इंदौर। शहर के सदर बाजार इलाके स्थित जामा मस्जिद को सन 2018 में सराफा थाने में मर्ज कर दिया गया था। जिसके चलते नमाजी भी परेशान तो थे ही साथ ही नाराज भी। वहीं पुलिस भी परेशान थी। लिहाजा अब कहीं जाकर 3 साल बाद जामा मस्जिद को एएसपी राजेश व्यास के प्रतिवेदन पर दोबारा सदर बाजार थाना इलाके में शामिल कर लिया गया है। वीदित रहे कि कस्तूरबा स्कूल,जैन मंदिर, पुराना एसपी ऑफिस सर्राफा मैं ही रहेंगे।
उक्त पूरे मामले की पुष्टि करते हुए एसपी पश्चिम महेशचन्द्र जैन ने चांद पर उड़ान प्रधान संपादक शाहरुख कुरेशी को बताया कि प्रसिद्ध जामा मस्जिद को लेकर पुनर्विचार प्रतिवेदन उनके पास प्रतिवेदन आया था। जिसके चलते जामा मस्जिद को दोबारा सदर बाजार में शामिल कर दिया गया है। लिहाजा अब जामा मस्जिद से सम्बंधित सभी सभी कार्य सदर बाजार थाना पुलिस देखेगी।
नमाजी थे नाराज
सदर बाजार की उक्त मस्जिद को सराफा थाना में शामिल करने को लेकर अधिकांश नमाजी नाराज थे। जामा मस्जिद में सदर बाजार,बड़वाली चौकी, बजरिया,भिश्ती मोहल्ला सहित आसपास के अन्य नमाजियों को यहां आना जाना रहता है। लेकिन 2018 में इसे सराफा में शामिल करने के बाद नमाजी इस आदेश के खिलाफ थे। उस समय विरोध भी हुआ था। अभी एडिशनल एसपी की सूझबूझ से निर्णय लेते हुए एसपी के समक्ष प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जिस एसपी ने आज आदेश जारी कर दिया है।
एएसपी और एसपी ने निभाई अहम


जामा मस्जिद को सदर बाजार में दोबारा शामिल किए जाने की मांग पिछले लंबे समय से उठ रही थी। लिहाजा नमाजियों की मांग कबूल करवाने में एएसपी राजेश व्यास और पश्चिम एसपी महेशचन्द्र जैन की भूमिका अहम बताई जा रही है। जबकि इस नए आदेश के बाद मुस्लिम समाजजन खुश भी हो गए है।





