जबलपुर: मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को लेकर हाईकोर्ट में एक याचिका दायर किया गया है। इसमें बताया गया है कि उन्होंने नामांकन में आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए थे। याचिका में कहा गया है कि इस संबंध में चुनाव आयोग से शिकायत की थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसकी वजह से यह याचिका दायर की गई है।
हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने याचिकाकर्ता के हलफनामा को गलत पाते हुए उसे सही हलफनामा पेश करने का निर्देश दिया था। दरअसल, सागर निवासी एक किसान राज कुमार सिंह की तरफ से दायर की गयी याचिका में कहा गया था कि प्रदेश सरकार ने मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने साल 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में नामांकन के दौरान सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किये थे। जो जन प्रतिनिधित्व अधिनियम का उल्लंघन है। उनका निर्वाचन शून्य घोषित किया जाना चाहिए। इस संबंध में याचिकाकर्ता ने चुनाव आयोग के समक्ष साक्ष्यों के साथ याचिका प्रस्तुत की थी।
कोर्ट ने दिया यह आदेश
जब आयोग ने कोई संज्ञान नहीं लिया तो कोर्ट में मामला पहुंचा। याचिका में यह मांग की गई है कि आवश्यक कार्रवाई के निर्देश चुनाव आयोग को जारी किए जाएं। याचिका की सुनवाई के दौरान युगलपीठ ने पाया कि याचिकाकर्ता ने 8 सितंबर को हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका के साथ प्रस्तुत हलफनामा एक दिन पूर्व 7 सितंबर को है। युगलपीठ ने याचिकाकर्ता को निर्देशित किया है कि वह सही तारीख के साथ हलफनामा प्रस्तुत करें। याचिका पर अगली सुनवाई 25 सितंबर को निर्धारित की गई है।





