एस पी मितल,अजमेर
अजमेर में निर्माणाधीन एलिवेटेड रोड की एक भुजा जो ऐतिहासिक सोनी जी की नसियां के निकट रखी गई है उसका अब लगातार विरोध हो रहा है। अजमेर के प्रमुख व्यक्तियों ने जिला कलेक्टर और स्मार्ट सिटी के सीईओ अंशदीप को सुझाव दिया है कि रोड की भुजा नसियां के बजाए आगरा गेट चौराहे तक ही रखी जाए। नगर सुधार न्यास के पूर्व अध्यक्ष धर्मेश जैन व ख्वाजा साहब की दरगाह के खादिमों की संस्था अंजुमन सैयद जादगान के सदर गुलाम किबरिया, व्यापारिक एसोसिएशन के अध्यक्ष किशन गुप्ता, समाजसेवी रंजीतमल लोढ़ा, संजय अग्रवाल आदि का मानना है कि मौजूदा समय में एलिवेटेड रोड की भुजा के लिए नसियां के निकट जो दीवार खड़ी की गई है उसकी वजह से दोनों तरफ का यातायात जाम रहने लगा है। नसियां और बीएसएनएल एक्सचेंज दीवार की तरफ ट्रैफिक के लिए 10 फिट चौड़ा रास्ता भी नहीं है। ऐसे में दोनों तरफ दिन में कई बार जाम लग रहा है। प्रमुख लोगों ने सुझाव दिया है कि इस भुजा को आगरा गेट चौराहे तक ही रखा जाए। आगरा गेट चौराहा खुला हुआ है। ऐसे में जाम की स्थिति नहीं होगी चूंकि आगरा गेट चौराहा और सोनी जी की नसियां की दूरी मुश्किल से 300 मीटर भी नहीं है, इसलिए एलिवेटेड रोड के डिजाइन पर भी कोई फर्क नहीं पड़ेगा। इस 300 मीटर की दूरी पर जो दो तीन सीमेंट के पिलर बना है उस पर अभी स्टील के गार्डर भी नहीं रखे गए हैं। जब आगरा गेट चौराहे पर एलिवेटेड रोड की भुजा उतरने के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध है, तब नसिया और बीएसएनएल के एक्सचेंज के बीच सकरे स्थल पर भुजा क्यों उतारी जा रही है। खादिमों की संस्था अंजुमन के सदर गुलाम किबरिया का भी कहना है कि नसियां के निकट भुजा उतारने से दरगाह आने वाले जायरीन को भी परेशानी होगी। प्रशासन ने जो व्यवस्था की है उसके मुताबिक नसियां वाली भुजा से ट्रैफिक चढ़ सकेगा। ऐसे में जाहिर है कि जयपुर से आने वाले जायरीन के वाहनों को 10 से 12 फिट चौड़े मार्ग से ही दरगाह की ओर आना पड़ेगा। ख्वाजा साहब के उर्स के दौरान हालात बिगड़ भी सकते हैं। इस मार्ग से धार्मिक, सामाजिक जुलूसों के साथ साथ बारात भी निकलती है। इन जुलूसों और बारात के समय नसियां के निकट यातायात की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। यदि रोड की भुजा को आगरा गेट चौराहे पर ही उतार दिया जाए तो अजमेर शहर को एक बड़ी मुसीबत से बचाया जा सकता है। जिला प्रशासन के अधिकारी और स्मार्ट सिटी के इंजीनियर तो अजमेर से चले जाएंगे, लेकिन इस दोषपूर्ण एलिवेटेड रोड की भुजा का खामियाजा अजमेर शहर के लोगों को उठाना पड़ेगा। यूआईटी के पूर्व अध्यक्ष धर्मेन्द्र जैन तो इस मांग को लेकर अनशन पर बैठने को तैयार है। जैन का मानना है कि सरकार और प्रशासन को समय रहते सचेत हो जाना चाहिए। शहरी हित में यदि उनके जीवन का बलिदान भी हो जाए तो उन्हें कोई चिंता नहीं है। जैन ने सभी शहरवासियों से उनकी इस मुहिम से जुड़ने की अपील की है।





