आनंद सूर्यवंशी*
सांप रेंगने वाले जीवों में आते हैं जो पूर्णतः मांसाहारी होते हैं. सांप अपने भोजन में मेंढक, चूहे, पक्षी, छिपकली, अन्य छोटे सांप आदि खाते हैं. यह बात पूरी तरह से गलत है कि सांप दूध पीते हैं.
हमारे देश में न जाने कितनी सदियों से अलग-अलग परंपराएं चलती आ रही हैं. इन्हीं परंपराओं में एक ऐसी परंपरा भी शामिल है, जिसमें लोग सांप को दूध पिलाते हैं. सांप को दूध पिलाना कितना सही है और कितना गलत है, इसके बारे में बहुत कम लोग ही जानते हैं. लिहाजा, ज्ञान के अभाव में हम सभी सांप को दूध पिलाना पुण्य समझते हैं, जबकि ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. आपको जानकर हैरानी होगी कि दूध पीने की वजह से सांपों की मौत भी हो सकती है. जी हां, इसके पीछे वैज्ञानिक कारण है
मांसाहारी होते हैं सांपसांप रेंगने वाले जीवों में आते हैं जो पूर्णतः मांसाहारी होते हैं. सांप अपने भोजन में मेंढक, चूहे, पक्षी, छिपकली, अन्य छोटे सांप आदि खाते हैं. यह बात पूरी तरह से गलत है कि सांप दूध पीते हैं. यह एक गलत परंपरा है, जिसे हम सालों से निभाते आ रहे हैं. जबकि सच्चाई यही है कि सांप न तो दूध पीते हैं और न ही वे इसे पीना पसंद करते हैं. दरअसल, इस गलत परंपरा के पीछे सपेरों का हाथ है. अपना घर-परिवार चलाने के लिए सांपों पर निर्भर रहने वाले सपेरे इसी परंपरा के कारण जगह-जगह घूमकर पैसा और अनाज प्राप्त करते हैं. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो नाग पंचमी से पहले सपेरे जंगल से सांप पकड़ते हैं और उनके दांत तोड़ देते हैं और उनके जहर की ग्रंथि भी निकाल लेते हैं, ताकि उनके हमले से कोई व्यक्ति खतरे में न पड़े.दांत तोड़ने की वजह से सांप के मुंह में घाव हो जाता है. इतना ही नहीं, सपेरे जंगलों से पकड़कर लाए गए सांपों को कई दिनों तक भूखा-प्यासा रखते हैं ताकि नाग पंचमी के दिन वे भूख से तड़पते हुए कुछ भी खा-पी लें. जब उन्हें कई दिनों तक भूखा-प्यासा रखकर नाग पंचमी वाले दिन लोगों के पास ले जाया जाता है तो वे दूध को पानी समझकर पी लेते हैं. दूध पीने की वजह से दांत तोड़ने के कारण मुंह में हुआ घाव और भी ज्यादा खराब हो जाता है. इतना ही नहीं, दूध पीने की वजह से सांप के फेफड़े और आंत भी खराब हो जाते हैं और फिर कुछ दिनों बाद उनकी मौत हो जाती है. इसलिए सांप को कभी भी दूध नहीं पिलाना चाहिए..
*- आनंद सूर्यवंशी**(Animal Lover)**(Snake rescuer)*





