पहले बात करे रोटोमैक के विक्रम कोठारी जी की जिनकी बेटी की शादी गौतम अडानी के बड़े भाई विनोद अडानी के बेटे से हुई है
2022 में ख़बर आई कि रोटोमैक समूह के लोन घोटाले को देखकर बड़े-बड़े घोटालों की जांच करने वाली सीबीआई हैरत में पड़ गई है। जांच में पता चला है कि 26,143 करोड़ का कारोबार रोटोमैक ने केवल चार कंपनियों के साथ किया। इन कंपनियों का पता भी एक ही है, जो 1500 वर्गफीट का एक हॉल है। ताज्जुब यह कि इन चारों कंपनियों में कर्मचारी भी एक ही है। वही कंपनी का सीईओ भी है
जिसका नाम था प्रेमल प्रफुल्ल कामदार। वह 1500 वर्गफुट के एक कमरे में बैठकर बंदरगाह से लेकर लोडिंग-अनलोडिंग, बिलिंग, एकाउंट, डिलीवरी तक सारे काम कर रहा था। सीबीआई ने भी हैरानी जताई है कि आखिर ऐसी हवाई कंपनी से कारोबार के आधार पर बैंकों ने 2100 करोड़ रुपये की लोन लिमिट कैसे दे दी।
है न कमाल !
फिर आप ही बताइए कि विनोद शांतिलाल अडानी के कारोबार के बारे ठीक ऐसी ही बात आपको एक विदेशी शॉर्ट सेलर्स संस्था हिंडनबर्ग बताती है तो आप को आश्चर्य क्यों होता है
अच्छा एक मजे की बात और जान लीजिए जिस बैंक ऑफ बड़ौदा ने अडानी जी को आज और लोन देने की इच्छा जताई है उसी बैंक ऑफ बड़ौदा ने अक्टूबर 2015 में विक्रम कोठारी द्वारा संचालित रोटोमैक ग्लोबल को दिए गए 435 करोड़ रुपये के ऋण को एनपीए और दिसंबर 2017 में “फ्रॉड” के रूप में वर्गीकृत किया था
विनोद शांतिलाल अडानी जी के भगोड़े समधी जतिन मेहता के बारे में आपको अगली पोस्ट में बताएंगे!…..





