अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

एक ही मंत्र !

Share

घने जंगल में हिंस्र पशुओं का डर हो…!
रास्ता भटक जाने की सम्भावना हो…!
भयावह तूफ़ान के आने की आशंका हो..!
अकाल में भूख पसरने के हालात हों…!
बाढ़ से पैदा हुई दलदली फिसलन हो..!
या फिर ज़ालिम निज़ाम में जीने की चुनौती…!
बचने का एक ही मंत्र है..!
एक दूसरे का हाथ थामें…!

साभार – हरभगवान चावला ,सिरसा हरियाणा

संकलन –निर्मल कुमार शर्मा, गाजियाबाद, उप्र

Ramswaroop Mantri

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें