अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

तो सचिन पायलट के बगैर ही हो गया राजस्थान में कांग्रेस का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर

Share

एस पी मित्तल, अजमेर

28 दिसंबर को राजस्थान के कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदेश स्तरीय प्रशिक्षण शिविर जयपुर के पदमपुर में संपन्न हो गया। यह शिविर लगातार तीन दिनों तक चला। शिविर को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश प्रभारी महासचिव अजय माकन, कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित राष्ट्रीय स्तर के अनेक नेताओं ने संबोधित किया। इस शिविर का महत्व इसी से समझा जा सकता है कि इसमें मौजूदा जिला कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्षों एवं प्रमुख पदाधिकारियों ने भाग लिया। तीन दिवसीय शिविर में कई सत्र हुई, लेकिन एक भी सत्र में पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट का संबोधन नहीं हुआ। ऐसा नहीं कि पायलट राजस्थान से बाहर थे, इसलिए शिविर में नहीं आ सके। 26 दिसंबर को जब सीएम अशोक गहलोत ने शिविर का शुभारंभ किया तब पायलट अपने निर्वाचन क्षेत्र टोंक में थे। 27 दिसंबर को जब प्रभारी महासचिव अजय माकन जयपुर आए तो पायलट ने जयपुर के निकट ही बानसूर में शहीद हंसराज गुर्जर की प्रतिमा का लोकार्पण किया। पायलट 28 दिसंबर को भी जयपुर में ही रहे। सब जानते है कि पायलट इन दिनों देश के बड़े शहरों में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस का पक्ष रख रहे हैं। ऐसे में यदि पायलट को राजस्थान कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर में आमंत्रित किया जाता है तो वे अवश्य भाग लेते। राजस्थान और जयपुर के आसपास होने के बाद भी सचिन पायलट को कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर में न बुलाया जाना अनेक सवाल खड़े करता है। यह तब है जब डेढ़ वर्ष पहले तक सचिन पायलट की राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष थे। पायलट के प्रदेशाध्यक्ष रहते हुए ही कांग्रेस ने 2018 का विधानसभा चुनाव लड़ा था और कांग्रेस को जीत मिली थी। पायलट को अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद भले ही जिला कमेटियों को भंग कर दिया गया हो, लेकिन भंग कमेटियों के अध्यक्ष ही अपने अपने जिलों में राजनीतिक गतिविधियां कर रहे हैं। जिन अध्यक्षों ने शिविर में प्रशिक्षण लिया, उनकी नियुक्ति भी पायलट ने ही की थी। शिविर में सचिन पायलट का संबोधन नहीं करने को लेकर कांग्रेस नेताओं में भी चर्चा हो रही है। सब जानते हैं कि प्रशिक्षण शिविर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पहल पर ही हुआ है। क्या इस शिविर के माध्यम से यह दिखाने की कोशिश की गई है कि अब पायलट के बगैर ही राजस्थान कांग्रेस चलेगी? भले ही पायलट को कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर में नहीं बुलाया गया हो, लेकिन प्रदेश भर में पायलट की लोकप्रियता बनी हुई है।

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें