अग्नि आलोक
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वादा करो, जवाहर का साथ नहीं छोड़ोगे- सरदार पटेल

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*Earlier that day Patel said to Gadgil: “ I am not going to live. Make me a promise.” When Gadgil said yes, the Sardar took his friend’s hand in his hand and continued: “Whatever your differences with Panditji, do not leave him.”*
*दिल से इस प्रसंग को पढ़िए। 6 दिसंबर को पटेल बीमारी के कारण दिल्ली छोड़ कर अहमदाबाद जा रहे हैं। भारतीय वायु सेना के दकोटा विमान में बैठने से पहले अपने मित्र गाडगिल से कहते हैं “ मैं नहीं जीऊंगा। मुझसे एक वादा करो। “ जब गाडगिल कहते हैं  हां, तब सरदार अपने मित्र का हाथ अपने हाथ में लेते हैं और कहते है “ तुम्हारे पंडित जी जो भी मतभेद रहे हैं, उनका साथ मत छोड़ना।”* 
*यह प्रसंग पढ़ते समय कोई भी भरभरा कर रो दे। दोनों नेताओं के बीच खुल कर असहमति के साथ सहमति का ऐसा रिश्ता इतिहास में दूसरा नहीं होगा। लेकिन मोदी ब्रिगेड ने नेहरू को बदनाम करने के लिए सरदार जैसे आज़ादी के आदर्श सिपाही का इस्तमाल किया। इससे शर्मनाक क्या हो सकता है।* 
*पटेल के दिल में अगर नेहरू के लिए प्यार न होता तो अपने मित्र से नहीं कहते कि तुम पंडितजी को मत छोड़ना।* 
*राजमोहन गांधी ने सरदार पटेल की जीवनी लिखी है। पेज नंबर 532 पर दर्ज है। आज़ादी के समय के नेता अपनी ही कमियों को लेकर खुले दिल से लड़ते थे। आप भी इन्हें मत पूजिए। इनके फ़ैसलों की ख़ूब आलोचना और समीक्षा कीजिए लेकिन इनके नाम पर घटिया राजनीति को हवा मत दीजिए।*

Ramswaroop Mantri

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