इंदौर | माकपा किसान सभा आदिवासी एकता महासभा द्वारा संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर आज गांधी हॉल से जुलूस निकालकर संभाग आयुक्त कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया गांधी हॉल मैं हुई सभा को संबोधित करते हुए माकपा के राज्य सचिव कॉमरेड जसविंदर सिंह ने कहा की वर्षों के लंबे संघर्ष और लाखों कुर्बानियों के बाद प्राप्त हुई आजादी और अधिकारों को पुनः खतरा पैदा हो गया है और उसे बचाए जाने के लिए सभी वर्ग के लोग संघर्ष के मैदान में है विगत 9 माह से देश का किसान आजादी के बाद के ऐतिहासिक आंदोलन में कृषि कानून और बिजली संशोधन बिल निरस्त कराने के लिए लड़ रहा है दूसरी ओर केंद्र सरकार देशी-विदेशी पूंजीपतियों को देसी संसाधनों बैंक बीमा रेलवे और प्राकृतिक संसाधनों को वन भूमि सरकारी भूमि कारपोरेट के हवाले करती जा रही है यह हमारे देश के कृषि आधारित ढांचे के लिए गंभीर खतरा पैदा करने का कार्य सरकार द्वारा किया जा रहा है इनके खिलाफ चलाए जा रहे संघर्षों को लगातार कुचलने की कार्रवाई सरकार द्वारा की जा रही है ताजा उदाहरण हरियाणा के करनाल जिले का है जहां पर किसान विरोधी कानूनों के खिलाफ विरोध कर रहे सैकड़ों किसानों के ऊपर लाठी चार्ज किया गया लाठीचार्ज की घोषणा एसडीएम द्वारा पुलिस को दी जा रही है जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर दिखाया जा रहा है जिसमें कि वो खुलकर कह रहे हैं कि कोई भी किसान आंदोलन आगे नहीं बढ़ना चाहिए चाहे सर फोड़ना पड़े सैकड़ों की तादाद में किसानों के ऊपर लाठीचार्ज भांजी गई जिसमें कई किसान गंभीर रूप से घायल हुए हैं जिसमें सुरेश नामक किसान जो विगत 9 माह से किसान आंदोलन में शामिल रहे हैं उनकी मृत्यु हो गई है
इस आंदोलन में आज तक 600 से अधिक किसानों ने अपनी शहादत दी है सरकार ने कानूनों में इस तरह के बदलाव किए हैं कि इनके खिलाफ लड़ने के अधिकारों से भी उन्हें वंचित कर दिया जाएगा मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में संभाग आयुक्त कार्यालय पर हुई सभा को संबोधित हुए करते हुए कामरेड अरुण चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश के इंदौर शहर सांप्रदायिक सद्भाव को खतरा पैदा करने की कार्रवाई या कट्टरपंथी संगठनों द्वारा की जा रही है नीमच जिले में एक आदिवासी युवक को पिटाई कर गाड़ी के पीछे बांधकर बुरी तरह घसीटा गया जिससे उसकी मृत्यु हो गई है अपराधियों के मकान तोड़ने से ही काम नहीं चलेगा बल्कि इन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होना चाहिए मृत्युदंड की सजा होना चाहिए व मृतक के परिजनों को सम्मानजनक मुआवजा दिया जाना चाहिए रीवा सतना देवास के हाटपिपलिया देपालपुर इंदौर नायता मुंडला इंदौर हर जगह की इस तरह की घटनाएं पैदा की जा रही है जिसकी वजह से आपसी भाईचारा और सांप्रदायिक सद्भाव को समाप्त किए जाने की कोशिश की जा रही है इसी तरह आदिवासी अंचलों में आदिवासी ग्रामीणों को उनकी जमीनों से बेदखल किया जा रहा है उनके निवास स्थान से उन्हें भारी बारिश के बावजूद बेदखल किया जा रहा है इतरा की घटनाएं लगातार मध्यप्रदेश में कई स्थानों पर घटित हो रही है गौशाला के नाम पर भी कई वर्षों से निवासरत आदिवासी परिवारों को भी बेदखल कर उन्हें घर से बेघर किया जा रहा है इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए जबकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने यह घोषणा की थी कि जो जहां रह रहा है उसे बेदखल नहीं होने दिया जाएगा बावजूद इसके प्रदेश में बड़े पैमाने पर आदिवासी ग्रामीणों को उनके कब्जे खेती और घरों से बेदखल किया जा रहा है सभा को समर्थन देते हुए एचएमएस के प्रदेश अध्यक्ष हरिओम सूर्यवंशी ने कहा कि सांझा संघर्ष तेज करना होगा तभी जाकर के सरकार की जनविरोधी नीतियों को रोका जा सकता है सभा को किसान सभा के राजू जरिया काशीराम नायक केसर सिंह मालवीय सुरेश मीनामा ने भी संबोधित किया मांगों से संबंधित ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति के नाम अप्पर आयुक्त श्री रजनीश श्रीवास्तव को प्रस्तुत किया गया श्रीवास्तव द्वारा तत्काल भेजे जाने का आश्वासन देते हुए स्थानीय सवालों पर कार्रवाई के लिए आश्वासन दिया इस मौके पर राकेश मीनामा, शैतान मां, ललिता बाई, रामलाल भाई, श्याम अनारे, सुरेश सिंगारे, संतोष नारे, सोहेल खान, कमल वसुनिया सहित बड़ी तादाद में महिलाएं व पुरुष कार्यकर्ता उपस्थित थे





