अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

स्ट्रेस सबसे बुरी बीमारी नहीं 

Share

     डॉ. विकास मानव

जब आपको स्ट्रेस होता है, तो एक हॉर्मोन secrete होता है जिसे कोर्टिसोल बोलते हैं.

ये क्यों होता है ? क्यूंकि ये आपके दिमाग को खुराक पहुँचाने का काम करेगा। 

दिमाग के लिए प्रमुख खाना है ग्लूकोस। इसलिए कोर्टिसोल के रिलीज़ आते ही आपका ग्लूकोस लेवल up जाएगा अचानक से। 

इस से ब्रेन को जो आप फालतू थिंकिंग कर रहे हैं वो कर पाने में मदद मिलेगी। 

लेकिन, खेल केवल शुरू हुआ है यहां पर. ग्लूकोस आएगा कहाँ से ? कोर्टिसोल आपकी मसल्स से ले लेगा, जिस से के आपकी मसल्स का डिसॉलूशन होना शुरू हो जाएगा.

    आप जो उम्र की वजह से लूज़ करने वाले थे मसल्स वो आसानी से अब कर जाओगे।  हमारा ब्रेन ग्लूकोस का सबसे बड़ा उपभोगता है. आपने कई बार सुना होगा के कुछ कैंसर के इलाजों में कैंसर सेल्स को ग्लूकोस से रहित करने का बोला जाता है. अब वो क्यों बोला जाता है उसके पीछे भी साइंस है. हालांकि वो जैसे करने को बोलते हैं वर्क नहीं करता लेकिन साइंस है उसके पीछे, क्यूंकि ग्लूकोस सबसे पहले आपका ब्रेन खायेगा, और भी कई प्रोसेसेज हैं जिन्हे के कैंसर सेल्स से पहले ग्लूकोस मिल जाएगा. हालांकि ये बहुत ही टेढ़ी प्रक्रिया है जिसका के अगले लेख में स्पस्टीकरण करूँगा। 

    अब के लिए ये समझो कि ब्रेन ग्लूकोस के लिए आपके कैसे भी रिज़र्व खाली करवा देगा.

 भारी मात्रा में ग्लूकोस इधर उधर से ब्रेन को पहुंचाने का काम होगा, लेकिन इस से ब्रेन के साथ भी पन्गा होगा, क्यूंकि एक्सेस ग्लूकोस नुक्सानदेय है आपके सभी ऑर्गन्स के लिए, इवन सेल्स के लिए क्यूंकि उनके माइटोकांड्रिया के डिसफंक्शन का भी कारण बनता है. ये ATP क्रिएशन में भी बाधा पैदा करता है, यानी एनर्जी प्रोडक्शन में, 

और ये भी केवल इसके खेल की शुरुआत है. अब ज्यादा ग्लूकोस के लिए ज्यादा इन्सुलिन आएगी, और इन्सुलिन आपकी आँखों से लेकर आपकी टांगों ब्रेन पता नहीं किस किस की ऐसी तैसी कर देती है ये। 

     आपको इन्सुलिन रेजिस्टेंस हो ही जानी है क्यूंकि इन्सुलिन रेजिस्टेंस वाली पोस्ट में हमने जाना था के जैसे ही सेल्स फिल हुए ग्लूकोस से तो और नहीं ले पाएंगे.  नहीं ले पाए तो ग्लूकोस खून में घूमता रहा, जिस के जवाब में और इन्सुलिन आयी, एक कुचक्र बन गया। 

   माइटोकांड्रिया के एनर्जी प्रोडक्शन को भी बाधित किया तो ये कुचक्र और भी घातक हो गया, क्यूंकि आप के पास ग्लूकोस ज्यादा है लेकिन आप एनर्जी प्रोडक्शन नहीं कर पा रहे इसलिए वो पड़ा रहा, और वो पड़ा रहा इसलिए और आप नहीं ले पाए. नहीं ले पाए तो और इन्सुलिन आयी, यानी के आपके शरीर में ग्लूकोस हाई इन्सुलिन हाई, यू विल सून डाई.

    इसलिए आप देखेंगे के जितना ज्यादा आप स्ट्रेस में होंगे उतनी ही ज्यादा आपकी फास्टिंग इन्सुलिन आएगी. लेकिन आप इन्सुलिन का टेस्ट ही नहीं करवाते, आप ग्लूकोस का करवाते हैं केवल इसलिए आपको पता भी नहीं चलता। 

    आपका माइटोकांड्रिया डिसफंक्शनल हो गया. आपकी एनर्जी लौ रहेगी. आपका ग्लूकोस हाई आएगा. आपकी इन्सुलिन हाई आएगी. हाई इन्सुलिन से आपको पैर गरम रहना, आँखें खराब होना, याददाश्त कम होना, प्रोस्टेट की दिक्कत होना, pcod होना, हज़ारों और दिक्कत आ जाएंगी। 

 इस सब का इलाज है स्ट्रेस को ख़त्म करो !

    सबसे आसान तरीका है कि मेडिटेशन करो. मेडिटेशन आपका ध्यान हटा देगा. जो भी चीज़ आपको चिंतित कर रही है,

उससे मुक्ति के लिए मेडिटेशन सबसे आसान तरीका है. यह तरीका है अपने दिमाग से विचार हटाने का अपनी ह्रदय गति को संतुलित करने का अपने दिमाग को शांत करने का। 

     ब्रीथिंग एक्सरसाइज भी आसान और इफेक्टिव है. इसके सिंपल ब्रूट फाॅर्स अटैक होने की वजह से, ये एक साथ आपके विचार मन और ह्रदय तीनों पर असर डालती है। जब ही मौका मिले ये कर लेनी चाहिए, चलते वक्त, गाने सुनते वक्त, वाशरूम में, किचन में, कहीं भी।

    जब आप इसके लिए ट्रैन हो गए तो ये अपने आप भी होने लग जायेगी आपके साथ और pure ब्लिस है जब ये अपने आप होने लग जाती है.

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें