इंदौर
भूमाफियाओं द्वारा सोसायटी की जमीन में किए गए खेल में एक और माफिया को पुलिस ने धुलिया (महाराष्ट्र) से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने सोसायटी से जमीन कौड़ियों के भाव लेकर इसे आगे कई सदस्यों को अपनी पैतृक संपत्ति बताकर बेच दिया था। जांच में सामने आया था, दीपक जैन उर्फ मद्दा उर्फ दिलीप सिसौदिया ने पहले तो श्रीराम सोसायटी की 5.5 हेक्टेयर जमीन करीब पौने दो करोड़ रुपए में अपने नाम करवा ली। फिर राजस्व रिकॉर्ड में इसे अपने नाम भी करा ली थी।
जमीन घोटाले में शामिल भू-माफिया दीपक मद्दा के साले दीपेश बोरा (जैन) को पकड़ने के लिए एसआईटी (SIT) की टीम पिछले तीन दिनों से धूलिया में डेरा डाले थी। जैसे ही उसकी लोकेशन मिली, पुलिस ने उसे मकान में दबिश देकर पकड़ लिया। वह पत्नी दीपा जैन के साथ किराए के मकान में रह रहा था। इससे पहले उसने गुजरात के जैन मंदिर में फरारी काट रहा था। जब पुलिस ने उसे पकड़ा, तो मास्क लगाए था।
फरारी में छुपा था मंदिर में
एसडीएम अक्षयसिंह मरकान की शिकायत पर खजराना पुलिस ने 17 फरवरी को उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें दीपक मद्दा उर्फ दिलीप जैन और प्रकाश धनवानी आदि के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया था, तभी से इनकी तलाश की जा रही थी। एसपी आशुतोष बागरी ने बताया कि आरोपी की लगातार तलाश की जा रही थी। पुलिस ने जब दीपेश को गिरफ्तार किया, तो वह गिड़गिड़ाने लगा।
फरारी के दौरान उसने भावनगर के जैन तीर्थस्थल को चुना था। वहां एक धर्मशाला में कई दिनों तक रहा। उसने पुणे, मुंबई और गुजरात के कई क्षेत्रों में फरारी काटी। 30 हजार के इस इनामी भूमाफिया ने मजदूर पंचायत गृह निर्माण सहकारी संस्था में उपाध्यक्ष रहते हुए करोड़ों की जमीनों की धोखाधड़ी की थी। गुरुवार को पुलिस टीम उसे यहां लेकर पहुंची। दोपहर बाद उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।
फरवरी माह में प्रशासन की सबसे कार्रवाई बड़ी हुई थी
सीएम के आदेश के बाद प्रशासन और पुलिस ने कार्रवाई कर 3250 करोड़ की जमीन भूमाफिया से मुक्त करने की कार्रवाई की थी। जमीन पर भूमाफिया दो दशक से भी ज्यादा वक्त से काबिज थे। पुष्पविहार के लगभग 1150 और आयोध्यापुरी के लगभग 350 पीड़ितों के दो दशक से अधिक से माफियाओं ने कब्जे कर रखे थे। कार्रवाई के बाद ही दो थानों में दर्ज 6 एफआईआर, 2 एमआईजी और 4 एफआईआर खजराना थाने में की जा चुकी हैं।





