भाेपाल
महाशिवरात्रि से आधे मध्य प्रदेश में बदला माैसम का मिजाज दूसरे दिन शुक्रवार काे भी बरकरार रहा। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण दक्षिण पूर्वी मप्र और पश्चिमी राजस्थान में बने ऊपरी के चक्रवाताें के कारण भाेपाल सहित 22 जिलों में बारिश हुई। शाजापुर, श्यामपुर, सीहोर, सहित कई इलाकों में बारिश के साथ ओले भी गिरे। भोपाल में माैसम ने सुबह से शाम तक चार रंग बदले। सुबह 10 बजे तक फुहारें पड़ीं। दाेपहर में हल्की धूप निकली। शाम 6 बजे के बाद तेज हवा और शाम 7 बजे के बाद तेज बारिश हुई।
राजधानी में गुरुवार के मुकाबले शुक्रवार काे दिन का तापमान 7 डिग्री लुढ़क गया। यहां 20 दिन बाद दिन का तापमान सामान्य से 1 डिग्री कम 32.6 डिग्री पर पहुंच सका। माैसम वैज्ञानिक पीके साहा ने बताया कि सीहाेर के पास 900 मीटर ऊंचाई पर गरज-चमक वाले बादल यानी क्यूंबलाे निंबस क्लाउड बनने के कारण भाेपाल में तेज बारिश हुई और तेज हवा चली।
भोपाल : आधा इंच से ज्यादा बारिश

सोमवार से फिर तेज गर्मी… माैसम वैज्ञानिक एचएस पांडे के मुताबिक वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण शुक्रवार काे दक्षिण पूर्वी मप्र में बना ऊपरी हवा का चक्रवात कमजाेर पड़ गया है। यह राजस्थान तरफ शिफ्ट हाे गया है। भाेपाल में शनिवार काे भी हल्के बादल छाए रहेंगे। रविवार से तापमान बढ़ेगा। साेमवार से फिर तेज गर्मी पड़ने का अनुमान है।
शाजापुर में ओले

इन जिलाें में बारिश… भाेपाल, गुना, शिवपुरी, बैतूल, हाेशंगाबाद, खंडवा, राजगढ़, मुरैना, नीमच, अशाेक नगर, छिंदवाड़ा, मंडला, सिवनी, टीकमगढ़, मुरैना, सागर, कटनी, जबलपुर, उमरिया, छतरपुर, शहडाेल, डिंडाेरी।
सीहोर : शरबती की चमक फीकी पड़ेगी

40% तक कम हो सकते हैं दाम… देशभर में प्रसिद्ध सीहोर के शरबती गेहूं पर बारिश का असर पड़ सकता है। शरबती पर पानी पड़ने से इसकी चमक फीकी पड़ जाती है। इससे दाम 40% तक कम हो जाते हैं। सीहोर जिले में 80% तक फसलें कट चुकी हैं। इनमें से 50% फसलें निकाल ली गई हैं, जबकि 30% फसलें बची हैं वह खुले में पड़ी हैं।
बिजली गिरने से 4 लोगों की मौत
आकाशीय बिजली गिरने से शुक्रवार को शिवपुरी में दो, दतिया और भोपाल में एक-एक मौत हो गई। भोपाल के नजीराबाद इलाके में 40 वर्षीय किसान प्रेम सिंह गुर्जर, बेरखेड़ी गांव में रहता था। दोपहर में वह गांव के पास ही खेत में काम कर रहा था। उसी दौरान उसपर बिजली गिर गई।
आम पर भी असर
ओले-बारिश का सब्जियों के साथ-साथ आम के बोर पर भी असर पड़ेगा। तेज आंधी चलने से भी बोर गिर सकते हैं। यदि आगे भी बारिश होती है तो इस बार आम का उत्पादन कम हो सकता है।





