मध्यप्रदेश में तीसरा मोर्चा का विकल्प हमेशा से बाहर के नेताओं ने आकर तैयार करने की कोशिश की है। परंतु कभी भी वे सफल नहीं हो पाए और न ही एमपी के लोगों ने इन पर भरोसा किया है। लेकिन अब मध्यप्रदेश के स्थानीय नेताओं को लेकर तीसरा मोर्चा बनाया जाएगा। निर्वाचन आयोग में पार्टी के नाम के लिए आवेदन कर दिया है। वहां से नाम मिल जाने के बाद नाम सार्वजनिक किया जाएगा।
यह बातें प्रेमचंद गुड्डू ने कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस से निष्कासित सभी नेताओं को वे अपनी पार्टी के साथ जोड़ने का प्रयास करेंगे। उनका कहना है कि भाजपा के लोग भी उनके संपर्क में हैं। गुड्डू ने लोकसभा चुनाव के संबंध में कहा कि अभी समय नहीं है, उनकी पार्टी का नाम भी नहीं मिला है। इसलिए लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे, परन्तु जो अच्छे प्रत्याशी होंगे उनका समर्थन किया जाएगा।

गुड्डू ने कांग्रेस द्वारा निष्कासन पर एक पत्र जारी कर कहा कि विधानसभा चुनाव के पहले ही वे अपना इस्तीफा तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ को दे चुके थे। लेकिन अब चुनाव के बाद उनका कांग्रेस से निष्कासन बचकाना एलान है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने भाजपा से सौदेबाजी करते हुए कांग्रेस को बर्बाद किया था और अब नया नेतृत्व भी उन्हीं के नक्शे कदम पर चल रहा है। लोकसभा चुनाव में प्रदेश की बची-खुची कांग्रेस का नामो निशान भी मिटाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र लिखकर भाजपा से सांठगांठ किए जाने की विस्तृत जानकारी भेजी है।





