सपा MLA आजमी पर विवादित बयान देने का दबाव बना रहे लोग; कांग्रेस नेता वाडेट्टीवार का दावा
मुंबई:सपा नेता अबू आजमी के बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में सांप्रदायिक सौहार्द और धार्मिक परंपराओं को लेकर नया विवाद खड़ा कर दिया है। वारी जैसे पवित्र आयोजन पर की गई तुलना को सभी दलों और संगठनों ने नकारते हुए माफी और कार्रवाई की मांग की है।

अबू आजमी ने क्या कहा था?
महाराष्ट्र सपा प्रदेश अध्यक्ष अबू आजमी ने रविवार को कहा कि मुसलमानों ने कभी ‘वारी’ यात्रा का विरोध नहीं किया, जबकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे नेता सड़कों पर नमाज को लेकर बयानबाजी करते हैं।
एनसीपी का तीखा हमला
एनसीपी के मुख्य प्रवक्ता आनंद परांजपे ने आजमी के बयान को ‘जहरीला’ बताया और कहा कि वे बार-बार ऐसे बयान देकर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘आजमी अब महाराष्ट्र में एक जहरीले तत्व बन चुके हैं। सरकार को उन पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।’ एनसीपी नेता ने बताया कि आषाढ़ी वारी एक 800 साल पुरानी परंपरा है और इसमें संत ज्ञानेश्वर व संत तुकाराम की पालखियों के साथ लाखों वारकरी शामिल होते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इसमें कई मुस्लिम भी सेवा करते हैं और भाग लेते हैं।
भाजपा नेता नितेश राणे की चेतावनी
वहीं राज्य के बंदरगाह मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे ने कहा कि ‘कोई भी व्यक्ति हिंदू संस्कृति और परंपराओं पर टिप्पणी करने की हिम्मत न करे।’ उन्होंने सवाल किया कि अगर ‘वारी’ या महाकुंभ पर सवाल उठेंगे तो क्या हज यात्रा पर भी प्रश्न उठाए जाएं?
विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने जताई नाराजगी
वीएचपी महाराष्ट्र-गोवा के मंत्री गोविंद शिंदे ने अबू आजमी की कड़ी निंदा की और कहा, ‘आषाढ़ी और कार्तिकी वारी महाराष्ट्र की गौरवशाली परंपराएं हैं, जो सामाजिक एकता और समरसता का प्रतीक हैं। हिंदू समाज हमेशा सहिष्णु रहा है।’ उन्होंने यह भी कहा कि वारी एक साल में केवल एक बार होती है और प्रशासन मिलकर यातायात और अन्य व्यवस्थाओं को संभालता है। ऐसे में आजमी का यह बयान हिंदू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला और परंपराओं का अपमान करने वाला है।
मुख्यमंत्री फडणवीस की प्रतिक्रिया
रविवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी अबू आजमी पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘वे केवल सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं।’
सपा नेता अबू आजमी के मुगल शासक औरंगजेब को लेकर दिए बयान पर सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है. एनसीपी (एसपी) के नेता रोहित पवार ने अखिलेश यादव से अपील की कि वो अबू आजमी के खिलाफ कार्रवाई करें. एनसीपी (एसपी) के नेता रोहित पवार ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि हमारे मन में छत्रपति शिवाजी महाराज और छत्रपति संभाजी महाराज के लिए भावनाएं हैं और ये लोग हमारे भगवान पर लगातार टिप्पणी क्यों करते हैं. मैं अखिलेश यादव से भी मांग करता हूं कि वह महाराष्ट्र अबू आजमी पर कार्रवाई करें और उनकी जगह किसी और को महाराष्ट्र सपा का अध्यक्ष बनाएं.
शिवसेना नेता संजय गायकवाड ने अबू आजमी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अबू आजमी ने जो बयान दिया है, वह गलत है. औरंगजेब जब बादशाह था तो उसने अपने भाई और पिता को नहीं छोड़ा. इतना ही नहीं, हिंदुस्तान की धरती को लहू-लुहान किया. मुझे लगता है कि औरंगजेब का समर्थन करना किसी भी तरह से उचित नहीं है. समाजवादी पार्टी (सपा) नेता अबू आजमी ने मंगलवार को मुगल शासक औरंगजेब को लेकर की अपनी टिप्पणी पर सफाई दी थी. उनका कहना था कि इतिहासकारों ने औरंगजेब के बारे में जो लिखा.
मैंने वही कहा कि मेरे बयान को तोड़-मरोड़ के पेश किया जा रहा है. मैंने छत्रपति शिवाजी महाराज,संभाजी महाराज या अन्य किसी भी महापुरुषों के बारे में कोई अपमानजनक टिप्पणी नहीं की है. लेकिन फिर भी मेरी इस बात से कोई आहत हुआ है तो मैं अपने शब्द, अपना स्टेटमेंट वापस लेता हूं.
आपको बता दें कि अबू आजमी ने कहा था कि औरंगजेब इंसाफ पसंद बादशाह था। उसके कार्यकाल में ही भारत सोने की चिड़िया बना. मैं औरंगजेब को क्रूर शासक नहीं मानता हूं. औरंगजेब के समय में राजकाज की लड़ाई थी, धर्म की नहीं थी, हिंदू-मुसलमान की लड़ाई नहीं थी. औरंगजेब ने अपने कार्यकाल में कई हिंदू मंदिरों का निर्माण करवाया. औरंगजेब को लेकर गलत इतिहास दिखाया जा रहा है.





