शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण स्टारर मूवी पठान पर जारी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस फिल्म के गाने ‘बेशरम रंग…’ में भगवा रंग की बिकिनी पहनकर दीपिका ने शाहरुख के साथ बोल्ड सीन दिए हैं। इस पर अयोध्या की हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने कहा कि जिस थिएटर में यह फिल्म लगे उसे फूंक दो। दुष्टों के साथ दुष्टता का आचरण ही करना चाहिए।
पठान कॉन्ट्रोवर्सी पर पहली बार अभिनेता शाहरुख खान ने चुप्पी तोड़ी है। शाहरुख ने इशारों-इशारों में कहा- दुनिया चाहें कुछ भी कर ले। मैं और आप जितने भी पॉजिटिव लोग हैं… सब जिंदा हैं। आज के वक्त में सोशल मीडिया द्वारा एक कलेक्टिव नरेटिव दिया जाता है। मैंने कहीं पढ़ा था, निगेटिविटी सोशल मीडिया के यूज को बढ़ाती है। शाहरुख कोलकाता इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के उद्घाटन के मौके पर बोल रहे थे।
इधर, दिल्ली एसिड अटैक पीड़ित की हालत गंभीर बनी हुई है। उसका चेहरा 8% झुलस गया है। आंखें भी डैमेज हो गई हैं। फिलहाल, वह होश में है। आई स्पेशलिस्ट और प्लास्टिक सर्जन उसका इलाज कर रहे हैं। पुलिस की जांच में पता चला है कि आरोपियों ने तेजाब ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Flipkart से खरीदा था। इस पर दिल्ली पुलिस Flipkart को और दिल्ली महिला आयोग ने अमेजन को भी नोटिस भेजा है।
आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर होगी नजर
- पूर्वोत्तर भारत में चीन सीमा के पास वायुसेना युद्धाभ्यास करेगी। सुखोई-30 और राफेल जैसे फाइटर जेट उड़ान भरेंगे।
- UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 431 कैंडिडेट्स को लखनऊ के लोक भवन में अपॉइंटमेंट लेटर देंगे।
5 बड़ी खबरें, जो आपको अपडेट रखेंगी…
बांग्लादेश के पहली पारी में स्कोर 133/8, कुलदीप ने चार और सिराज ने तीन विकेट लिए
टीम इंडिया ने बांग्लादेश के खिलाफ पहले टेस्ट मैच के दूसरे दिन गुरुवार को अपनी स्थिति काफी मजबूत कर ली। पहली पारी में 404 रन का स्कोर बनाने के बाद भारत ने स्टंप्स तक बांग्लादेश की पहली पारी में 8 विकेट निकाल लिए हैं। मेजबान टीम अब तक सिर्फ 133 रन ही बना सकी है। बांग्लादेश के ऊपर फॉलोऑन का खतरा मंडरा रहा है। इससे बचने के लिए उसे अब भी 72 रन की जरूरत है।
नीरव मोदी ब्रिटिश सुप्रीम कोर्ट नहीं जा सकेगा, लंदन हाईकोर्ट ने कहा- अब अपील की जरूरत नहीं
भारत प्रत्यर्पण को लेकर भगोड़ा हीरा व्यापारी नीरव मोदी ब्रिटेन की सुप्रीम कोर्ट नहीं जा सकेगा। गुरुवार को लंदन हाईकोर्ट ने नीरव को सुप्रीम कोर्ट में अपील की राहत देने से इनकार कर दिया। प्रत्यर्पण का आदेश भी लंदन हाईकोर्ट ने ही दिया था। इसके खिलाफ वह सुप्रीम कोर्ट जाना चाहता था। अब अर्जी खारिज होने के बाद नीरव को भारत लाने की प्रक्रिया और आसान हो गई है।
अयोध्या में दीपिका की भगवा बिकिनी का विरोध, महंत बोले- थियेटर जला दो
शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण स्टारर मूवी पठान का अयोध्या का संत समाज भी विरोध कर रहा है। हनुमानगढ़ी के महंत राजूदास ने कहा कि जिस थिएटर में यह फिल्म लगे उसे फूंक दो। दुष्टों के साथ दुष्टता का आचरण ही करना चाहिए।
दरअसल, इस फिल्म के गाने ‘बेशरम रंग…’ में दीपिका भगवा रंग की बिकिनी पहने हुए हैं। इसमें शाहरुख और दीपिका ने बोल्ड सीन दिए हैं। दीपिका के भगवा रंग की बोल्ड ड्रेस पहनने पर ही विवाद हो रहा है।
महंत राजूदास ने कहा, ‘बॉलीवुड-हॉलीवुड लगातार इस प्रयास में रहता है कि किसी प्रकार से सनातन धर्म, संस्कृति का मजाक उड़ाए। हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया जाए। साधु-संतों का रंग, राष्ट्र का रंग, देश का रंग, सनातन संस्कृति का रंग भगवे का जिस तरह से पठान मूवी में अपमान किया गया है। यह बहुत दुखद है।’
अयोध्या के संत राजूदास ने पठान फिल्म का बहिष्कार करने की अपील की है।
उन्होंने आगे कहा, ‘शाहरुख एक बार नहीं, बल्कि कई बार ऐसे सनातम धर्म संस्कृति का मजाक उड़ाते हैं। अभी देखिए, क्या जरूरत थी दीपिका को भगवा वस्त्र में बिकिनी पहनकर नंगा प्रदर्शन करने की या आस्था को ठेस पहुंचाने की। मैं दर्शकों से ऐसी मूवी का बहिष्कार करने को कहता हूं। जिस थिएटर में यह पिक्चर लगे उसे फूंक दो। नहीं फूंकोगे तो ये मानने वाले नहीं हैं। जैसे को तैसा करना पड़ता है। दुष्टों के साथ जब तक दुष्टतापूर्ण व्यवहार नहीं करोगे, तो इसके ऊपर आप कंट्रोल नहीं लगा सकते हैं।’

पठान फिल्म के गाने बेशरम रंग में दीपिका और शाहरुख खान को इस अंदाज में दिखाया गया है।
आगरा में हिंदू महासभा ने कहा- सीन नहीं हटाए तो फिल्म रिलीज नहीं होने देंगे
आगरा में भी हिंदूवादी संगठन ने फिल्म का विरोध किया है। उन्होंने धमकी दी है कि अगर बोल्ड सीन को नहीं हटाया गया तो फिल्म रिलीज नहीं होने देंगे। महासभा के महामंत्री अवतार सिंह गिल ने इसे जानबूझकर हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया है। उनका सवाल है कि आखिर सेंसर बोर्ड ने इसे अनुमति क्यों दी? भगवा हिंदू धर्म का प्रतीक है। पूरे आगरा मंडल में फिल्म नहीं चलने दी जाएगी।
शाहरुख का वैष्णो देवी जाना पब्लिसिटी स्टंट
वहीं, संगठन की ब्रज महिला मंडल की अध्यक्ष मीना दिवाकर का कहना है कि दीपिका पहले भी देशद्रोहियों का समर्थन कर चुकी हैं। शाहरुख खान भी हमारे धर्म को गलत दिखा रहा है। उसका वैष्णो देवी जाना सिर्फ फिल्म की पब्लिसिटी करना था। फिल्म रिलीज नहीं होने दी जाएगी।

गाने में शाहरुख और दीपिका दोनों बोल्ड लुक में नजर आए हैं।
प्रयागराज में भी पठान का विरोध, पोस्टर जलाया, कहा- अपमान बर्दाश्त नहीं
प्रयागराज में भी बुधवार को पठान फिल्म के विरोध में शाहरुख और दीपिका के पोस्टर जलाए गए। भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुट्ठीगंज चौराहे पर पोस्टर जलाने के बाद नारेबाजी की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने पठान फिल्म में भगवा रंग को अपमानित किए जाने का आरोप लगाया। भाजपा नेता राजेश केसरवानी ने कहा कि पठान फिल्म के बेशरम रंग के गाने में भगवा रंग के साथ अश्लीलता प्रयोग किया जाना पूरे हिंदू संस्कृति का अपमान है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रयागराज में पठान फिल्म का विरोध किया और शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण का पोस्टर जलाया।
एमपी के गृहमंत्री ने कहा- अभिनेत्री की वेशभूषा और दृश्यों को ठीक करें
पठान के गाने को लेकर सिर्फ यूपी में ही नहीं, मध्यप्रदेश में भी विवाद बढ़ गया है। प्रदेश के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने भी फिल्म को लेकर आपत्ति जताई है। बुधवार को उन्होंने कहा, “पठान फिल्म के गाने में अभिनेत्री की वेशभूषा और दृश्यों को ठीक करें, नहीं तो फिल्म को प्रदेश में अनुमति दी जाए अथवा नहीं, इस पर फैसला किया जाएगा।” इसके अलावा, इस मामले में कांग्रेस नेता गोविंद सिंह ने भी फिल्म के सीन्स को लेकर आपत्ति जताई है।
नरोत्तम मिश्रा ने कहा, “फिल्म के गाने में उपयोग की गई कॉस्ट्यूम पहली नजर में बेहद आपत्तिजनक है। साफ दिख रहा है कि यह गाना दूषित मानसिकता के कारण फिल्माया गया है। वैसे भी दीपिका पादुकोण टुकड़े-टुकड़े गैंग की समर्थक रही हैं, इसलिए इन सीन्स को ठीक करें।
इस बीच मध्यप्रदेश में भी पठान का विरोध तेज हो गया है। गुरुवार को इंदौर के मालवा मिल चौराहे पर शाहरुख खान के खिलाफ प्रदर्शन हुआ। महिलाओं ने शाहरुख के पोस्टर पर चप्पलें मारीं, इसके बाद भाजपा युवा मोर्चा ने पुतला दहन कर विरोध जताया।
ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी (AIMTC) भी फिल्म के विरोध में है। AIMTC के अध्यक्ष पीरजादा खुर्रम मियां चिश्ती ने कहा कि 24 घंटे के अंदर देशभर से उन्हें 400 से ज्यादा कॉल आए। कई लोग घर पर आए और पठान फिल्म को मुस्लिमों के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि फिल्म में मुस्लिमों की भावनाओं को भड़काया गया है।
एसिड अटैक केस में दिल्ली पुलिस का Flipkart को नोटिस, यहीं से आरोपी ने खरीदा था तेजाब
दिल्ली एसिड अटैक पीड़ित की हालत गंभीर बनी हुई है। उसका चेहरा 8% झुलस गया है। आंखें भी डैमेज हो गई हैं। फिलहाल, वह होश में है। आई स्पेशलिस्ट और प्लास्टिक सर्जन उसका इलाज कर रहे हैं। ये जानकारी सफदरजंग अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने दी।
उधर, पुलिस की जांच में पता चला है कि आरोपियों ने तेजाब ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Flipkart से खरीदा था। इस पर दिल्ली पुलिस Flipkart को और दिल्ली महिला आयोग ने अमेजन को भी नोटिस भेजा है।
दिल्ली महिला आयोग (DCW) ने नोटिस में लिखा- जानकारी मिली है कि आरोपी ने तेजाब Flipkart से खरीदा था। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर बैन लगा दिया था, लेकिन यह Amazon और Flipkart जैसे प्लेटफॉर्म पर आसानी से मिल रहा है। अपने प्लेटफॉर्म पर एसिड बेचने की वजह बताइए।


फ्लिपकार्ट के जवाब का इंतजार
दिल्ली की वरिष्ठ पुलिस अधिकारी प्रीत हुड्डा ने बताया कि सचिन ने एसिड Flipkart से मंगाया था। पेमेंट के लिए उसने फ्लिपकार्ट के ई-वॉलेट का इस्तेमाल किया। हालांकि अभी तक Flipkart की ओर से इस बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। घटना द्वारका इलाके में 14 दिसंबर को सुबह 7:30 बजे हुई। लड़की अपनी छोटी बहन के साथ जा रही थी, तभी बाइक पर सवार 2 लोग आए। पीछे बैठे लड़के ने तेजाब फेंक दिया।
तीन आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तीनों की पहचान सचिन अरोड़ा (20 साल), हर्षित अग्रवाल (19 साल) और वीरेंद्र सिंह (22 साल) के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि सचिन मुख्य आरोपी है, उसने हर्षित और वीरेंद्र की मदद से वारदात को अंजाम दिया।

दिल्ली पुलिस तीनों आरोपियों के चेहरे ढंक कर लाई और मीडिया को ब्रीफ किया कि इन तीनों ने ही वारदात को अंजाम दिया था।

दिल्ली पुलिस ने ही इस घटना का CCTV फुटेज जारी किया है।
सचिन ने तेजाब फेंका, वीरेंद्र ने पुलिस को गुमराह करने की प्लानिंग की
घटना के समय हर्षित अग्रवाल बाइक चला रहा था। पीछे बैठे सचिन अरोड़ा ने तेजाब फेंका था। तीसरा आरोपी वीरेंद्र सिंह है। वह घटना के वक्त सचिन का स्कूटर और मोबाइल लेकर दूसरी जगह चला गया था, ताकि सचिन की लोकेशन कहीं और शो हो और वारदात में उसका नाम न आए।
पिता बोले- बेटी की आंखों में एसिड गया
लड़की के पिता ने मीडिया को बताया कि बेटी की हालत गंभीर है। उन्होंने कहा, ‘मेरी बेटियां आज सुबह एक साथ बाहर निकली थीं। छोटी बेटी भागते हुए घर पर आई और उसने बताया कि 2 लड़के दीदी पर एसिड डालकर चले गए। उनके चेहरे भी ढंके हुए हैं इसलिए कुछ पता नहीं चल पा रहा है। उसकी (पीड़ित) हालत अभी बहुत खराब है, उसकी दोनों आंखों में एसिड चला गया है।’ द्वारका DSP ने बताया- लड़की 8 फीसदी झुलसी है।
राज्य महिला आयोग ने पूछा- क्या किसी में कानून का डर है?
दिल्ली महिला आयोग प्रमुख स्वाति मालीवाल ने इस घटना पर चिंता जताते हुए राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने घटना का वीडियो शेयर करते हुए पूछा- देश की राजधानी में दिनदहाड़े एक स्कूली बच्ची पर 2 बदमाश दबंगई से तेजाब फेंककर निकल जाते हैं। क्या किसी को भी अब कानून का डर है ? क्यों तेजाब पर बैन नहीं लगाया जाता? शर्म की बात है।

उन्होंने एक और ट्वीट में कहा- एसिड सब्जियों की तरह आसानी से मिल रहा है। सरकार इसकी खुदरा बिक्री पर रोक क्यों नहीं लगा रही। दिल्ली महिला आयोग सालों से इस पर बैन की मांग कर रहा था। सरकारें कब जागेंगीं?
वहीं राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी मामले की जांच के लिए एक टीम सफदरजंग हॉस्पिटल भेजी है। आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने दिल्ली के पुलिस कमिश्नर को लेटर लिखा है। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की कार्रवाई शुरू करें।
SC ने गोधरा के दोषी को जमानत दी: ट्रेन पर पत्थर फेंके थे, 17 साल जेल में रहा
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को गोधरा कांड के एक दोषी फारूक को जमानत दे दी। उम्रकैद की सजा के खिलाफ दोषी की अपील 2018 से सुप्रीम कोर्ट में लंबित थी। सुप्रीम कोर्ट ने आज कहा कि फारूक 2004 से जेल में है। वो पिछले 17 साल जेल में रह चुका है। इसलिए उसे जमानत दी जाए।
जमानत का विरोध करते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, “यह सबसे जघन्य अपराध में से एक था। लोगों को बोगी में बंद करके जिंदा जलाया गया था। सामान्य परिस्थितियों में पत्थरबाजी कम गंभीर अपराध हो सकता है, लेकिन यह अलग है।”
पहले जाने क्या था मामला
27 फरवरी 2002 को गोधरा स्टेशन पर साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन के एक कोच में भीड़ ने आग लगा दी थी। इस घटना में 59 कारसेवकों की जलकर मौत हो गई थी। इसी के बाद गुजरात में 2002 के दंगे हुए थे। दोषी फारूक पर पत्थरबाजी और हत्या करने का मामला साबित हुआ था। इसके बाद उसे उमक्रैद की सजा सुनाई गई थी।
दरअसल, गोधरा कांड के बाद चले मुकदमों में करीब 9 साल बाद 31 लोगों को दोषी ठहराया गया था। 2011 में SIT कोर्ट ने 11 दोषियों को फांसी और 20 को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। बाद में अक्टूबर 2017 में गुजरात हाईकोर्ट ने 11 दोषियों की फांसी की सजा को भी उम्रकैद में बदल दिया था। दोषी फारूक इन्हीं में से एक है।
इससे पहले 13 मई 2022 को एक और दोषी अब्दुल रहमान धंतिया कंकट्टो जम्बुरो को 6 महीने की जमानत दी गई थी। रहमान की पत्नी को टर्मिनल कैंसर है और उसकी बेटियां मानसिक बीमार हैं। 11 नवंबर को उसकी जमानत 31 मार्च, 2023 तक बढ़ा दी गई।
अब पढ़ें आज की सुनवाई में क्या हुआ
सरकार का पक्ष रखते हुऐ SG ने कहा- मामला फाइनल हियरिंग के लिए तैयार है। अब समयबद्ध सुनवाई के लिए भी विशेष बेंच हैं। इसे भी लिस्टेड किया जा सकता है। इस पर CJI ने कहा- मिस्टर SG, आप यह कर सकते हैं। अपने जूनियर्स से एक विवरण तैयार करने के लिए कहें और इसे रजिस्ट्रार पुनीत सहगल को भेज दें। मैं इसे जरूर देखूंगा।”
बेंच ने कहा था कि पहले जमानत याचिकाएं सुनेंगे
इससे पहले 2 दिसंबर को 2002 के गोधरा ट्रेन जलाने के मामले में सुनवाई हुई थी। जिसमें CJI डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की बेंच ने गुजरात सरकार से जानकारी मांगी थी कि इस कांड में किस आरोपी की क्या भूमिका थी। दोषी फारूक की जमानत याचिका भी बेंच के पास पहुंची थी।
जब SG ने सुनवाई को जनवरी तक के लिए स्थगित करने की मांग की, तब फारूक के वकील ने बेंच से कहा कि इसे विंटर वेकेशन के पहले सुना जाए, क्योंकि राज्य दूसरी बार स्थगन की मांग कर रहा है। सॉलिसिटर जनरल ने यह भी कहा, “अगर जमानत याचिकाओं पर सुनवाई होती है, तो सब कुछ सुलझाया जा सकता है।” लेकिन बेंच ने कहा था कि वह सबसे पहले जमानत याचिकाओं पर विचार करेगी।





