सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) लेह में हुई हिंसा की घटनाओं की कड़ी निंदा करती है और इसके लिए प्रसिद्ध पर्यावरणविद एवं शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक को दोषी ठहराने की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कोशिश को ग़ैर ज़िम्मेदाराना और अलोकतांत्रिक मानती है।
सोनम वांगचुक ने हमेशा अहिंसक, शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीक़ों से लद्दाख की जनता की माँगों को आगे बढ़ाया है। उनकी पहचान एक दूरदर्शी शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता और प्रकृति-प्रेमी व्यक्ति के रूप में रही है। भाजपा द्वारा उन पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाना न सिर्फ़ तथ्यहीन है बल्कि लद्दाख की जनता की लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का प्रयास है।
दरअसल हिंसा का ठीकरा शांतिप्रिय आंदोलनों पर फोड़कर भाजपा जनता का ध्यान अपनी असफलताओं और अलोकप्रियता से भटकाना चाहती है। इस केंद्र सरकार ने जनांदोलनों की माँगों पर गंभीर और संवेदनशील रुख अपनाने के बजाय शुरू से ही उनको बदनाम करने और नेताओं को निशाना बनाने का रास्ता चुना है।
सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) का स्पष्ट मत है कि लेह की हिंसा की ज़िम्मेदारी सरकार की नीतिगत विफलताओं और जनता की आवाज को अनसुना करने के रवैये पर है, न कि सोनम वांगचुक या किसी अन्य शांतिपूर्ण आंदोलनकारी पर।
सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) का मानना है कि लद्दाख के लोगों की माँगें – चाहे वह पूर्ण राज्य की माँग हो या छठे अनुसूची का दर्जा देने की, पर्यावरण की रक्षा हो या रोजगार व आजीविका से जुड़ा सवाल हो – पूरी तरह न्यायोचित हैं। सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) लद्दाख की जनता के साथ खड़ी है और उनके शांतिपूर्ण संघर्ष को अपना समर्थन देती है।
हम सरकार से माँग करते हैं कि लेह हिंसा की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराई जाए, सोनम वांगचुक और अन्य शांतिपूर्ण कार्यकर्ताओं को निशाना बनाना बंद किया जाए एवं लद्दाख की जनता की लोकतांत्रिक माँगों पर तुरंत संवाद शुरू किया जाए।
– बसंत हेतमसरिया
राष्ट्रीय प्रवक्ता
सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया)मो. 9934443337





