~डॉ. प्रिया
जब आप मोबाइल फोन के साथ ज्यादा समय बोलते हैं तो यह आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता, फिटनेस और ब्रेन हेल्थ को नुकसान पहुंचाता है। जिससे आप गुस्सैल, चिड़चिड़े और कमजोर भी हो जाते हैं।
स्मार्टफोन के इस युग में सभी अपने मोबाइल फोन को 24 घंटे अपने पास रखते हैं। पूरा दिन मोबाइल फोन के साथ काम करने के बाद रात को सोने से ठीक पहले कोई भी मोबाइल फोन चार्ज नहीं करना भूलता। वहीं ज्यादातर लोग सोते हुए सोते हुए अपने तकिए के पास रहते हैं। परंतु आपको क्या होने वाले स्वास्थ्य संबंधी परेशानी (रात में मोबाइल फोन का उपयोग करने के दुष्प्रभाव) का अंदाजा है?
रात को मोबाइल फोन चलाने की आदत सीधे आपकी नींद को प्रभावित करती है, और आपकी अधूरी नींद समग्र स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाती है।
बड़ों के साथ-साथ आजकल कम उम्र के बच्चे भी इन गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं। इसकी वजह से बहुत जल्दी लोग एंग्जाइटी, डिप्रेशन और तरह-तरह की लाइफस्टाइल डिसऑर्डर का शिकार हो रहे हैं।
*सेहत का साइलेंट किलर है मोबाइल फोन*
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के मुताबिक अगर आप रात का एक लंबा समय फोन पर गुजारते हैं या रात को सोते हुए फोन चलाते हैं और बीच-बीच में कॉल या मैसेज चेक करते हैं तो इससे आपकी नींद की गुणवत्ता प्रभावित होती है। यही आपकी समग्र सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है।
इसकी वजह से स्ट्रेस हार्मोन बढ़ते हैं और यह स्वतंत्र प्रणाली को भी नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। पूरे दिन में बहुत कम भूख लगती है। प्रजनन समस्या को लेकर हाई ब्लड प्रेशर और कार्डियोवैस्कुलर ग्लोबल हेल्थ का खतरा बढ़ जाता है।
*सोने में होती है परेशानी :*
मोबाइल आपकी नींद की क्वॉलिटी को खराब तरह से प्रभावित करता है।नींद प्रभावित होती है. रात को सोने से पहले फोन का इस्तेमाल खतरनाक है. आमतौर पर सभी यही मानते हैं कि स्मार्टफोन ने उनकी जिंदगी आसान बना दी है।
हालांकि, मनोरंजन और सूचना के लिए यह जोखिम है, लेकिन बाद में जब स्वास्थ्य आता है तो इसका प्रभाव काफी नकारात्मक हो सकता है।
*मस्तिष्क की अशांति :*
सोते समय यदि आप फोन का उपयोग करते हैं, तो इसकी वजह से आपका दिमाग अधिक सक्रिय रहता है और मस्तिष्क को रेस्ट करने का मूड खराब हो जाता है। ऐसे में यह आपकी नींद की गुणवत्ता को खराब तरह से प्रभावित करता है।
यदि आप रात को लंबे समय तक फोन नहीं चलाते हैं, लेकिन सोते समय थोड़ी देर के लिए फोन में मैसेज या कॉल चेक करते हैं, तो इसकी वजह से भी आपका दिमागी संतुलन बिगड़ जाता है। जिससे आपको समय से नींद नहीं आती।
*मेलाटोनिन उत्पादन घटना :*
उचित समय पर दिमाग को नींद के लिए सिंगल देना और नींद को बढ़ावा देने के साथ ही इसकी गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए हमारे शरीर को मेलाटोनिन की आवश्यकता होती है।
ऐसे में आपके मोबाइल फोन की लाइट रात को सीधे आपके आस-पास रहती है। ये ब्लू लाइट मेलाटोनिन के उत्पादन को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है।
*सुबह उठने के बाद थकान और सुस्ती :*
हर्वर्ट द्वारा प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार यदि आप रात को सोने से पहले फोन चलाते हैं तो आपको सुबह उठने के बाद ऐसा महसूस होता है, जैसे आपकी नींद पूरी तरह से नहीं हुई है। साथ ही आपको आलस और सुस्ती महसूस होती रहती है।
ऐसा इसलिए होता है क्यूकी रात को फोन चलाने से आपका दिमाग सक्रीय रहता है, जो नींद की गुणवत्ता को खराब तरह से प्रभावित करता है। ऐसे में आप रात को पर्याप्त और अच्छी नींद नहीं पाते हैं।
*मैकुलर डिजनरेशन का कारण :*
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ़ मेडिसिन द्वारा प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार रात को सोने से पहले मोबाइल का इस्तेमाल करना आपकी आंखों को जल्दी बूढ़ा कर सकता है।
इससे निकलने वाली ब्लू लाइट एंटी ऑक्सीडेंट इफेक्ट को प्रभावित करती हैं और व्यक्ति में मैकुलर डिजनरेशन की स्थिति को बढ़ावा देती हैं।
इस स्थिति में आंखों के सेंटर का विजन धुंधला हो जाता है। हालांकि, एक उम्र के साथ मैकुलर डिजनरेशन की स्थिति उत्पन्न होना आम है, परंतु स्मार्टफोन का अधिक इस्तेमाल आपकी आंखों को समय से पहले बूढ़ा बना देता है।





