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महंगाई व ईंधन के मूल्यवृद्धि के खिलाफ सम्भागायुक्त कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन

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मुश्किल वक्त में बार बार टेक्स बढाकर मुनाफाखोरी कर रही है सरकार

   इंदौर।  संयुक्त किसान मोर्चे के आव्हान पर डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस, दालें जैसी आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के खिलाफ किसान संगठनों, मजदूर संगठनों  के कार्यकर्ताओं ने आज इंदौर के संभाग आयुक्त कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया तथा मांग की कि सरकार मुनाफाखोरी बंद कर जनता को लूटना बंद करें प्रदर्शनकारी महंगाई के खिलाफ नारे लिखी तख्तियां लिए हुए थे तथा बड़ी देर तक नारेबाजी करते रहे यह प्रदर्शन संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े अखिल भारतीय किसान सभा, अखिल भारतीय किसान खेत मजदूर संगठन किसान संघर्ष समिति, एटक,   एचएमएस, मध्य प्रदेश  आदिवासी एकता महासभा , अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन सहित विभिन्न संगठनों द्वारा आयोजित किया गया था प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शरीक थे ।प्रदर्शन का नेतृत्व सर्व श्री अरुण चौहान, रामस्वरूप मंत्री,   हरिओम सूर्यवंशी, अरविंद पोरवाल,  जयप्रकाश  गुगरी ,सोनू शर्मा आदि ने किया ।


 

 प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए विभिन्न वक्ताओं ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने ने अच्छे दिन का सपना दिखाकर केंद्र में सरकार बनाई , लेकिन केंद्र सरकार की गलत नीतियों के चलते आज देश की आर्थिक स्थिति गर्त में चली गई है, जिसके चलते पूरा देश महंगाई की मार झेल रही है। केंद्र सरकार द्वारा डीजल और पेट्रोल की कीमतों में बार बार वृद्धि की जा रही। पिछले 10 माह में रसोई गैस के दामों में 41 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत रसोई गैस पर सब्सिडी खत्म कर दी कर दी गई है ,अन्य उपभोक्ताओं के लिए सब्सिडी 10 रुपए से भी कम है। लॉकडॉउन के पिछले तीन माह के दौरान पेट्रोल व डीजल पर लगने वाले केंद्रीय उत्पाद शुल्क और कीमतों में बार बार की गई अनुचित बढ़ोत्तरी से देश के गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों की आर्थिक स्थिति बहुत ही खराब हो गई है । जहां एक तरफ देश स्वास्थ्य व आर्थिक महामारी से लड़ रहा है वहीं दूसरी ओर मोदी सरकार पेट्रोल और डीजल की कीमतों और उस पर लगने वाले उत्पाद शुल्क को बार बार बढ़ाकर इस मुश्किल वक्त में मुनाफा खोरी कर रही है। इससे मोदी सरकार द्वारा भारत के नागरिकों से की जा रही जबरन वसूली स्पष्ट साबित हो रही है।        प्रदर्शन में प्रमुख रूप से अजय यादव,  अवधेश यादव , अंचल सक्सेना, श्याम सिंगारे ,राकेश मीनावा , काशीराम नायक, भरत चौहान ,सुमित सोलंकी ,जमुना बाई जादौन, रुकमणी बाई राठौर ,जरीना शाह सहित बड़ी संख्या में महिला -पुरुष शरिक थे। 
 प्रदर्शनकारियों ने बाद में संभागायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया जिसमें मांग की गई है कि बढ़ती हुई महंगाई पर तत्काल रोक लगाई जाए, पेट्रोल डीजल पर भारत सरकार और प्रदेश सरकार द्वारा लगाए जा रहे करो की वृद्धि रोकी जाए और पेट्रोल डीजल और रसोई गैस के मूल्य कम किए जाएं ।
तीनों किसान विरोधी  कानून वापस लिए जाएं, सभी श्रम कानूनों की बहाली की जाए श्रम संहिता लागू नहीं की जाए ।
गांव से आदिवासियों को बेदखल करने के लिए जमीनों से मकानों से उन्हें हटाया जा रहा है, इस पर तत्काल रोक लगाई जाए । जल जंगल और जमीन का मौलिक अधिकार आदिवासियों का है और इसे किसी भी सूरत में छीनने का प्रयास ना हो।

Ramswaroop Mantri

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