अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

*एस्टोनिया की सीमा पर भयानक तनाव,बाल्टिक तेल प्लेटफार्म के ऊपर पहुंचे रूसी मिग-31 जेट्स*

Share

मॉस्को/ताल्लिन्न: यूरोप में भयानक युद्ध का खतरा लगातार मंडराता जा रहा है। यूक्रेन युद्ध भड़कता जा रहा है। पोलैंड ने आज दावा किया है कि रूस के दो फाइटर जेट बाल्टिक सागर में पेट्रोबाल्टिक तेल और गैस प्लेटफॉर्म के बेहद करीब उड़ रहे थे। पोलैंड का कहना है कि रूस ने ऐसा करते हुए निर्धारित सुरक्षा क्षेत्र का उल्लंघन किया। रूसी फाइटर जेट का बाल्टिक सागर में पेट्रोबाल्टिक तेल और गैस प्लेटफॉर्म तक पहुंचना नाटो और रूस के बीच लगातार बढ़ रहे तनाव को दिखाया है, जो कभी भी युद्ध की शक्ल ले सकता है।पोलैंड की सेना ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि रूसी फाइटर जेट कम ऊंचाई पर उड़ रहे थे। एस्टोनियाई और इतालवी अधिकारियों ने बताया है कि बाल्टिक राज्यों में नाटो के वायु रक्षा सहायता मिशन से जुड़े इटली एयरफोर्स के F-35 लड़ाकू विमानों को रूसी जेट विमानों को रोकने और उन्हें चेतावनी देने के लिए भेजा गया है।

नाटो की प्रवक्ता एलिसन हार्ट ने इसे रूस की “लापरवाह हरकत” बताया है। उन्होंने कहा कि यह कदम गठबंधन देशों के लिए स्पष्ट चुनौती है। इस बीच खबर है कि इटली के एफ-35 लड़ाकू विमानों को नाटो की ओर से स्थिति संभालने और रूसी विमानों को पीछे हटाने के लिए भेजा गया है। यह घटनाक्रम उस समय हुआ जब यूरोप पहले से ही यूक्रेन युद्ध और बढ़ती रूसी आक्रामकता से जूझ रहा है। यह घटना नाटो द्वारा यह रिपोर्ट दिए जाने के कुछ ही समय बाद हुई कि रूसी विमान बिना अनुमति के एस्टोनियाई हवाई क्षेत्र में पहुंच गए थे

Russian jets over Baltic oil platform
एस्टोनिया के पास रूसी मिग-31 मिसाइलों के साथ धमके

नाटो की प्रवक्ता एलिसन हार्ट ने इसे रूस की “लापरवाह हरकत” बताया है। उन्होंने कहा कि यह कदम गठबंधन देशों के लिए स्पष्ट चुनौती है। इस बीच खबर है कि इटली के एफ-35 लड़ाकू विमानों को नाटो की ओर से स्थिति संभालने और रूसी विमानों को पीछे हटाने के लिए भेजा गया है। यह घटनाक्रम उस समय हुआ जब यूरोप पहले से ही यूक्रेन युद्ध और बढ़ती रूसी आक्रामकता से जूझ रहा है। यह घटना नाटो द्वारा यह रिपोर्ट दिए जाने के कुछ ही समय बाद हुई कि रूसी विमान बिना अनुमति के एस्टोनियाई हवाई क्षेत्र में पहुंच गए थे।
यूरोपीय देशों का रूस से बढ़ता जा रहा तनाव
पोलैंड की सेना ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि रूसी फाइटर जेट कम ऊंचाई पर उड़ रहे थे। एस्टोनियाई और इतालवी अधिकारियों ने बताया है कि बाल्टिक राज्यों में नाटो के वायु रक्षा सहायता मिशन से जुड़े इटली एयरफोर्स के F-35 लड़ाकू विमानों को रूसी जेट विमानों को रोकने और उन्हें चेतावनी देने के लिए भेजा गया है। इसके अलावा एस्टोनियाई रक्षा बलों ने कहा है कि “तीन रूसी लड़ाकू विमान मिग-31 बिना अनुमति के वैंडलू द्वीप क्षेत्र में एस्टोनियाई हवाई क्षेत्र में घुस आए और लगभग 12 मिनट तक वहीं रहे।” रक्षा बल ने आगे कहा कि “लड़ाकू विमानों के पास उड़ान को लेकर योजनाएं नहीं थीं और उनके ट्रांसपोंडर बंद थे। हवाई क्षेत्र के उल्लंघन के समय, लड़ाकू विमानों का एस्टोनियाई हवाई यातायात नियंत्रण के साथ दो-तरफा रेडियो कम्युनिकेशन नहीं था।”

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें