरण प्रक्रिया होनी थी. सभी जीते हुए नगरसेवक वहां पहुंच रहे थे, लेकिन चांदीवली के वार्ड क्रमांक 157 से नवनिर्वाचित नगरसेविका डॉ. सरिता म्हस्के नदारद थीं. सिर्फ इतना ही नहीं, जब पार्टी के नेताओं ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की, तो उनका फोन ‘नॉट रिचेबल’ आने लगा. शिंदे गुट ने पहले ही अपने पार्षदों को एक होटल में सुरक्षित भेजकर ‘रिसॉर्ट पॉलिटिक्स’ की शुरुआत कर दी है. ऐसे तनावपूर्ण माहौल में अपनी ही पार्टी की एक पार्षद का संपर्क से बाहर हो जाना ठाकरे गुट के लिए किसी झटके से कम नहीं था. राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई कि क्या ठाकरे गुट में भी सेंधमारी हो गई है? क्या डॉ. सरिता म्हस्के पाला बदलने वाली हैं?
अनिल परब ने संभाला मोर्चा
इन अटकलों और अफवाहों पर विराम लगाने के लिए ठाकरे गुट के संकटमोचक माने जाने वाले नेता अनिल परब सामने आए. मीडिया से बात करते हुए परब ने स्पष्ट किया कि घबराने की कोई बात नहीं है और पार्टी में कोई फूट नहीं पड़ी है. अनिल परब ने कहा, डॉ. सरिता म्हस्के हमारे संपर्क में हैं. वह कोकण भवन पहुंची थीं, लेकिन कुछ निजी और अपरिहार्य कारणों से वह बैठक में शामिल नहीं हो सकीं. वह पार्टी नेतृत्व के लगातार संपर्क में हैं. तकनीकी तौर पर पंजीकरण के लिए अभी भी समय बाकी है. जो पार्षद आज नहीं आ सके, उनका पंजीकरण अगले 25 दिनों के भीतर किया जा सकता है. परब ने आगे कहा कि डॉ. म्हस्के की अनुपस्थिति का जो कारण है, वह हमने विभागीय आयुक्त को बता दिया है, लेकिन उसे अभी मीडिया में सार्वजनिक नहीं किया जा सकता. उन्होंने जोर देकर कहा कि ठाकरे गुट का कोई भी नगरसेवक कहीं नहीं जा रहा है.
कौन हैं डॉ. सरिता म्हस्के?
जिनके नाम की चर्चा आज सुबह से मुंबई की राजनीति में हो रही थी, वे डॉ. सरिता म्हस्के पेशे से एक डॉक्टर हैं. उन्होंने चांदीवली इलाके के वार्ड क्रमांक 157 से शिवसेना (ठाकरे गुट) के टिकट पर चुनाव लड़ा था. यह जीत उनके लिए आसान नहीं थी क्योंकि उन्होंने भाजपा की कद्दावर और मौजूदा नगरसेविका आशा तायडे को हराया है. डॉ. सरिता म्हस्के ने आशा तायडे को लगभग 1800 वोटों के अंतर से पराजित किया. वह पेशे से एक होम्योपैथी डॉक्टर हैं और अपने इलाके में काफी सक्रिय रहती हैं. कोरोना महामारी के दौरान जब मुंबई सबसे बुरे दौर से गुजर रही थी, तब डॉ. म्हस्के ने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की सेवा की थी. उनके इसी सेवाभाव ने उन्हें जनता के बीच लोकप्रिय बनाया, जिसका परिणाम उनकी जीत के रूप में सामने आया है.
मेयर पद के लिए रस्साकशी जारी
मुंबई बीएमसी एशिया की सबसे अमीर नगरपालिका है और इस पर कब्जा जमाना हर पार्टी का सपना होता है. 72 सीटों के साथ ठाकरे गुट मजबूत स्थिति में है, लेकिन महापौर की कुर्सी तक पहुंचने के लिए अभी भी सियासी गणित बैठाना बाकी है. दूसरी तरफ, महायुति (शिंदे गुट और भाजपा) भी सत्ता हथियाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है. आज के ‘नॉट रिचेबल’ प्रकरण ने यह दिखा दिया है कि जब तक मेयर का चुनाव संपन्न नहीं हो जाता, तब तक पार्षदों को एकजुट रखना दोनों गुटों के लिए बड़ी चुनौती होगी. हर एक पार्षद की अहमियत सोने के भाव बराबर हो गई है.
कल्याण-डोंबिवली पर भी बोले परब
इस दौरान पत्रकारों ने अनिल परब से कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका में चल रही सियासी गतिविधियों पर भी सवाल पूछा. इस पर उन्होंने सधा हुआ जवाब देते हुए कहा, कल्याण-डोंबिवली में जो कुछ हुआ, उस पर पार्टी के वरिष्ठ नेता ही बात करेंगे. हमारे यहां वरिष्ठों के निर्णय से ही सब कुछ तय होता है. उनके मन में क्या है, यह हमें अभी पता नहीं है, लेकिन जो भी फैसला होगा, वह पार्टी के हित में होगा. कुल मिलाकर, डॉ. सरिता म्हस्के के संपर्क में आने से ठाकरे गुट ने राहत की सांस ली है, लेकिन मुंबई की राजनीति में अभी और भी कई नाटकीय मोड़ आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.





