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मनमाने फैसले लेना जुलानिया को महंगा पड़ा…. माध्यमिक शिक्षा मंडल से हाथ धोना पड़ा

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मंडल की परीक्षाओं की नजदीकता को देख लोक शिक्षण संचालनालय आयुक्त को मंडल प्रभारी अध्यक्ष बनाया
इन्दौर। प्रदेश के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राधेश्याम जुलानिया को मनमाने फैसले लेना महंगा पड़ा और उन्हें माध्यमिक शिक्षा मंडलके अध्यक्ष पद से हाथ धोना पड़ा। चूंकि मंडल की 10वीं और 10वीं की परीक्षाएं नजदीक हैं, ऐसे में परीक्षा का काम प्रभावित न हो इसलिए लोक शिक्षण संचालनालय की आयुक्त जयश्री कियावत को मंडल के प्रभारी अध्यक्ष की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।

मंडल के अध्यक्ष के तौर पर जुलानिया ने 10वीं और 12वीं के प्रश्न पत्र के पैटर्न को बदलने का विवादास्पद निर्णय लिया और साथ ही कॉपियों को जांचने की मूल्यांकन व्यवस्था में भी काफी फेरबदल करने की घोषणा की। इसके चलते दोनों कक्षाओं की कॉपियां एक-दूसरे जिले में जांचने के बजाय जहां से परीक्षा दी है, वहीं जंचवाने का निर्णय लिया। हालांकि स्कूली शिक्षा विभाग ने जुलानिया के कई निर्णयों को लेकर आपत्ति दर्ज कराई, जिसके चलते जुलानिया की मंडल की अध्यक्ष पद से रवानगी हो गई। मंडल की परीक्षाओं की नजदीकियों को देखते हुए लोक शिक्षण संचालनालय की आयुक्त जयश्री कियावत को मंडल के प्रभारी अध्यक्ष की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनका कहना है कि मंडल की परीक्षा तय कार्यक्रम के हिसाब से ही होगी और प्रश्न पत्र का पैटर्न पुराना ही रहेगा। मूल्यांकन व्यवस्था में भी किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

Ramswaroop Mantri

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