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रोवर ने चांद पर गड्‌ढा देखकर रास्ता बदला:आदित्य L-1 की लॉन्चिंग 2 सितंबर को सुबह,कोटा के कोचिंग्स में 2 महीने तक टेस्ट बैन

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सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ मंगलवार को अनुच्‍छेद 370 से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई जारी रखेगी। सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की अध्‍यक्षता में पांच जजों की बेंच बैठी है। याचिकाकर्ताओं ने आर्टिकल 370 निरस्त किए जाने के केंद्र सरकार के फैसले को चुनौती दी है। वहीं, पाकिस्तान का इस्लामाबाद हाई कोर्ट आज तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सजा के खिलाफ याचिका पर फैसला सुनाएगा। खान को एक सत्र अदालत ने तीन साल की जेल की सजा सुनाई थी।

आज के प्रमुख इवेंट्स

  1. भाजपा के दिल्ली हेडक्वार्टर में पार्टी महासचिवों की बैठक होगी। जेपी नड्डा की अध्यक्षता में होने वाली मीटिंग में MP, राजस्थान, छत्तीसगढ़ समेत 5 राज्यों में चुनावी तैयारियों पर चर्चा होगी।
  2. मणिपुर में हिंसा के 3 महीने बाद विधानसभा का सत्र बुलाया गया है। कुकी समुदाय के दो मंत्रियों समेत 10 विधायकों ने इसका बहिष्कार किया है। इससे पहले भी सत्र बुलाने की एक कोशिश नाकाम रही है।

इसरो सूर्य के अध्ययन के लिए तैयार भारत की पहली अंतरिक्ष-आधारित वेधशाला ‘आदित्य-एल1’ को 2 सितंबर को दिन में 11:50 पर श्रीहरिकोटा से लॉन्च करेगा। इस अंतरिक्ष यान को सौर कोरोना (सूर्य की सबसे बाहरी परतों) और एल1 पॉइंट पर सौर वायु की स्थिति का जायजा लेने के लिए तैयार किया गया है। नासा की पूर्व वैज्ञानिक डॉ. मिला मित्रा ने आगामी सूर्य मिशन ‘आदित्य-एल1’ के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

  • NCPCR ने पश्चिम बंगाल सरकार के मुख्य सचिव एचके द्विवेदी को पत्र लिखा है। उत्तर 24 परगना के दत्तपुकुर थाना क्षेत्र में हुए विस्फोट में घायल हुए कुछ नाबालिग बच्चों के मामले की जांच करने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।NCPCR ने पश्चिम बंगाल सरकार के मुख्य सचिव एचके द्विवेदी को पत्र लिखा है। उत्तर 24 परगना के दत्तपुकुर थाना क्षेत्र में हुए विस्फोट में घायल हुए कुछ नाबालिग बच्चों के मामले की जांच करने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

टेक्निकल फॉल्ट, ब्रिटेन में हवाई सफर ठप

टेक्निकल फॉल्ट के चलते पूरे ब्रिटेन में अचानक हवाई सफर ठप हो गया। इसकी वजह से न हो फ्लाइट न लैंड कर पा रही हैं न उड़ान भर पा रही है। अधिकारियों ने बताया कि बड़े पैमाने पर नेटवर्क फेल हो गया है। नैशनल एयर ट्रैफिक कंट्रोल सर्विस (NATS) के मुताबिक, हम तकनीकी समस्या से जूझ रहे हैं। सुरक्षा के लिहाज से हमने ट्रैफिक फ्लो पर पाबंदी लगा रखी है। (पीटीआई)

इमरान की याचिका पर फैसला आज

इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की तीन वर्ष कारावास की सजा को निलंबित करने के अनुरोध वाली याचिका पर सोमवार को अपना फैसला सुरक्षित रखा। इस्लामाबाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश आमिर फारुक और न्यायमूर्ति तारिक महमूद जहांगिरी की बेंच ने दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद सोमवार को फैसला सुरक्षित रख लिया। पीठ ने बाद में कहा कि फैसला मंगलवार को सुबह 11 बजे सुनाया जाएगा।

केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में बिहार जाति सर्वेक्षण का किया विरोध

केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसके अलावा किसी को भी जनगणना या इस तरह की कोई प्रक्रिया अपनाने का अधिकार नहीं है। शीर्ष अदालत के विचार के लिए संवैधानिक और कानूनी स्थिति रखते हुए बिहार में जाति आधारित सर्वेक्षण को चुनौती देने वाली याचिकाओं के जवाब में केंद्रीय गृह मंत्रालय के रजिस्ट्रार जनरल के कार्यालय द्वारा एक संक्षिप्त हलफनामा दाखिल किया गया। हलफनामे में कहा गया है कि ‘जनगणना का विषय संविधान की सातवीं अनुसूची में प्रविष्टि 69 के तहत संघ सूची में शामिल है और जनगणना अधिनियम, 1948 केवल केंद्र सरकार को जनगणना करने का अधिकार देता है।’ आगे कहा गया है, ‘यह प्रस्तुत किया गया है कि संविधान के तहत या अन्यथा (केंद्र को छोड़कर) कोई भी अन्य निकाय जनगणना या ऐसी कोई कार्रवाई करने का हकदार नहीं है।’

 प्रज्ञान रोवर ने गड्ढा देखकर रास्ता बदला, 5 मीटर रेंज वाले नेविगेशन कैमरे ने रुकावट पहचानी

चंद्रयान-3 रोवर के नेविगेशन कैमरे ने 27 अगस्त को ये तस्वीरें लीं थीं।

चंद्रयान-3 रोवर के नेविगेशन कैमरे ने 27 अगस्त को ये तस्वीरें लीं थीं।

इसरो ने बताया है कि 27 अगस्त को चंद्रयान-3 के प्रज्ञान रोवर के सामने 4 मीटर चौड़ा क्रेटर यानी गड्ढा आ गया था। ये रोवर से 3 मीटर आगे था। ऐसे में रोवर को रास्ता बदलने का कमांड दिया गया। रोवर के ऑपरेशन सेमी-ऑटोनॉमस हैं। इसे चलाने के लिए ग्राउंड स्टेशन से कमांड दिए जाते हैं।

वर ने दूसरी बार क्रेटर का सामना किया है। इससे पहले यह करीब 100 मिमी गहराई वाले छोटे क्रेटर से गुजरा था। रोवर का नेविगेशन कैमरा केवल 5 मीटर तक की ही इमेज भेज सकता है। ऐसे में एक बार कमांड देने पर यह अधिकतम 5 मीटर की दूरी तय कर सकता है। अगर रोवर गड्ढे में गिर जाता तो मिशन फेल हो सकता था।

अब यह सुरक्षित रूप से एक नए रास्ते पर बढ़ रहा है। इससे पहले भी प्रज्ञान करीब 100 मिमी गहरे एक छोटे क्रेटर से गुजरा था। चंद्रमा पर रोवर के ऑपरेशन सेमी-ऑटोनॉमस है। इसे चलाने के लिए ग्राउंड स्टेशनों से कमांड दिए जाते हैं।

रोवर के डेटा के आधार पर तय होता है रास्ता
रोवर की पाथ प्लानिंग के लिए, रोवर के ऑनबोर्ड नेविगेशन कैमरा डेटा को ग्राउंड पर डाउनलोड किया जाता है। फिर ग्राउंड और मैकेनिज्म टीम तय करती है कि कौन सा पाथ (रास्ता) लेना है। इसके बाद रोवर को रास्ते की जानकारी देने के लिए कमांड को अपलिंक किया जाता है।

जैसे इंसान की आंखें केवल एक निश्चित दूरी तक ही देख सकती हैं, वैसे ही रोवर की भी सीमाएं हैं। रोवर का नेविगेशन कैमरा केवल 5 मीटर तक की ही इमेज भेज सकता है। ऐसे में एक बार कमांड देने पर यह अधिकतम 5 मीटर की दूरी तय कर सकता है।

1 सेमी प्रति सेकेंड की गति से चलता है रोवर
छह पहियों वाले प्रज्ञान रोवर का वजन 26 किलो है। लैंडिंग के करीब 14 घंटे बाद गुरुवार सुबह ISRO ने रोवर के बाहर आने की पुष्टि की थी। लैंडर 23 अगस्त को शाम 6 बजकर 4 मिनट पर चंद्रमा पर उतरा था। ये 1 सेमी प्रति सेकेंड की गति से चलता है और अपने आस-पास की चीजों को स्कैन करने के लिए नेविगेशन कैमरों का इस्तेमाल करता है।

चंद्रमा की सतह और अलग-अलग गहराई पर तापमान में काफी अंतर
इससे पहले 27 अगस्त को चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर में लगे चास्टे पेलोड ने चंद्रमा के तापमान से जुड़ा पहला ऑब्जर्वेशन भेजा था। ChaSTE यानी चंद्र सरफेस थर्मोफिजिकल एक्सपेरिमेंट के मुताबिक, चंद्रमा की सतह और अलग-अलग गहराई पर तापमान में काफी अंतर है।

चंद्रमा के साउथ पोल की सतह पर तापमान करीब 50 डिग्री सेल्सियस है। वहीं, 80mm की गहराई में माइनस 10°C टेम्परेचर रिकॉर्ड किया गया। चास्टे में 10 टेम्परेचर सेंसर लगे हैं, जो 10cm यानी 100mm की गहराई तक पहुंच सकते हैं।

ChaSTE पेलोड को स्पेस फिजिक्स लैबोरेटरी, VSSC ने अहमदाबाद की फिजिकल रिसर्च लैबोरेटरी के साथ मिलकर बनाया है।

साउथ पोल का तापमान पता चलने का फायदा क्या?
इसरो प्रमुख एस सोमनाथ ने बताया था कि उन्होंने चंद्रमा के साउथ पोल को इसलिए चुना, क्योंकि यहां भविष्य में इंसानों को बसाने की क्षमता हो सकती है। साउथ पोल पर सूर्य का प्रकाश कम समय के लिए रहता है।

अब जब चंद्रयान-3 वहां के तापमान समेत अन्य चीजों की स्पष्ट जानकारी भेज रहा है, तो वैज्ञानिक अब यह समझने की कोशिश करेंगे कि चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की मिट्टी वास्तव में कितनी क्षमता रखती है।

चंद्रयान-3 के साथ कुल 7 पेलोड भेजे गए हैं
चंद्रयान-3 मिशन के तीन हिस्से हैं। प्रोपल्शन मॉड्यूल, लैंडर और रोवर। इन पर कुल 7 पेलोड लगे हैं। एक पेलोड, जिसका नाम शेप है, वह चंद्रयान-3 के प्रोपल्शन मॉड्यूल पर लगा है। ये चंद्रमा की कक्षा में चक्कर लगाकर धरती से आने वाले रेडिएशन की जांच कर रहा है।

वहीं लैंडर पर तीन पेलोड लगे हैं। रंभा, चास्टे और इल्सा। प्रज्ञान पर दो पेलोड हैं। एक इंस्ट्रूमेंट अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA का भी है, जिसका नाम है लेजर रेट्रोरिफ्लेक्टर अरे। ये चंद्रयान-3 के लैंडर पर लगा हुआ है। ये चंद्रमा से पृथ्वी की दूरी मापने के काम आता है।

चंद्रयान-3 के लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग 4 फेज में हुई
ISRO ने 23 अगस्त को 30 किमी की ऊंचाई से शाम 5 बजकर 44 मिनट पर ऑटोमैटिक लैंडिंग प्रोसेस शुरू की और अगले 20 मिनट में सफर पूरा कर लिया।

चंद्रयान-3 ने 40 दिन में 21 बार पृथ्वी और 120 बार चंद्रमा की परिक्रमा की। चंद्रयान ने चांद तक 3.84 लाख किमी दूरी तय करने के लिए 55 लाख किमी की यात्रा की।

1. रफ ब्रेकिंग फेज:

  • लैंडर लैंडिंग साइट से 750 Km दूर था। ऊंचाई 30 Km और रफ्तार 6,000 Km/hr।
  • ये फेज साढ़े 11 मिनट तक चला। इस दौरान विक्रम लैंडर के सेंसर्स कैलिब्रेट किए गए।
  • लैंडर को हॉरिजॉन्टल पोजिशन में 30 Km की ऊंचाई से 7.4 Km दूरी तक लाया गया।

2. |ऐटीट्यूड होल्डिंग फेज:

  • विक्रम ने चांद की सतह की फोटो खींची और पहले से मौजूद फोटोज के साथ कंपेयर किया।
  • चंद्रयान-2 के टाइम में ये फेज 38 सेकेंड का था इस बार इसे 10 सेकेंड का कर दिया गया था।
  • 10 सेकेंड में विक्रम लैंडर की चंद्रमा से ऊंचाई 7.4 Km से घटकर 6.8 Km पर आ गई।

3. फाइन ब्रेकिंग फेज:

  • ये फेज 175 सेकेंड तक चला जिसमें लैंडर की स्पीड 0 हो गई।
  • विक्रम लैंडर की पोजिशन पूरी तरह से वर्टिकल कर दी गई।
  • सतह से विक्रम लैंडर की ऊंचाई करीब 1 किलोमीटर रह गई

4. टर्मिनल डिसेंट:

  • इस फेज में लैंडर को करीब 150 मीटर की ऊंचाई तक लाया गया।
  • सब कुछ ठीक होने पर चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंड कराया गया।

चांद पर भारत का यह तीसरा मिशन था, पहले मिशन में पानी खोजा था
2008 में चंद्रयान-1 को लॉन्च किया गया था। इसमें एक प्रोब की क्रैश लैंडिंग कराई गई थी जिसमें चांद पर पानी के बारे में पता चला। फिर 2019 में चंद्रयान-2 चांद के करीब पहुंचा, लेकिन लैंड नहीं कर पाया। 23 अगस्त 2023 को चंद्रयान-3 चांद पर लैंड कर गया। चांद पर सकुशल पहुंचने का संदेश भी चंद्रयान-3 ने भेजा। कहा- ‘मैं अपनी मंजिल पर पहुंच गया हूं।’

कोटा के कोचिंग्स में 2 महीने तक टेस्ट पर बैन, 8 महीने में 24 स्टूडेंट सुसाइड कर चुके हैं
टेस्ट सीरीज में कम नंबर आने से तंग दो स्टूडेंट्स ने राजस्थान के कोटा में सुसाइड कर लिया। इसके बाद जिला कलेक्टर ने कोचिंग्स में दो महीने तक टेस्ट लेने पर रोक लगा दी है। अगस्त में अब तक 6 स्टूडेंट्स सुसाइड कर चुके हैं। वहीं इस साल जनवरी से अब तक 24 मामले सामने आए हैं।

सुसाइड के मामलों को देखते हुए कोटा के सभी पीजी-हॉस्टल को एंटी हैंगिंग डिवाइस लगाने के निर्देश दिए जा चुके हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बच्चों पर पेरेंट्स के बढ़ते दबाव और सेपरेशन एंग्जायटी की वजह से भी स्टूडेंट्स सुसाइड कर रहे हैं।

नीतीश कुमार का I.N.D.I.A कन्वीनर बनने से इनकार, बोले- मैं कुछ बनना नहीं चाहता

CM नीतीश कुमार डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के साथ पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल पहुंचे थे।

CM नीतीश कुमार डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के साथ पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल पहुंचे थे।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A का कन्वीनर बनने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा, ‘मैं कुछ भी नहीं बनना चाहता, मेरी ऐसी कोई इच्छा नहीं है। सिर्फ विपक्ष को एकजुट करना चाहता हूं।’

 मुंबई में 31 अगस्त से 1 सितंबर तक विपक्षी गठबंधन की तीसरी बैठक होनी है। जिसमें गठबंधन का संयोजक चुना जाएगा। शुरुआत से ही नीतीश को संयोजक बनाने की चर्चा है। उधर, कांग्रेस प्रवक्ता आलोक शर्मा का कहना है कि NDA की पिछली बैठक में शामिल होने वाले 38 में से 4 दल विपक्षी गठबंधन के संपर्क में हैं। वे जल्द ही I.N.D.I.A के साथ जुड़ जाएंगे।​​​​​​

आदित्य L-1 की लॉन्चिंग 2 सितंबर को सुबह 11.50 बजे, यह इसरो का पहला सोलर मिशन
इसरो सूर्य की स्टडी के लिए 2 सितंबर की सुबह 11:50 बजे अपना सोलर मिशन लॉन्च करने वाला है। इसका नाम आदित्य L1 रखा गया है। ये सूर्य का अध्ययन करने वाली पहली स्पेस बेस्ड इंडियन लेबोरेट्री होगी। इसे सूर्य के चारों ओर बनने वाले कोरोना के रिमोट ऑब्जर्वेशन के लिए डिजाइन किया गया है।

 आदित्य यान, सूर्य-पृथ्वी के लैग्रेंजियन पॉइंट (L1) पर रहकर सूर्य पर उठने वाले तूफानों को समझेगा। ये पॉइंट पृथ्वी से करीब 15 लाख किलोमीटर दूर है। यहां तक पहुंचने में इसे 4 महीने लगेंगे। ये फोटोस्फीयर, क्रोमोस्फीयर के अलावा सूर्य की सबसे बाहरी परत कोरोना की 7 पेलोड के जरिए टेस्टिंग करेगा।

आदित्य यान, L1 यानी सूर्य-पृथ्वी के लैग्रेंजियन पॉइंट पर रहकर सूर्य पर उठने वाले तूफानों को समझेगा। यह पॉइंट पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर दूर है। यहां तक पहुंचने में इसे करीब 120 दिन यानी 4 महीने लगेंगे।

यह लैग्रेंजियन पॉइंट के चारों ओर की कक्षा, फोटोस्फीयर, क्रोमोस्फीयर के अलावा सबसे बाहरी परत कोरोना की अलग-अलग वेब बैंड्स से 7 पेलोड के जरिए टेस्टिंग करेगा।

आदित्य L1 पूरी तरह स्वदेशी है
ISRO के एक अधिकारी के मुताबिक, आदित्य L1 देश की संस्थाओं की भागीदारी से बनने वाला पूरी तरह स्वदेशी प्रयास है। बेंगलुरु के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स (IIA) विजिबल एमिशन लाइन कोरोनाग्राफ ने इसके पेलोड बनाए हैं। जबकि इंटर-यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स पुणे ने मिशन के लिए सोलर अल्ट्रावॉयलेट इमेजर पेलोड विकसित किया है।

यूवी पेलोड का इस्तेमाल कोरोना और सोलर क्रोमोस्फीयर पर, जबकि एक्स-रे पेलोड का इस्तेमाल सूर्य की लपटों को देखने के लिए किया जाएगा। पार्टिकल डिटेक्टर और मैग्नेटोमीटर पेलोड, चार्ज्ड पार्टिकल के हेलो ऑर्बिट तक पहुंचने वाली मैग्नेटिक फील्ड के बारे में जानकारी देंगे।

आदित्य यान L1 पॉइंट पर ही क्यों भेजा जाएगा
आदित्य यान को सूर्य और पृथ्वी के बीच हेलो ऑर्बिट में स्थापित किया जाएगा। इसरो का कहना है कि L1 पॉइंट के आस-पास हेलो ऑर्बिट में रखा गया सैटेलाइट सूर्य को बिना किसी ग्रहण के लगातार देख सकता है। इससे रियल टाइम सोलर एक्टिविटीज और अंतरिक्ष के मौसम पर भी नजर रखी जा सकेगी।

उम्मीद की जा रही है कि आदित्य L1 के पेलोड कोरोनल हीटिंग, कोरोनल मास इजेक्शन, प्री-फ्लेयर और फ्लेयर एक्टिविटीज की विशेषताओं, पार्टिकल्स की मूवमेंट और स्पेस वेदर को समझने के लिए जानकारी देंगे।

L1 क्या है?
लैग्रेंज पॉइंट का नाम इतालवी-फ्रेंच मैथमैटीशियन जोसेफी-लुई लैग्रेंज के नाम पर रखा गया है। यह सामान्य तौर पर एल-1 के नाम से जाना जाता है। ऐसे पांच पॉइंट धरती और सूर्य के बीच हैं, जहां सूर्य और पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल बैलेंस हो जाता है और सेंट्रिफ्युगल फोर्स बन जाता है।

ऐसे में इस जगह पर अगर किसी ऑब्जेक्ट को रखा जाता है तो वह आसानी से दोनों के बीच स्थिर रहता है और एनर्जी भी कम लगती है। पहला लैग्रेंज पॉइंट धरती और सूर्य के बीच 15 लाख किलोमीटर की दूरी पर है। आम शब्दों में कहें तो एल-1 ऐसा पॉइंट है जहां पर कोई भी ऑब्जेक्ट सूर्य और धरती से बराबर दूरी पर स्थिर रह सकता है।

ईशा, आकाश और अनंत अंबानी रिलायंस के नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, नीता अंबानी अब बोर्ड का हिस्सा नहीं

बाएं से अनंत अंबानी, ईशा अंबानी और आकाश अंबानी। तस्वीर 2017 की है।

बाएं से अनंत अंबानी, ईशा अंबानी और आकाश अंबानी। तस्वीर 2017 की है।

अंबानी परिवार की अगली पीढ़ी ईशा, आकाश और अनंत अंबानी को रिलायंस इंडस्ट्रीज नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अपॉइंट किया गया है। वहीं नीता अंबानी ने इस्तीफा दे दिया है। वे रिलायंस फाउंडेशन की फाउंडर चेयरपर्सन की भूमिका में बनी रहेंगी। मुकेश अंबानी ने रिलायंस की ऐनुअल जनरल मीटिंग में इसकी जानकारी दी। मुकेश अगले 5 साल तक कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर बने रहेंगे।

अब तक, तीनों बच्चे केवल ऑपरेटिंग बिजनेस लेवल पर शामिल थे। नॉन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर कंपनी के डे-टु-डे मैनजमेंट में शामिल नहीं होते हैं। ये इंडिपेंडेंट एडवाइजर के तौर काम करते हैं। पॉलिसी मेकिंग और प्लानिंग एक्सरसाइज में शामिल होते हैं। इसके अलावा वो एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स और मैनेजमेंट के कामों पर भी नजर रखते हैं।

MP में सितंबर से BJP की जन आशीर्वाद यात्राएं, 3 सितंबर को अमित शाह करेंगे शुरुआत
मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले BJP जन आशीर्वाद यात्राएं निकालेगी। गृहमंत्री अमित शाह 3 सितंबर को चित्रकूट से यात्रा की शुरुआत करेंगे। पार्टी पहली बार एक साथ 5 यात्राएं निकालने जा रही है। समापन 25 सितंबर को भोपाल में कार्यकर्ता महाकुंभ से होगा। जिसमें PM मोदी भी शामिल हो सकते हैं।

 MP की 230 विधानसभा सीटों पर इस साल चुनाव होने हैं। भाजपा की ये 5 यात्राएं 17-18 दिन में 10,543 किलोमीटर का सफर तय करेगी। इसमें 210 विधानसभाएं कवर होगी।

​​​​​​नूंह में ब्रजमंडल यात्रा में 51 लोगों शामिल हुए, पुलिस ने मंदिर में ले जाकर जलाभिषेक कराया

नूंह के नलहरेश्वर मंदिर में जलाभिषेक करते हिंदू संगठनों के सदस्य। इन्हें नूंह पुलिस लाइन से कड़ी सुरक्षा के बीच मंदिर तक लाया गया।

नूंह के नलहरेश्वर मंदिर में जलाभिषेक करते हिंदू संगठनों के सदस्य। इन्हें नूंह पुलिस लाइन से कड़ी सुरक्षा के बीच मंदिर तक लाया गया।

​​​​​हरियाणा के नूंह में विश्व हिंदू परिषद (VHP), सर्वजातीय हिंदू महापंचायत और बजरंग दल के आह्वान पर हिंदू संगठन पैदल ब्रजमंडल यात्रा नहीं निकाल पाए। जिला प्रशासन ने 51 लोगों को पुलिस सिक्योरिटी के बीच 3 गाड़ियों में ले जाकर नलहरेश्वर मंदिर में जलाभिषेक कराया। इसके बाद यात्रा का समापन हो गया।

नूंह में दिनभर कर्फ्यू जैसा माहौल रहा। बाजार, स्कूल-कॉलेज सब बंद रहे। जिले में धारा 144 लागू है। सिर्फ स्थानीय लोगों को लोकल ID दिखाने के बाद जलाभिषेक के लिए जाने की परमिशन दी गई। 31 जुलाई को ब्रजमंडल यात्रा के दौरान हुई हिंसा में 2 होमगार्ड समेत 6 लोगों की मौत हो गई थी।

मोदी-पुतिन की फोन पर बातचीत, रूसी राष्ट्रपति ने कहा- G20 समिट में नहीं आ सकूंगा
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की। पुतिन ने मोदी को बताया कि वो अगले महीने नई दिल्ली में होने वाली G20 समिट में शामिल नहीं हो सकेंगे और उनकी जगह विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव नई दिल्ली आएंगे। पुतिन 2019 में आखिरी बार जापान में हुई G20 समिट में शामिल हुए थे। वे साउथ अफ्रीका में हुई ब्रिक्स समिट में भी नहीं गए थे।

 यूक्रेन पर हमले और वॉर क्राइम्स को लेकर इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) ने मार्च 2023 में पुतिन के खिलाफ अरेस्ट वॉरंट जारी किया था। अगर वो ब्रिक्स समिट के लिए जोहान्सबर्ग जाते तो मेंबर कंट्री होने के नाते साउथ अफ्रीकी सरकार को पुतिन को गिरफ्तार करना पड़ता। इंटरनेशनल कोर्ट को लेकर तमाम देशों के बीच ट्रीटी है। रूस की तरफ से भले ही ऑफिशियली इस वजह का जिक्र न किया गया हो, लेकिन पुतिन के नई दिल्ली न आने की वजह भी यही है।

Ramswaroop Mantri

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