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प्रवासी भारतीय सम्मेलन में एंट्री नहीं मिली तो भड़के प्रवासी: NRI बोले- ऐसा ही था तो बुलाया क्यों

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इंदौर

इंदौर में हो रहे प्रवासी भारतीय सम्मेलन के दौरान सोमवार को आयोजन स्थल पर उस समय हंगामा हो गया, जब कई NRI को हॉल में एंट्री करने से रोक दिया गया। वे पीएम नरेंद्र मोदी के संबोधन से पहले ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर के ग्रैंड हॉल में प्रवेश नहीं कर सके। लंदन के डिप्टी मेयर को भी मेन गेट पर ही रोक दिया गया। एक NRI को मामूली चोट आई।

इस पर कुछ प्रवासियों ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा- टीवी पर ही आयोजन दिखाना था तो बुलाया क्यों..? इधर इंदौर सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि शुरुआती दौर में थोड़ा समय जरूर लगा, लेकिन बाद में इसे ठीक कर लिया गया।

मामला इतना गंभीर हो गया कि पीएम के सामने ही सीएम शिवराज सिंह चौहान को मंच से माफी मांगनी पड़ी। सीएम ने कहा- माफी चाहता हूं, हॉल छोटा पड़ गया, लेकिन दिल में जगह की कमी नहीं है। इधर, सम्मेलन में आए दो NRI की तबीयत बिगड़ गई, जिनका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।

क्यों हुई अव्यवस्था… मेहमान 3200, हॉल की कैपेसिटी 2200
सुबह 9.45 बजे ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर का हॉल फुल होने पर एंट्री बंद कर दी गई। हॉल की कैपेसिटी 2200 लोगों के बैठने की है, लेकिन वहां 3000 से ज्यादा लोग पहुंच गए। कुछ NRI जबरदस्ती गेट खोलकर घुसे। उन्हें बड़े गेट पर फिर रोका गया। धक्का-मुक्की में एक एनआरआई के हाथ में चोट लग गई।

स्पेन से आए जगदीश फोबयानी ने कहा- टाइम से पहले पहुंचने के बाद भी हमें अंदर नहीं जाने दिया गया। कह रहे हैं कि हॉल की कैपेसिटी फुल हो गई है। नाइजीरिया से आए देवेश कुमार मिश्रा ने कहा कि हम 8.30 बजे आ गए थे। अंदर जाने नहीं दिया गया। ऐसा रहा तो हम वापस चले जाएंगे।

हॉल में एंट्री नहीं मिल पाने पर NRI नाराज दिखे। जगदीश फोबयानी (लेफ्ट) और देवेश मिश्रा (राइट) ने कहा कि ऐसा ही था तो हमें यहां बुलाया क्यों गया?

जिनके साथ प्रधानमंत्री को भोज करना था, उन्हें भी एंट्री से रोका
ब्रिलियंट कन्वेशन सेंटर के ग्रैंड हॉल में तय समय से डेढ़ घंटे पहले एंट्री रोक दी गई। कई NRI को रजिस्ट्रेशन हॉल में ही बैठाकर उनसे कहा गया कि वे स्क्रीन पर ही प्रोग्राम देखें। लंदन के डिप्टी मेयर (बिजनेस) राजेश अग्रवाल सुबह 9.45 बजे आयोजन स्थल पर पहुंच गए थे। अग्रवाल को भी आयोजन के मुख्य समारोह में जाने से रोक दिया गया।

अग्रवाल करीब 15 मिनट तक अंदर जाने के लिए संघर्ष करते रहे। उन्होंने विदेश मंत्रालय से मिला अपना आमंत्रण पत्र भी दिखाया। बाहर मौजूद मीडिया के कुछ लोगों ने उन्हें पहचाना और सुरक्षाकर्मियों को बताया। इसके बावजूद काफी देर बाद अंदर के अधिकारियों को फोन लगाया गया। बाद में उन्हें दूसरे गेट से अंदर दाखिला मिला। खास बात ये है कि अग्रवाल का नाम उन खास मेहमानों की सूची में भी है, जिन्हें प्रधानमंत्री ने दोपहर भोज पर आमंत्रित किया है।

हमारे बैठने की व्यवस्था नहीं कर पाए, निवेश कैसे आएगा
जमैका से आए 15 सदस्यीय दल को भी ग्रैंड हॉल में प्रवेश नहीं मिल सका। वहां से आए डेलीगेट्स ने इसे लेकर नाराजगी जताई। जमैका के प्रशांत सिंह ने मीडिया से चर्चा में कहा कि जमैका से वहां के मंत्री के साथ 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आया है। हम उन्हें भारत की ब्रांडिंग करके यहां लाए हैं। मुख्य इवेंट में शामिल नहीं हो पाने का दुख है। ऐसा नहीं होना चाहिए। ऐसे में वहां से निवेश कैसे आएगा।

उन्होंने कहा- भारत सरकार और शिवराज सरकार 3 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था भी नहीं कर सकी तो भारत ग्लोबल पॉवर कैसे बनेगा? ये इवेंट सरकार के मैनेजमेंट पर बड़ा तमाचा है।

अंदर सरकार के लोग बैठे हैं, हम बाहर हैं; ये कैसा अतिथि देवो भव:
अमेरिका से आईं महिला जूली जैन बोलीं, ‘मैं अमेरिका से आई हूं और ये बेहद अपमानजनक है कि हम लोगों से बोला गया कि आप टीवी पर देखिए, अगर टीवी पर देखना होता तो हम घर पर बैठकर देख लेते। हम सुबह 8 बजे आ गए थे, तब बोला गया कि हॉल फुल हो गया है और सारे दरवाजे बंद थे।

अंदर कितने ही लोग सरकार के बैठे हुए थे और कह रहे हैं कि अतिथि देवो भव:, ऐसे होता है क्या अतिथि देवो भव:। कई लोगों ने निवेश की योजना बनाई थी, लेकिन अब उन्होंने इरादा बदल दिया है। सब लोग मोदी जी की वजह से आए थे और उसी दिन इतनी अव्यवस्था हो गई, मैं बहुत निराश हूं।’

हम मोदी जी को करीब से देखने और सुनने आए थे, अब निराश हैं
यूनाइटेड किंगडम से आईं वीना सिंह ने कहा, ‘हम आमंत्रित मेहमान थे, रजिस्ट्रेशन कराया था। रजिस्ट्रेशन के चलते आपको पता ही होगा कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से कितने लोग यहां आ रहे हैं। हम यहां विशेष तौर पर प्रधानमंत्री मोदी को करीब से देखने और सुनने आए थे। कम से कम रजिस्टर्ड लोगों को तो बैठने की जगह उपलब्ध करानी चाहिए थी।

सुबह 9 बजे जब हम यहां पहुंचे तो हमसे कहा गया कि आप अंदर नहीं जा सकते क्योंकि हॉल फुल है। इसके बाद वे तरह-तरह के बहाने बनाते रहे। मैं समझ नहीं पा रही हूं कि आने वाले सदस्यों की पूरी जानकारी होने के बाद भी यहां पर ये अव्यवस्था क्यों हुई?’

पहले आओ पहले पाओ के सिस्टम ने मचाई आपाधापी
ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर के जिस ग्रैंड हॉल में पीएम मोदी की सभा हुई, उसकी बैठक क्षमता 2200 के करीब थी। ऐसे में 1300 लोगों के लिए दो हॉल में अलग से व्यवस्था की गई थी, लेकिन इसका कोई प्रॉपर मैसेज प्रवासियों तक नहीं पहुंच सका। अफसरों ने भी यह मैसेज करवा दिया कि ग्रैंड हॉल में पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर प्रवेश मिलेगा। इसी कारण आपाधापी मच गई।

ग्रैंड हॉल में ही चक्कर आया, पैरामेडिकल स्टाफ ने दिया CPR
सुबह 10.15 बजे मॉरीशस से आए एक NRI की ग्रैंड हॉल में तबीयत बिगड़ गई। ऐसा बताया गया कि उन्हें अटैक आया है। जिसके बाद उन्हें तत्काल पैरामेडिकल स्टाफ ने CPR दिया। तबीयत नॉर्मल होने के बाद उन्हें नजदीक के ही लाइफ केयर हॉस्पिटल में एडमिट करा दिया गया। यहां उनकी स्थिति खतरे से बाहर है और वे जनरल वार्ड में भर्ती हैं।ग्रैंड हॉल में मॉरीशस से आए एक NRI की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तुरंत मेडिकल फैसिलिटी प्रोवाइड कराते हुए CPR दिया गया।

रविवार रात भी मॉरीशस के NRI की तबीयत बिगड़ी
इससे पहले रविवार रात को मॉरीशस से आए एक NRI की तबीयत बिगड़ गई। वे विजयनगर क्षेत्र के एक होटल में ठहरे थे। उन्हें भंडारी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर ले जाया गया, जहां अब वे वेंटिलेटर पर हैं। डॉ. विनोद भंडारी के मुताबिक वे हाइपरटेंशन और डायबिटीज के पेशेंट है।

रात को उनका ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा बढ़ा हुआ था, जबकि शुगर भी 500 पहुंच गई थी। उन्होंने रात को नियमित दवाइयां भी नहीं ली थीं, जिसके चलते उनकी तबीयत बिगड़ी। अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. मोहक भंडारी के नेतृत्व में चार सीनियर डॉक्टरों की टीम उनके इलाज में जुटी है। फिलहाल वे वेंटिलेटर पर हैं, लेकिन स्टेबल हैं।

PM बोले- इंदौर पूरी दुनिया में लाजवाब

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज इंदौर में 17वें प्रवासी भारतीय सम्मेलन में शामिल हुए। मोदी ने कहा- आज दुनिया भारत की सुनती है। भारत में स्किल कैपिटल बनने का सामर्थ्य है, यह दुनिया के विकास का इंजन बन सकता है। भारत के पास सक्षम युवाओं की बड़ी तादाद है। हमारे युवाओं के पास स्किल भी है, वैल्यूज भी हैं। काम करने के लिए जरूरी जज्बा और ईमानदारी भी है।

PM मोदी ने इंदौर की खूब तारीफ की। कहा- इंदौर दुनिया में लाजवाब है। लोग कहते हैं कि इंदौर एक शहर है, लेकिन मैं कहता हूं कि इंदौर एक दौर है, जो समय से आगे चलता है। इस साल भारत दुनिया के जी-20 समूह की अध्यक्षता भी कर रहा है। भारत इस जिम्मेदारी को एक बड़े अवसर के रूप में देख रहा है। हमारे लिए यह दुनिया को भारत के बारे में बताने का अवसर है। हमें जी-20 को केवल एक डिप्लोमैटिक इवेंट नहीं, बल्कि जन भागीदारी का आयोजन बनाना है।

ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर के ग्रैंड हॉल में करीब 11.20 बजे मोदी जब मंच पर पहुंचे, तो हॉल मोदी-मोदी के नारों से गूंज उठा। प्रवासी भारतीयों को सूरीनाम के राष्ट्रपति चंद्रिका प्रसाद संतोखी, गुयाना के राष्ट्रपति मोहम्मद इरफान अली, विदेश मंत्री एस जयशंकर और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी संबोधित किया। मोदी ने प्रवासी भारतीयों को समर्पित डाक टिकट का विमोचन किया। सम्मेलन में करीब 70 देशों से आए 3200 प्रवासी भारतीय शिरकत कर रहे हैं।

डाक टिकट के विमोचन के दौरान गुयाना के राष्ट्रपति मोहम्मद इरफान अली के साथ पीएम मोदी। ये डाक टिकट प्रवासी भारतीयों को समर्पित था।

डाक टिकट के विमोचन के दौरान गुयाना के राष्ट्रपति मोहम्मद इरफान अली के साथ पीएम मोदी। ये डाक टिकट प्रवासी भारतीयों को समर्पित था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विशेष विमान से सुबह 11 बजे इंदौर एयरपोर्ट पहुंचे। खराब मौसम के कारण निर्धारित समय से करीब आधा घंटा लेट प्लेन लैंड हुआ।

PM ने इंदौर के लिए कहा…

स्वच्छता के साथ स्वाद की राजधानी

इंदौर अद्भुत है। लोग कहते हैं कि इंदौर एक शहर है, लेकिन मैं कहता हूं कि इंदौर एक दौर है, जो समय से आगे चलता है, फिर भी विरासत को समेटे रहता है। इंदौर पूरी दुनिया में लाजवाब है। इंदौरी नमकीन का स्वाद, साबूदाने की खिचड़ी, कचौरी, समोसे, शिकंजी …जिसने भी इसे देखा उसके मुंह का पानी नहीं रुका। जिसने इन्हें चखा, उसने कहीं और मुड़कर नहीं देखा। 56 दुकान तो प्रसिद्ध है ही, सराफा भी महत्वपूर्ण है। यही वजह है कि लोग इंदौर को स्वच्छता के साथ स्वाद की राजधानी भी कहते हैं।

मध्यप्रदेश के बारे में…उज्जैन जाकर भव्य महाकाल जरूर देखें

मोदी ने कहा MP में मां नर्मदा का जल, जंगल, आदिवासी परंपरा और यहां बहुत कुछ है, जो आपकी यात्रा को अविस्मरणीय बनाएगा। उज्जैन में भी भव्य महाकाल लोक का विस्तार हुआ है। आप सभी वहां जाएं और महाकाल का आशीर्वाद लें।

NRI सम्मेलन को संबोधित करने के लिए जैसे ही मोदी अपनी सीट से उठे। मंच समेत नीचे बैठे मेहमानों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया।

NRI सम्मेलन को संबोधित करने के लिए जैसे ही मोदी अपनी सीट से उठे। मंच समेत नीचे बैठे मेहमानों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया।

प्रवासी भारतीयों के बारे में बोले…

NRI विदेशी धरती पर भारत के राष्ट्रदूत

दुनिया के अलग-अलग देशों में भारत के लोगों की एक कॉमन तस्वीर दिखती है, तो वसुधैव कुटुम्बकम की भावना उसके साक्षात दर्शन कराती है। दुनिया में जब सबसे अनुशासित और शांतिप्रिय लोगों की चर्चा होती है, तो मदर ऑफ डेमोक्रेसी का गौरव बढ़ जाता है। जब विश्व हमारा आकलन करता है, तो सशक्त और समर्थ भारत की आवाज सुनाई देती है। इसीलिए मैं सभी प्रवासी भारतीयों को विदेशी धरती पर भारत का राष्ट्रदूत यानी ब्रांड एम्बेस्डर कहता हूं।

गुयाना के राष्ट्रपति मोहम्मद इरफान अली के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। मोहम्मद इरफान अली ने अपने भाषण में गुयाना में मोदी के दौरे का जिक्र किया।

देश की ताकत पर PM ने कहा…

दुनिया का 40% कैशलेस ट्रांजेक्शन अकेले भारत में

पिछले कुछ साल में भारत ने विकास की जो गति और उपलब्धि हासिल की है, वो अविस्मरणीय है। जब कैशलेस ट्रांजेक्शन की बात होती है, तो दुनिया के 40% ट्रांजेक्शन भारत में होते हैं। भारत 1 मिनट में 100-100 सैटेलाइट लॉन्च करने का रिकॉर्ड बना रहा है। हमारी ताकत दुनिया देख रही है। ये दमखम भारत से जुड़े हर व्यक्ति का सीना चौड़ा कर देता है। भारत की ताकत आने वाले दिनों में और ज्यादा बढ़ने वाली है। भारत को लेकर क्यूरियोसिटी भी बढ़ेगी। ऐसे में भारत से बाहर रहने वाले भारतीयों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।

G-20 सम्मेलन को लेकर…

दुनिया को भारत के बारे में बताने का बड़ा अवसर

इस साल भारत दुनिया के G-20 सम्मेलन की अध्यक्षता भी कर रहा है। भारत इस जिम्मेदारी को अवसर के रूप में देख रहा है। हमारे लिए ये दुनिया को भारत के बारे में बताने का अवसर है। ये दुनिया के लिए भारत के अनुभवों से सीखने का, पुराने अनुभवों से सस्टेनेबल फ्यूचर की दिशा तय करने का अवसर है। हमें G-20 को केवल डिप्लोमैटिक आयोजन नहीं, बल्कि जनभागीदारी का आयोजन बनाना है, इसलिए भारत में देश अतिथि देवो भव: की जनभावना का दर्शन करेंगे। आप उनको भारत के बारे में बता सकते हैं।

भारत की उपलब्धियों पर…

दुनिया में क्यूरियोसिटी होती है कि भारत कैसे कर रहा है

कोरोना महामारी के बीच कुछ महीनों में ही भारत अपनी वैक्सीन बनाता है। 220 करोड़ डोज फ्री लगाने का रिकॉर्ड बनाता है। वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत उभरती हुई इकोनॉमी बनता है। भारत टॉप फाइव इकोनॉमी में शामिल होता है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप ईको सिस्टम बनता है। मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में मेक इन इंडिया का डंका बजता है। जब भारत अपने दम पर तेजस फाइटर प्लेन, आइएनएस विक्रांत और अरिहंत जैसी न्यूक्लियर सबमरीन बनाता है तो दुनिया में क्यूरियोसिटी होती है कि भारत क्या कर रहा है। कैसे कर रहा है?

NRI को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत का राष्ट्रदूत कहा। मोदी ने कहा, जब हमारा विश्व आकलन करता है, तो सशक्त और समर्थ भारत की आवाज सुनाई देती है।

विदेशों में जन्मे युवाओं पर कहा…

विदेशों में पले-बढ़े युवा देश के बारे में जानना चाहते हैं

भारत के पास वो प्रवासी युवा भी हैं, जो भारत से जुड़े हैं। नेक्स्ट जेनरेशन युवा, जो विदेश में जन्मे हैं, वहीं पले-बढ़े हैं, वे अपने माता-पिता के देश के बारे में जानना चाहते हैं। ये हमारी जिम्मेदारी है कि हम उनको भारत के बारे में बताएं। उनको भारत दिखाएं भी। ये युवा फ्यूचर वर्ल्ड को भारत के बारे में अच्छे से बताएंगे। जितनी युवाओं में जिज्ञासा बढ़ेगी, उतना ही पर्यटन बढ़ेगा। रिसर्च बढ़ेगी। युवा भारत के पर्वों के दौरान, मेलों के दौरान भी आ सकते हैं। आज भारत का ये वादा है, आप दुनिया में कहीं भी रहेंगे, देश आपके हित में आपके साथ रहेगा।

भारत की व्यापारिक परंपरा पर कहा…

हमने सदियों पहले वैश्विक व्यापार की बुनियाद खड़ी की

हमारे यहां कहा जाता है- स्वदेशो भुवनत्रयम्, अर्थात हमारे लिए पूरा संसार ही हमारा देश है। इसी वैचारिक बुनियाद पर हमारे पूर्वजों ने भारत के सांस्कृतिक विस्तार को आकार दिया था। हम दुनिया के अलग-अलग कोनों में गए। हमने सदियों पहले वैश्विक व्यापार की बुनियाद खड़ी की थी। हम विदेश गए। अलग-अलग देशों अलग-अलग सभ्यताओं के बीच वैश्विक व्यापार से कैसे समृद्धि के रास्ते खोल सकते हैं? भारत ने और भारतीयों ने करके दिखाया।

Ramswaroop Mantri

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