अमित त्रिवेदी पत्रकार इंदौर*
*इंदौर नगर निगम द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण के चलते शहर के अलग अलग मुख्य चौराहों, प्रमुख सड़को और मार्गो को चली आ रही होर्डिंग बैनर की प्रथा से मुक्त कर दिया था। निगम अमले ने जिस तरह सख्ती बताई और होर्डिंग माफियाओं के शहर से सफाया किया। उसे लेकर आम जनता बहुत खुश थी। वही खास खासे नाराज। लेकिन फिर भी किसी की एक नही चली और युगों युगों से चली आ रहा होर्डिंगबाजी वाली परंपरा का अंत माना जा रहा था।
वही इसके चलते निगम अमला भी हाथ पर हाथ धरे बैठ गया था। लेकिन निगम की सुस्ती की वजह से शहरभर में दोबारा इस तरह के होडिंगबाज शहर को विज्ञापनों से पाटने से बाज़ नही आ रहे है। जिस तरह मंगलवार को एमआर 10,दो नम्बर,और अन्य कुछ मुख्य मार्गो को होर्डिंग से भर दिया गया उसे देख अब मुझे तो स्वच्छता सर्वे की गाइड लाइन याद आने लगी है। इधर मैं केंद्रीय मंत्रीजी और उनके समर्थकों को धन्यवाद देना चाहता हूं। कुछ भी हो लेकिन इन सभी ने हाथ पर हाथ धरे बैठे निगम अमले को कुछ काम तो दिया। अब आशीर्वाद मिल जाने के बाद मंत्रीजी चले जायेंगे और निगम अमला दिए गए कामकाज के अनुसार दोबारा शहर को होर्डिग मुक्त करेंगे।शहर की वही खूबसूरती को दोबारा लौटायेंगे भी। क्योंकि रातोरात नियम कायदों के विपरीत यहां वहां, सरकारी संपत्ति पर होर्डिंग तन गए और सुस्त निगम अमले को ध्यान नही रहा। लेकिन कामकाज संपन्न हों जाने के बाद कहीं जाकर जिस तरह निगम अमला मुस्तेदी अब दिखाने वाला है। उसके लिए मंत्रीजी और उनके सभी समर्थको शहरवासियों ने भी धन्यवाद बोलना चाहिए।*





