बबिता यादव
ठंड के मौसम में ड्राइनेस बढ़ाने की वजह से पैर की एड़ियों में क्रैक यानी कि दरार आने लगती है, जिसकी वजह से एड़ियां खुरदुरी और अजीब सी नजर आती हैं। ऐसे में महिलाएं खुली एड़ियों की सैंडल और स्लीपर नहीं पहन पाती हैं।
कई बार एड़ियों में दरारें बढ़ने की वजह से इनमें धूल मिट्टी और गंदगी चली जाती है, जिसकी वजह से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए सर्दियों की शुरुआत होते ही अपने एड़ियों की देखभाल शुरू कर दें।
यदि एड़ियों में ड्राइनेस आने लगा है, और उनमें हल्के-फुल्के दरार आ गए हैं। तो समस्या बढ़ने का इंतजार न करें, शुरुआत से ही इन्हें ट्रीट करने पर ध्यान देना शुरू कर दें।
कई ऐसे खास घरेलू नुस्खे हैं, जो फटी एड़ियों को ट्रीट करने में आपकी मदद कर सकते हैं। इस सर्दी में इन खास घरेलू नुस्खों को आजमाएं :
*1. सोक और एक्सफोलिएट :*
हर हफ्ते अपने पैरों को 10 से 15 मिनट के लिए गर्म पानी में भिगोएं। पानी में अपने पसंदीदा एसेंशियल ऑयल की कुछ बूंद और नमक डालकर पैरों को पानी में भिगोएं। अपने पैरों को भिगोने से आपकी त्वचा हाइड्रेट होगी और प्यूमिस स्टोन के लिए अपना काम करना आसान हो जाएगा।
अपने पैर भिगोने के बाद, आप धीरे से प्यूमिस स्टोन की मदद से मृत त्वचा को एक्सफोलिएट कर सकते हैं।
शेविंग या कॉलस के इस्तेमाल से बचें क्योंकि इससे संक्रमण और सेल्युलाइटिस हो सकता है, खासकर डायबिटीज वाले लोगों के लिए।
*2. केले का मास्क :*
केले में भरपूर मात्रा में पोषक तत्व मौजूद होते हैं। इसमें विटामिन ए, बी 6 और सी शामिल हैं, जो त्वचा की लोच को बनाए रखने में मदद करते हैं और त्वचा को पूरी तरह से हाइड्रेटेड करते हैं। केला एक प्राकृतिक मॉइस्चराइज़र है, जो पैरों को नम रखता है और त्वचा को ड्राई होने से रोकता है।
2 पके केले को मसलकर चिकना पेस्ट बना लें। कच्चे केले से बचें क्योंकि इसमें एसिड होता है, जो त्वचा के लिए अच्छे नहीं होते हैं। पेस्ट को पूरे पैर पर, नाखूनों और पैर के अंगूठे के किनारों पर लगाएं। इसे 20 मिनट तक लगा रहने दें और फिर अपने पैर को सामान्य पानी से धो लें। उचित परिणाम के लिए लगातार 2 हफ्ते तक इसे लगाएं।
*3. शहद निर्मित फुट मास्क :*
शहद को एक प्राकृतिक एंटीसेप्टिक माना जाता है, जो फटी एड़ियों को ठीक करने में मदद करता है। यह एक अच्छा ह्यूमेक्टेंट भी है, जो त्वचा को नमी प्रदान करता है और त्वचा को ड्राई नहीं होने देता। इसके अलावा, शहद की सूदिंग प्रॉपर्टी त्वचा को फिर से जीवंत करने में मदद करता है।
एक टब गर्म पानी में 1 कप शहद मिलाएं, पैरों को साफ करें और इस मिश्रण में भिगोएं। 20 मिनट तक आराम से मालिश करें। फिर अपने पैरों को ड्राई कर लें और मॉइस्चराइज़र अप्लाई करें। कुछ हफ़्तों तक सोने से पहले नियमित रूप से इसे दोहराएं।
*3. चावल का आटा, शहद और सिरका निर्मित फुट मास्क :*
चावल का आटा एक अद्भुत प्राकृतिक एक्सफ़ोलीएटर के रूप में काम करता है, जो डेड स्किन सेल्स को हटाने और त्वचा को पर्याप्त पोषण प्रदान करने मदद करता है। शहद एक प्राकृतिक एंटीसेप्टिक है जो फटे हुए पैरों को ठीक करने की क्षमता रखता है, और सिरका एक हल्का एसिड है, जो ड्राई और डेड स्किन को नमी प्रदान करता है। जिससे इसे एक्सफोलिएट करना बहुत आसान हो जाता है।
सभी सामग्रियों को मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट तैयार करें। अपने पैरों को 10 मिनट के लिए गुनगुने पानी में भिगोएं, फिर ड्राई कर लें। फिर इस मिश्रण को अप्लाई करें, और धीरे-धीरे अपने पैरों को स्क्रब करें। उचित परिणाम के लिए इस प्रक्रिया को सप्ताह में 2-3 बार दोहराएं।
*4. वैसलीन और नींबू का रस :*
नींबू की एसिडिक गुण, वैसलीन के मॉइस्चराइजिंग प्रभाव के साथ मिलकर, सूखी त्वचा और फटी एड़ियों को आसानी से हिल कर सकते हैं।
अपने पैरों को लगभग 15 मिनट के लिए गुनगुने पानी में भिगोएं। 1 चम्मच वैसलीन और नींबू के रस की कुछ बूंद को एक साथ मिक्स कर लें। इस मिश्रण को अपनी एड़ियों और पैरों के अन्य हिस्सों पर अप्लाई करें। रात भर ऊनी मोजे पहनें और सुबह उन्हें धो लें। नियमित रूप से सोने से पहले इस प्रक्रिया को अपनाएं.
रोजाना अपने पैरों को लगभग 10 मिनट तक सादे पानी में भिगोएं और अच्छी तरह क्लीन करें। इन्हें सुखाएं और मॉइश्चराइजर अप्लाई करें।
मृत त्वचा कोशिकाओं को हटाने में सहायता के लिए पैरों को स्क्रबर से धीरे-धीरे रगड़ें।
तेल आधारित क्रीम या पेट्रोलियम जेली की मालिश करें और सोते समय सूती मोजे पहनें ताकि नमी बनी रहे।
सूखी, फटी एड़ियों को कभी नज़रअंदाज़ न करें, अगर ध्यान न दिया जाए तो उनमें गहरी दरारें पड़ सकती हैं, जिससे संक्रमण का जोखिम बढ़ सकता है।
नोट: यदि आपकी एड़ियों में ज्यादा दरारे बढ़ गई है, या वे संक्रमित हो गई हैं, तो इनपर घरेलू सामग्री न लगाएं। इनसे संक्रमण और ज्यादा बढ़ जाता है, इसलिए संक्रमित त्वचा पर डॉक्टर के सुझाए एंटीसेप्टिक अप्लाई करें।
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