मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग में मैहर की वर्षा पटेल ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने महिला वर्ग में प्रथम रैंक हासिल की है। प्रेगनेंसी के टाइम उन्होंने मेन्स लिखा था और इंटरव्यू के समय उनकी गोद में 26 दिन का बच्चा था।
मध्य प्रदेश के मैहर की एक ‘सुपर मॉम’ ने कमाल कर दिया है। भरेव गांव की रहने वाली वर्षा पटेल ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC-2024) की परीक्षा में DSP का पद हासिल किया है। वर्षा को हम सुपर मॉम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि डिलीवरी के 26 दिन बाद ही उनका इंटरव्यू था। वह अपनी मासूम बेटी को गोद में लेकर पहुंची थीं।
पिता के निधन के बाद टूट गई थी वर्षा
वर्षा पटेल की कहानी संघर्षों से भरी हुई है। उनके पिता दमोह की एक सीमेंट फैक्ट्री में काम करते थे। 2015 में पिता के आकस्मिक निधन के बाद परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा। उसके बाद पूरा परिवार दमोह छोड़कर मैहर आ गया। इन सब के बीच वर्षा की पढ़ाई भी प्रभावित हुई। लेकिन उन्होंने अपने अफसर बनने के सपनों के आगे हार नहीं मानी।
वाइफ को अफसर बनाने के लिए पति ने छोड़ दी नौकरी
वर्षा की शादी 2017 में रामनगर निवासी संजय पटेल से हुई। संजय वाराणसी में मैनेजर की नौकरी करते थे। वर्षा के सपनों के लिए अपनी नौकरी छोड़ दी। वर्षा को तैयारी करने के लिए इंदौर भेज दिया।
गोद में बेटी, आंखों में अफसर बनने का सपना
वर्षा का ने पांचवें प्रयास में यह सफलता हासिल की है। वर्षा इस बार जब परीक्षा दे रही थी तो प्रेग्नेंट थीं। 22 जुलाई 2025 को उन्होंने सिजेरियन ऑपरेशन से बेटी ‘श्रीजा’ को जन्म दिया। इसके ठीक 26 दिन बाद 18 अगस्त को वह अपनी नवजात बेटी श्रीजा को गोद में लेकर इंटरव्यू देने भोपाल पहुंची थीं। एक तरफ मां की जिम्मेदारी थी तो दूसरी तरफ आंखों में अफसर बनने का सपना था। शुक्रवार को वर्षा के सपनों में पंख लगा और उन्होंने उड़ान भर दी। सालों की मेहनत और उनके परिवार का त्याग सफल हो गया। वर्षा ने न केवल डीएसपी बनकर सफलता हासिल की बल्कि महिला वर्ग में प्रदेश में पहली रैंक भी हासिल की है।





