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अबकी चुनाव का सबसे बड़ा सवाल-“अब चुनाव कैसे लड़ा जाए?”

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सिध्दांत जयकुमार

अब चुनाव कैसे लड़ा जाए?”
मुद्दों पर- नहीं। क्यों? क्योंकि-
बेरोजगारी, मुद्दा नहीं
ग़रीबी, मुद्दा नहीं
उत्पीड़न, मुद्दा नहीं
साढ़, मुद्दा नहीं
गंगा में तैरती लाशें, मुद्दा नहीं
कोरोना में पैदल पलायन, मुद्दा नहीं
प्राइवेटेशन, मुद्दा नहीं
तो आखिर मुद्दा है क्या?
असल में मुद्दा कोई है ही नहीं।

क्योंकि अब चुनाव मुद्दों और राजनीतिक दाँव-पेंच पर नहीं लड़ सकते, अब चुनाव को पेशा बना कर तकनीक रूप से लड़ना होगा। यहीं अन्य पार्टियां फेल हैं और बीजेपी पास है।
क्यों??
बीजेपी के पास बड़ी बौद्धिक सेना है।
बीजेपी के पास अकूत फण्ड है।
बीजेपी अपनी बौद्धिकता को तकिनीकी रूप देकर उसे पेशेवर बनाती है और अपने पैसे के बल पर उसे फलिभूत करती है।
उदाहरण-
वोट लड़ने की शुरुआत वोटर लिस्ट से होती है और बीजेपी वोटर लिस्ट में वोट डलाने के लिए अपने कार्यकर्ता की आर्थिक मदद करती है तथा उन्हें महत्व देती है, उन्हें धन के लिए असहाय नहीं होना पड़ता। वहीं अन्य पार्टी का कार्यकर्ता अपना तेल फूँक कर दौड़े तो वोटरलिस्ट में नाम बढ़वाये ऊपर से उसकी कोई पहचान नहीं। इस महंगाई और तंगी के युग में किसके पास इतना पैसा है कि अपना पैसा खर्च करे और क्यों करे?
बीजेपी अपने प्रचार के लिए टीवी से साठ-गांठ की, अख़बार से साठ-गांठ की। सोशल मिडिया पर पैसे खर्च किए यहाँ तो अखिलेश के कार्यकर्ता अपना इंटरनेट पैक डलवा कर आईटीसेल का काम किए, तो अपनी मर्जी भर ही करेंगे। बीजेपी का जी-जान से करेगा क्योंकि उसे उसका पैसा मिलता है। उसका वही पेशा है।
बीजेपी खतरनाक से खतरनाक मुद्दे पर पहले मंथन करती है फिर अपने तकनीकी औजारों से लड़ती है जिसका जिता-जगता उदाहरण लखीमपुर खीरी है। जहाँ चार किसानों के हत्या, दलित लड़की की आधी रात में दाह संस्कार जैसे खतरनाक मुद्दे थे लेकिन उसने ऐसी तकिनिक का इस्तेमाल किया कि सब मुद्दे धाराशाही हो गए।
बीजेपी ने अधिकारियों और नेताओं के कमजोर नशों का सिरा अपने हाथों में रखा जैसे- चरित्र और भ्रष्टाचार। जिसको दबा कर अपना असम्भव कार्य भी सिद्ध करवाया। अपने लोगों का हर हाल में साथ दिया, इस परिपेक्ष में आशीष मिश्रा, चिन्मयानन्द, रामरहीम, शेंगर आदि को देख सकते हैं।
इसलिए,
समाजवादी पार्टी, बसपा और कांग्रेस को अपनी तकनिकी और पेशेवर छमता को विकसित करना होगा जिससे वह आगे की लड़ाई सुगमता से लड़ सके जो ऐसा कर लिया वह बीजेपी को क्षण भर में हरा देगा।

Ramswaroop Mantri

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