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आधी रात को शुक्रवासा के ‘हाउल ग्रुप’ पर संघ पोषित गुंडों का हमला

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शुक्रवासा / देवास।चौदह तारीख को ग्लोबल हेराल्ड संपादक और हाउल ग्रुप के संस्थापक सौरव बनर्जी पर हुई हमले की कोशिश और जान की धमकी देने के बाद, गुरूवार आधी रात को 03:30 बजे कई बाइक और एक लोडिंग वाहन में करीबन पचास लोग देवास जिले की पर्वतपुरा पंचायत के ग्राम शुक्रवासा स्थित हाउल ग्रुप के ऑफिस पहुंचे। समिति सदस्य के सूचित करने से समिति सदस्य और हाउल ग्रुप के सदस्य तैनात हुए। नाकाम हमले के बाद लगातार गाँव में संपादक सौरव बनर्जी को मारने की धमकी दी जा रही थी, साथ ही गाँव में इस विषय में बातें भी हो रही थी। गुंडों ने मुंह पर नकाब पहने हुए था और हाथों में लोहे के औजार थे। 

बीते दो वर्षों से इंदौर स्थित हाउल ग्रुप देवास जिले की पर्वतपुरा पंचायत में निःशुल्क शिक्षा एवं स्वास्थ्य पहुंचा रहा है। पंचायत विकास के लिए हाउल ग्रुप और गांववासियों ने मिलकर पर्वतपुरा पंचायत विकास समिति (पीपीडीसी) भी तैयार की। रविवार रात हाउल ग्रुप के संस्थापक तथा ग्लोबल हेराल्ड संपादक सौरव बनर्जी पर कथित ‘आरएसएस’ और ‘बजरंग दल’ से जुड़े लोगों ने जानलेवा हमला करने की कोशिश की और साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी। हमले को अंजाम देने के लिए यह अफवाह भी फैलाई गई कि हाउल ग्रुप धर्म परिवर्तन करने की कोशिश कर रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवासा गांव में हाउल ग्रुप द्वारा निःशुल्क मेडिकल डिस्पेंसरी चलायी जाती है और ग्रुप के सदस्य गांव में ही रहते हैं। रविवार शाम को गांव की लक्ष्मी रावत से सूचना मिली कि करीब पंद्रह अज्ञात लोग संपादक सौरव बनर्जी के बारे में पूछ रहे हैं। ख़बर मिलते ही दफ्तर में मौजूद लोगों ने पीपीडीसी के बाकी सदस्यों को फोन लगाकर बुलाया। गांव से जमा हुए लोगों ने बताया कि कुल आठ गाड़ियां थीं, जिसमें से पांच गाड़ी गांव से लगे पहाड़ पर थी। गांव वासी और समिति सदस्यों के मुताबिक कुल मिला कर चालीस-पचास अज्ञात लोग थे और उनके पास हथियार भी थे।

शुक्रवासा के अम्बाराम और बेलु डावर ने बताया कि कुछ लोगों ने घरों को घेरा ताकि गांववासी मदद के लिए बाहर ना निकल पाए। गाँव में पहुंचकर शासकीय स्कूल के बाहर सभी लोग जमा हुए। हाउल और पर्वतपुरा पंचायत विकास समिति के सदस्यों ने कुछ लोगों को खेत के रास्ते से हाउल ग्रुप के दफ्तर को घेरता हुआ देखा। कुछ लोग सौरव बनर्जी के दफ्तर की ओर बढ़े। कुछ समय बीता और करीबन चार लोग सामने के रास्ते से हाउल दफ्तर की ओर बढ़ने लगे। मुंह नकाब से ढका हुआ था और हाथ में हथियार था। रास्ते में गुंडों ने बिजली का तार काटा और दोनों दफ्तर में अँधेरा हो गया। सभी ने फ्लैशलाइट चालु की। चार गुंडों के साथ खेत के रास्ते से बहुत से गुंडे निकले और हमला शुरू किया। गुंडों पर पथराव शुरू हुआ और उन्होनें जवाबी हमला किया। कुछ समय में गुंडे भागने लगे। शुक्रवासा में हाउल ग्रुप के दो दफ्तर हैं। सामाजिक काम करने हेतु यहाँ लडकियां भी रहती हैं।

संपादक सौरव बनर्जी ने हाउल ग्रुप पर जानलेवा हमले के बारे में डबलचौकी पुलिस को खबर दी लेकिन घटना के होने के करीबन दो घंटे बाद पुलिस शुक्रवासा पहुंची। गौरतलब है कि चौदह तारीख को हुई घटना की जानकारी देवास एसपी के पास मौजूद है। पंद्रह तारीख को एसपी ऑफिस देवास में दिए गए आवेदन में धमकी देने वालों के नाम शामिल थे। गुरूवार सुबह की घटना के दौरान इनमें से शुक्रवासा निवासी निलेश पटेल गुंडों के साथ मौजूद था। जब समिति सदस्य बेलु डावर ने बाकी सदस्यों को फ़ोन करने की कोशिश की तब शुक्रवासा निवासी नीलेश पटेल ने फ़ोन छीना। पर्वतपुरा निवासी ऐना बाई ने बताया कि बुधवार रात को रुद्रवासा निवासी घनश्याम मुकाती के गोदाम पर कई लोगों की मीटिंग चल रही थी। यही सभी लोग शुक्रवासा की ओर बढ़े थें। सुबह इन्हीं लोगों को लौटता हुआ देखा गया। 

हत्या की मानसिकता से आये गुंडों के हमले का सामना किया गया। यह पहली बार नहीं है जब सौरव बनर्जी पर घातक हमले की कोशिश हुई है। पिछले ढाई साल में लगातार हाउल ग्रुप और संस्थापक सौरव बनर्जी को जान की धमकियां मिलती रही है। घटना के बाद जब गाँव वाले घरों से निकले तब बताया कि एक लोडिंग व्हीकल में बीस से अधिक लोग सवार थे। साथ में बाइक्स और कार भी थी। गुंडों ने पहाड़ी पर से हमले की कोशिश भी की। गाँव में बच्चों को भी डराया और रुलाया गया। सुबह से गाँव में दहशत का माहौल छाया है।

फाइनल ईयर एमबीबीएस छात्रा और पर्वतपुरा पंचायत विकास समिति की अध्यक्ष श्वेता रघुवंशी का कहना है कि उन्होंने बीट इंचार्ज संतोष रावत (डबलचौकी थाना) को फोन कर घटना की जानकारी दी। डबलचौकी से संतोष रावत ने पांच सहकर्मियों के साथ शुक्रवासा स्थित हाउल दफ्तर पहुंचकर सारी जानकारी ली। साथ ही सुरक्षा सुनिश्चित की और थाने में आवेदन देने को कहा। उन्होंने बताया कि मंगलवार को पर्वतपुरा पंचायत विकास समिति के सचिव देवराज रावत ने देवास स्थित एसपी ऑफिस में चल रही जन सुनवाई में आवेदन पेश किया।

संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि गांव को शिक्षित, सक्षम और सशक्त बनाने का उद्देश्य रखने वाली समिति के सदस्यों को कई बार जान से मारने की धमकियां दी। सदस्यों के आने-जाने पर ध्यान रखा जाता है और कुछ संदिग्ध लोग हाउल दफ्तर के पास नजर आते हैं। समिति के सदस्यों ने घनश्याम मुकाती (ग्राम रुद्रवासा), सुनील मुकाती (ग्राम रुद्रवासा), निलेश पटेल (शुक्रवासा), कृष्णा (ग्राम टांडा/पर्वतपुरा) और योगेश मुकाती (रुद्रवासा) को साजिश के पीछे का जिम्मेदार बताया। सदस्यों ने बताया कि यह लोग पहले भी बजरंग दल और आरएसएस का नाम लेकर हाउल ग्रुप के काम में बाधा डालने की कोशिश कर चुके हैं, साथ ही हाउल ग्रुप के कार्यों को रोकने के लिए झूठी जानकारी और बदनामी की कोशिश करते रहे हैं। पहले भी दफ्तर की तरफ अज्ञात गाड़ियां भेजी जा चुकी है।

हाउल ग्रुप में संस्थापक सौरव बनर्जी के अलावा एमआईटी से एमबीए निशिता गौर, डान्सर हर्ष सलेचा, पेंटर देवेश साली, पत्रकारिता छात्र ताशिव पटेल, प्रभातकिरण के पत्रकार प्रणय त्रिपाठी, इंजीनियरिंग छात्र बृजेन्द्र सिंह राठौर और कक्षा बारहवीं की छात्रा शानू चंदेल रहते हैं।

Ramswaroop Mantri

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