*एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) के महासचिव श्री प्रभास घोष ने आज निम्नलिखित बयान जारी किया है:*
“गाज़ा शहर के अल-शिफ़ा अस्पताल के पास यहूदीवादी इज़राइली सेना द्वारा सात प्रसिद्ध पत्रकारों की लक्षित हत्या की कड़ी निंदा करने के लिए कोई भी शब्द पर्याप्त नहीं है। यह प्रेस की स्वतंत्रता पर एक बहुत ही ज़बरदस्त व पूर्वनियोजित हमला है। यह पत्रकार दुनिया को यह बताने के लिए प्रमुख आवाज़ रहे हैं कि गाज़ा पट्टी में क्या क्रूरता और नरसंहार हो रहा है।”

इज़राइल ने गाज़ा पर अपना आक्रामक युद्ध शुरू करने के बाद से लगभग 270 पत्रकारों और मीडियाकर्मियों की हत्या की है।
यह हत्या अंतर्राष्ट्रीय कानूनों, विशेष रूप से जिनेवा कन्वेंशन और उनके अतिरिक्त प्रोटोकॉल, और मानवाधिकार कानूनों का घोर उल्लंघन है, जो सशस्त्र संघर्ष क्षेत्रों में खतरनाक पेशेवर मिशनों में लगे पत्रकारों को विशिष्ट सुरक्षा प्रदान करते हैं और उन्हें किसी भी तरह से सैन्य निशाने पर नहीं रखा जा सकता।
यहूदीवादी इज़राइली शासकों द्वारा गाज़ा में अत्याचारी अमेरिकी साम्राज्यवाद के पूर्ण समर्थन से, अंतर्राष्ट्रीय कानूनों के सभी सिद्धांतों को दरकिनार करते हुए किए गए नरसंहार को अमेरिका द्वारा हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बमबारी और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान नाज़ियों द्वारा यहूदियों की सामूहिक हत्या के बाद ही गिना जा सकता है।
इज़राइल-अमेरिका की यह अपराधी जोड़ी तब तक बेलगाम होती रहेगी और मानव सभ्यता को खतरे में डालती रहेगी जब तक कि दुनिया भर में शांतिप्रिय लोगों का एक शक्तिशाली, एकजुट, सुव्यवस्थित, साम्राज्यवाद-विरोधी युद्ध-विरोधी आंदोलन उचित समय पर नहीं उभरता है।
हम विश्व के लोगों से आग्रह करते हैं ऐसे आंदोलन को पूरी ईमानदारी से आगे बढ़ाने के लिए आगे बढ़ें।”





