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संजू सैमसन….संघर्ष, धैर्य और आत्मविश्वास की मिसाल,टीम से बाहर हुए, लेकिन जब वापसी की तो तहलका मचा दिया

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क्रिकेट सिर्फ रन और रिकॉर्ड का खेल नहीं होता, यह इंतजार, संघर्ष और आत्मविश्वास की परीक्षा भी होता है। संजू सैमसन की कहानी इसी जज्बे की मिसाल है। टी20 विश्वकप से ठीक पहले प्लेइंग-11 से बाहर होना, न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में बल्ला नहीं चलने पर आलोचनाओं का सामना करना, ये सब किसी भी खिलाड़ी का मनोबल तोड़ सकते थे, लेकिन संजू ने हार नहीं मानी। उन्होंने चुपचाप अपने खेल पर काम किया, धैर्य रखा और सही मौके का इंतजार किया।

टी20 विश्वकप के दौरान जब बाकी भारतीय बल्लेबाज फेल हुए तो आवाज उठी एक नाम को मौका देने की- वह नाम है संजू सैमसन। संजू को जब दोबारा मौका मिला तो उन्होंने बल्ले से ऐसा जवाब दिया कि आलोचक भी तालियां बजाने पर मजबूर हो गए। उनकी वापसी सिर्फ रन बनाने की कहानी नहीं है, बल्कि यह आत्मविश्वास, संयम और साहस की जीत है। संजू सैमसन ने दिखा दिया कि अगर इरादे मजबूत हों तो हर ठोकर सिर्फ आगे बढ़ने की ताकत देती है।

Sanju Samson: The Story of Patience, Pain and Powerful Comeback India vs West Indies T20 World Cup

ईशान की वापसी के बाद जगह मुश्किल में पड़ी थी
टी20 विश्वकप से ठीक पहले ईशान किशन की वापसी ने संजू के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी थीं। न्यूजीलैंज के खिलाफ सीरीज में संजू का बल्ला खामोश रहा। ऐसे में टीम मैनेजमेंट ने टी20 विश्वकप में ईशान के साथ अभिषेक को ओपनिंग की जिम्मेदारी दे दी। ऐसा लगा कि संजू के लिए दरवाजे बंद हो गए हैं। हालांकि, कहते हैं भगवान के घर में देर है अंधेर नहीं। संजू के साथ भी कुछ वैसा ही हुआ।

Sanju Samson: The Story of Patience, Pain and Powerful Comeback India vs West Indies T20 World Cup

जब वापसी की, तो दुनिया देखती रह गई
टी20 विश्वकप के पहले मैच में संजू बेंच पर बैठे। फिर नामीबिया के खिलाफ ग्रुप स्टेज मैच में उन्हें खेलने का मौका मिला। वहां उन्होंने  8 गेंदों में 22 रन बनाकर अपनी आक्रामक क्षमता दिखाई थी। इसके बाद फिर अभिषेक की वापसी हुई और संजू प्लेइंग-11 से बाहर हो गए। हालांकि, फिर टीम इंडिया की बल्लेबाजी में कमजोरी उजागर हुई। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सुपर-8 मुकाबले में भारतीय टीम की बल्लेबाजी एक्सपोज हो गई। टीम मैनेजमेंट ने फिर बदलाव करते हुए जिम्बाब्वे के खिलाफ संजू को मौका दिया और संजू ने इस मौके को सही साबित किया है। उन्होंने दिखा दिया कि उनमें काफी ताकत है। जिम्बाब्वे के खिलाफ भले ही संजू 15 गेंद में 24 रन बना सके, लेकिन उन्होंने अभिषेक के साथ मिलकर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई। 

Sanju Samson: The Story of Patience, Pain and Powerful Comeback India vs West Indies T20 World Cup

वेस्टइंडीज के सामने संजू ने दिखाया दम
फिर मौका आया करो या मरो मैच का, जहां टीम इंडिया के सामने वेस्टइंडीज की टीम थी। वही वेस्टइंडीज की टीम जिसने 2016 टी20 विश्वकप में भारत को सेमीफाइनल में हराकर बाहर किया था। वही, वेस्टइंडीज जो इस विश्वकप के ग्रुप स्टेज में अजेय रही थी। भारत और वेस्टइंडीज में जो जीतता, वो सेमीफाइनल में पहुंचता। ऐसे अहम मुकाबले में संजू ने अपनी काबिलियत और अनुभव का परिचय दिया और भारत को सेमीफाइनल में पहुंचा दिया। टीम इंडिया को 196 रन का लक्ष्य मिला तो सबकी उम्मीदें अभिषेक (10) और ईशान (10) पर टिकी थीं। हालांकि, भारत ने 41 रन पर इन दोनों के विकेट गंवा दिए। इस मौके पर संजू ने अपना साहस दिखाया और पहले सूर्यकुमार यादव, फिर तिलक वर्मा, फिर हार्दिक पांड्या और आखिर में शिवम दुबे के साथ मिलकर टीम इंडिया को जीत दिलाई और सेमीफाइनल में जाना तय कर दिया। उन्होंने 50 गेंद में 12 चौके और चार छक्के की मदद से नाबाद 97 रन बनाए। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 194 का रहा। 

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शुरू से अंत तक टिके रहे संजू सैमसन
संजू ने सूर्या के साथ 58 रन, तिलक के साथ 42 रन, हार्दिक के साथ 38 रन और शिवम दुबे के साथ 20 रन की अटूट साझेदारी की। संजू के अलावा कोई बल्लेबाज 30 से ज्यादा रन नहीं बना पाया। भारत ने 19.2 ओवर में पांच विकेट गंवाकर लक्ष्य हासिल किया (199 रन बनाए)। इनमें से 97 रन अकेले संजू के थे, जिससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि उनकी पारी कितनी प्रभावशाली थी। सूर्यकुमार 18 रन, तिलक वर्मा 27 रन, हार्दिक पांड्या 17 रन बनाकर आउट हुए। दुबे आठ रन बनाकर नाबाद रहे। सेमीफाइनल में भारत का अब इंग्लैंड से सामने पांच मार्च को होगा। यह मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा।

Sanju Samson: The Story of Patience, Pain and Powerful Comeback India vs West Indies T20 World Cup

सैमसन बने प्लेयर ऑफ द मैच
सैमसन को उनकी नाबाद 97 रन की पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। अवॉर्ड लेते हुए सैमसन ने कहा, ‘मेरे लिए इसका मतलब सच में पूरी दुनिया है। जिस दिन से मैंने खेलना शुरू किया और देश के लिए खेलने का सपना देखा, मुझे लगता है मैं इसी दिन का इंतजार कर रहा था। मैं बेहद आभारी हूं, बहुत शुक्रगुजार हूं। मेरा सफर हमेशा खास रहा है, जिसमें कई उतार-चढ़ाव आए। कई बार मैंने खुद पर शक किया, सोचा- क्या मैं कर पाऊंगा? क्या मैं सच में यहां तक पहुंच पाऊंगा? लेकिन मैंने विश्वास बनाए रखा। आज के लिए मैं भगवान का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने मुझे यह दिन दिखाया। मैं बहुत खुश हूं।’

‘कोहली-रोहित जैसे महान खिलाड़ियों को देखा’
सैमसन ने कहा, ‘मैं काफी लंबे समय से यह फॉर्मेट खेल रहा हूं। करीब 10-12 साल आईपीएल खेला है और पिछले 10 साल से देश के साथ जुड़ा हूं। भले ही हर मैच खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन डगआउट से बैठकर मैंने बहुत कुछ सीखा। विराट कोहली, रोहित शर्मा जैसे महान खिलाड़ियों को करीब से देखा। यह बहुत जरूरी होता है कि आप देखें, समझें और सीखें कि वे मैच को कैसे खत्म करते हैं और परिस्थितियों के अनुसार अपने खेल को कैसे बदलते हैं।’

Sanju Samson: The Story of Patience, Pain and Powerful Comeback India vs West Indies T20 World Cup

‘करीब 100 मैचों को करीब से देखा है’
सैमसन ने कहा, ‘मैंने भले ही 50-60 मैच खेले हों, लेकिन करीब 100 मैचों को करीब से देखा है। इस अनुभव ने मुझे बहुत मदद की। पिछले मैच में हम पहले बल्लेबाजी कर रहे थे, तो लक्ष्य था बड़ा स्कोर खड़ा करना, इसलिए मैंने पहली गेंद से ही बड़ा खेलने की सोची। लेकिन आज का मैच अलग था। जैसे ही मैं तेजी से खेलने की सोचता, विकेट गिर जाते। तब मैंने साझेदारी बनाने पर ध्यान दिया और अपनी प्रक्रिया पर फोकस रखा। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं कुछ खास कर जाऊंगा, बस अपनी भूमिका निभाने और एक-एक गेंद पर ध्यान देने की कोशिश की।’

‘मेरी जिंदगी के सबसे बेहतरीन दिनों में से एक’
सैमसन ने कहा, ‘यह मेरी जिंदगी के सबसे बेहतरीन दिनों में से एक है। फैंस हमेशा ऊर्जा और समर्थन देते हैं, लेकिन दूसरी तरफ मन में एक सवाल भी आता है कि अगर आज नहीं चला तो? यह विचार आता जरूर है, लेकिन जब भी ऐसा हुआ, मैंने खुद को वर्तमान में लाया, सिर्फ गेंद को देखा और उसी के अनुसार खेलने पर भरोसा किया। आज वह तरीका काम कर गया।’

Ramswaroop Mantri

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