इंदौर
कोरोना में जीवनरक्षक इंजेक्शन और दवाइयों की कालाबाजारी करने वाली दो गैंग के आरोपियों पर कलेक्टर ने रासुका की कार्रवाई की है। 11 आरोपियों में से 6 पर कार्रवाई की गई है।
इनमें अजहर पिता (28) अफसार अहमद निवासी 78 जी अशरफ नगर खजराना, जुबैर खान (28) पिता छोटू खान निवासी स्वर्ण बाग काॅलोनी मस्जिद वाली गली विजय नगर, दिनेश (28) पिता वंशीलाल चौधरी निवासी 126 अनुराग नगर, बाॅम्बे हास्पिटल, धीरज (26) पिता तरुण साजनानी निवासी स्कीम 114 पार्ट ए, निर्मल शाक्य (25) पिता शेखर शाक्य निवासी अरबिंदो पालिया रोड, तहसील सावेर, मोहम्मद साजिद पटेल (25) पिता मोहम्मद शहजाद पटेल निवासी स्कीम 94 खजराना है। बाकी अन्य आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
यह था मामला
3 दिन पहले विजयनगर थाना प्रभारी तहजीब काज़ी को महिला ने शिकायत की थी। उसने बताया कि रेमडेसिविर इंजेक्शन और दवाएं एक व्यक्ति उपलब्ध करा रहा है। वह सिर्फ महिलाओं को ही यह देने की बात कह रहा है। पुलिस ने SI प्रियंका को इंजेक्शन के लिए भेजा। आरोपी सुरेश यादव निवासी बाणगंगा से मैसेंजर पर टोसिलिजुमैब इंजेक्शन को देने की बात कर रहा था। महिला पुलिस अधिकारी और थाने के आरक्षक ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ के बाद धीरज और दिनेश को पकड़ा गया। दोनों ने बताया, इंजेक्शन प्रवीण उर्फ सिद्धार्थ नाम युवक से लेते थे।
सख्ती से पूछताछ की, तो असीम भाले का भी नाम सामने आया। इसके बाद सुनील मिश्रा नामक युवक का नाम सामने आया है। उसकी कॉल डिटेल निकाली, तो लोकेशन गुजरात के सूरत में मिली। सूरत पुलिस तुरंत आरोपी सुनील मिश्रा को हिरासत में लेकर फैक्टरी पर छापा मारा, जहां नकली स्टिकर और हजारों की तादाद में नकली इंजेक्शन की शीशियां मिलीं। इसमें से कई ग्लूकोज और पानी से भरी हुई थीं। यहां से गिरोह के और सदस्यों को भी पकड़ा है।
अब तक रेमडेसिविर बेचते ये भी पकड़े गए
- एसटीएफ ने चिड़ियाघर के पास रेमडेसिविर बेच रहे एमआर राजेश पिता जगदीश पाटीदार निवासी राऊ और उसके दोस्त ज्ञानेश्वर पिता धनराज बारसकर निवासी भमौरी को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में कबूल किया है, ये इंजेक्शन वे विजयनगर स्थित राज मेडिकल के अनुराग पिता घनश्याम सिंह निवासी स्कीम 114 से खरीद कर लाए थे। तीनों से 12 इंजेक्शन जब्त किए गए थे।
- पीथमपुर स्थित फार्मा कंपनी इपोक के मालिक डॉक्टर विनय शंकर त्रिपाठी निवासी रानीबाग से 20 लाख रुपए के 400 इंजेक्शन जब्त किए गए थे। क्राइम ब्रांच एएसपी गुरुप्रसाद पाराशर के अनुसार वह हिमाचल में अवैध रूप से इंजेक्शन बनाकर यहां बेचने लाया था।
- 10 दिन पूर्व सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में पीड़ित पक्ष ने नर्स पर इंजेक्शन बेचने का आरोप लगाया गया था। उसका भी वीडियो वायरल हुआ था, लेकिन मामले में कार्रवाई नहीं हुई।
- राजेंद्र नगर पुलिस ने नीलेश नाम के व्यक्ति को रेमडेसिविर की कालाबाजारी करते पकड़ा था। उसने पीड़ित परिवार से इंजेक्शन देने के लिए 22 हजार रुपए में सौदा किया था।
- रविवार को राजेंद्रनगर थाना पुलिस ने बारोड अस्पताल की नर्स कविता चौहान,डॉक्टर भूपेंद्र परमार और एमआर शुभम को गिरफ्तार किया था ।कविता ने कहा इंजेक्शन 35 हजार रुपये में देगी। उसने कहा एक इंजेक्शन बिक गया है
- सोमवार को कनाडिया थाना क्षेत्र में रेमडेसिविर के 2 इंजेक्शन के साथ लैब टेक्नीशियन को पकड़ा गया है। वह दो इंजेक्शन जरूरतमंद मरीज के परिजन को 52 हजार रुपए में बेच रहा था।





