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केंद्रीय बजट में आरोपों की परवाह किए बगैर निजीकरण को बढ़ावा देने के प्रस्ताव

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एस पी मित्तल, अजमेर

1 फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2022-23 का वार्षिक बजट संसद में पेश किया। संसद के इतिहास में यह पहला मौका रहा जब वित्त मंत्री ने कागज पर लिखे के बजाए ईपैड पर बजट को पकड़कर सुनाया। यानी पूरा बजट पेपर लैस रहा। वित्त मंत्री ने घोषणा की कि केंद्रीय सचिवालय को भी पेपर लैस किया जाएगा। सांसदों को बजट की प्रति भी मेल के जरिए डिजिटल सिस्टम से मिलेगी। कोई पौने दो घंटे तक निर्मला सीतारमण ने अपने आईपैड को देखकर धाराप्रवाह बजट को पढ़ा। यूं तो बजट में अनेक घोषणाएं की गई, लेकिन इस बजट में उत्तर प्रदेश और पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनावों का भी ख्याल रखा गया। पिछले दिनों तीन कृषि कानूनों के विरोध में चले आंदोलन का प्रभाव सबसे ज्यादा यूपी और पंजाब में ही देखा गया। इसलिए वित्त मंत्री ने बजट में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर रिकॉर्ड खरीद की घोषणा की। भले ही एमएसपी पर गारंटी की कोई बात नहीं कही गई हो, लेकिन किसानों को खुश करने के लिए बहुत से वादे किए गए हैं। इनमें ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने की भी बात है। एयर इंडिया जैसे संस्थानों को निजी क्षेत्र में देने को लेकर भले ही आलोचना हो रही हो, लेकिन इन आलोचनाओं की परवाह किए बगैर वित्त मंत्री ने कहा कि रेल जैसे अन्य क्षेत्रों में भी निजीकरण को बढ़ावा दिया जाएगा। इसमें बैंकिंग सिस्टम भी शामिल हैं। एलआईसी का आईपीओ जारी कर सरकार ने यह बताने की कोशिश की है कि सरकारी क्षेत्र में निजीकरण का अभियान जारी रहेगा। बजट में टैक्स सीमा को बढ़ाने की कोई घोषणा नहीं की गई, लेकिन पेंशनरों को इनकम टैक्स में छूट दी गई है। इसी प्रकार कोऑपरेटिव टैक्स 18 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है, इससे डेयरी उद्योग को राहत मिलेगी।

जट की प्रमुख बातें:
इसी साल लॉन्च होगी डिजिटल करेंसी-ब्लॉकचेन और अन्य टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए इसी साल आरबीआई डिजिटल रुपया जारी करेगी। इससे इकोनॉमी को बहुत अधिक बढ़ावा मिलेगा। क्रिप्टोकरेंसी से होने वाली कमाई पर 30 प्रतिशत का टैक्स लगाया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि वर्चुअल डिजिटल असेट्स के टैक्सेशन में बदलाव किया गया है। ऐसी किसी भी प्रॉपर्टी के ट्रांसफर पर 30 प्रतिशत टैक्स लगेगा, कोई छूट नहीं मिलेगी। कॉरपोरेट टैक्स को 18 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है।
निवेश के लिए 7.55 लाख करोड़: पूंजी निवेश से रोजगार बढ़ाने में बड़े उद्योगों और एमएसएमई दोनों से मदद मिलती है। महामारी के असर से बाहर निकलने के लिए यह जरूरी है। निजी निवेशकों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसके लिए केंद्रीय बजट में 5.54 लाख करोड़ रुपए से बढ़ाकर 7.55 लाख करोड़ का प्रावधान कर दिया गया है। क्लाइमेट चेंज से निपटने के लिए सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड जारी किए जाएंगे। इससे मिलने वाली रकम को ऐसे प्रोजेक्ट्स में लगाया जाएगा जो कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में मददगार होंगे। सेमी कंडक्टर निर्माण के लिए इंडस्ट्री डेवलप की जाएगी। इससे निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा।
गेमिंग और एनिमेशन बनेंगे इकोनॉमी का हिस्सा: एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स यानी एवीजीसी सेक्टर में रोजगार की असीम संभावनाएं हैं। ऐसे में एवीजीसी प्रमोशन टास्क फोर्स इससे जुड़े सभी स्टाक होल्डर्स के साथ बातचीत करेगी। ऐसे रास्ते तलाशेगी जिससे हमारी घरेलू क्षमता के जरिए हम अपने बाजार और ग्लोबल मार्केट की जरूरतें पूरी कर सकें।
रोजगार और गरीबों के लिए ऐलान: पीएम गति शक्ति मास्टर प्लान के तहत एक्सप्रेसवे बनेंगे। नेशनल हाईवे नेटवर्क 25 हजार किमी तक बढ़ाया जाएगा। इस मिशन के लिए 20 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। हमारी कोशिश 60 लाख नए रोजगार का सृजन करने की होगी। गरीबों के लिए 80 लाख घर बनाए जाएंगे। 48000 करोड़ रुपए इसका बजट है। 2022-23 में ईपासपोर्ट जारी किए जाएंगे जिनमें चिप लगी होगी। विदेश जाने वालों को सहूलियत होगी। डाकघरों में भी अब एटीएम मिलेंगे।
वहीं एमएसएमई को मजबूत करने के लिए नई योजनाएं शुरू होंगी। 5 साल में 6000 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। उदयम, ईश्रम, एनसीएस और असीम पोर्टल आपस में जुड़ेंगे। इससे इनकी संभावनाएं और ज्यादा बढ़ेंगी। अब ये लाइव ऑर्गेनिक डेटाबेस के साथ काम करने वाले प्लेटफॉर्म होंगे। इनसे क्रेडिट सुविधाएं मिलेंगी और आंत्रप्रेन्योरशिप के लिए संभावनाएं बनेंगी। इसी प्रकार महामारी के दौरान स्कूल बंद रहने से गांव के बच्चों को दो साल शिक्षा से वंचित रहना पड़ा। पीएम ईविद्या के तहत ऐसे बच्चों के लिए एक क्लास एक टीवी चैनल प्रोग्राम के तहत अब चैनल 12 से बढ़ाकर 200 कर दिए जाएंगे। ये चैनल क्षेत्रीय भाषाओं में होंगे। व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए तकनीक की मदद ली जाएगी। एक डिजिटल यूनिवर्सिटी की स्थापना की जाएगी। भाषण में 400 नई जनरेशन की वंदे भारत ट्रेन अगले 3 साल के दौरान चलाई जाएंगी। 100 प्रधानमंत्री गति शक्ति कार्गो टर्मिनल भी इस दौरान डेवलप किए जाएंगे। मेट्रो सिस्टम को डेवलप करने के लिए इनोवेटिव रास्ते अपनाए जाएंगे। एमएसपी का भुगतान सीधे किसानों के खाते में किया जाएगा। गंगा के किनारों के 5 किमी के दायरे में आने वाली जमीन पर ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। खेती की जमीन के दस्तावेजों का डिजिटलीकरण होगा। राज्यों को एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के सिलेबस बदलने को कहा जाएगा ताकि खेती की लागत को कम किया जा सके। फलों और सब्जियों की उन्नत किस्म अपनाने वाले किसानों की मदद के लिए राज्यों के साथ मिलकर काम करेंगे किसानों को डिजिटल सर्विस मिलेगी, जिसमें दस्तावेज, खाद, बीज, दवाई से संबंधित सेवाएं शामिल हैं। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा दिया जाएगा, कुल खरीदी बजट में से 68 प्रतिशत को घरेलू बाजार से खरीदी पर खर्च किया जाएगा, इससे रक्षा उपकरणों के आयात पर निर्भरता कम होगी, पिछले वित्त वर्ष से यह 58 फीसदी ज्यादा है।

Ramswaroop Mantri

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