अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

मिट्टी का चुका गुल्लक एक बार फिर बाजार में लौट आया है

Share

जमशेदपुर: लौहनगरी जमशेदपुर की व्यस्त सड़कों पर इन दिनों एक ऐसा नजारा देखने को मिल रहा है. जिसे देखकर राहगीरों का बचपन फिर से जीवंत हो उठा है. कभी घर-घर में बच्चों की नन्हीं बचत का सबसे बड़ा सहारा बनने वाला मिट्टी का चुका (गुल्लक) एक बार फिर बाजार में लौट आया है. हालांकि इस बार यह साधारण मिट्टी के रंग में नहीं, बल्कि बेहद आकर्षक और आधुनिक अवतार में नजर आ रहा है.

ओडिशा के कारीगरों का कमाल, फल या गुल्लक?
ओडिशा से आए मन्नत नाम के एक हुनरमंद कारीगर इन दिनों शहर के चौराहों पर अपने खास किस्म के चुका लेकर पहुंचे हैं. इन गुल्लक की खासियत यह है कि इन्हें फलों और सब्जियों के आकार में बेहद बारीकी से ढाला गया है. कारीगर ने मिट्टी से आम, अमरूद, तरबूज, केला, कद्दू, कुमड़ा और यहां तक कि स्ट्रॉबेरी के डिजाइन तैयार किए हैं. इन पर की गई चमकीले रंगों की कोटिंग और फिनिशिंग इतनी लाजवाब है कि दूर से देखने पर ये बिल्कुल ताजे और रसीले फल जैसे प्रतीत होते हैं. सड़क से गुजरने वाले लोग अक्सर इन्हें असली फल समझकर रुक जाते हैं, लेकिन पास जाने पर पता चलता है कि यह मिट्टी की कलाकारी है.

बचपन की यादें और बचत का शौक
इन गुल्लकों की लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण इनसे जुड़ी भावनाएं हैं. खरीदारी करने आईं स्थानीय निवासी स्मिता तिवारी बताती हैं कि इन चुका को देखते ही मुझे अपनी दादी-नानी का घर और बचपन याद आ गया. तब हम एक-एक सिक्का जोड़कर इस चुका को भरा करते थे. पूरा भरने के बाद उसे तोड़ने का रोमांच ही अलग होता था. स्मिता ने बताया कि उन्होंने न केवल बचत के लिए बल्कि घर की सजावट के लिए भी इसे खरीदा है. एक मध्यम आकार के चुका में आसानी से 2 से 3 हजार रुपये तक की बचत की जा सकती है. एक अन्य खरीदार अनस पठान ने एक साथ सात चुका खरीदे. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक गुल्लक नहीं, बल्कि बचपन की एक अनमोल याद है. मैं अपने दोस्तों को भी यह तोहफा देना चाहता हूं ताकि हम फिर से उस दौर को महसूस कर सकें जब गुल्लक का भरना ही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि होती थी

किफायती कीमत और बढ़ती मांग
कारीगर मन्नत के अनुसार इन खास डिजाइन वाले चुका की मांग काफी अधिक है. उन्होंने इनकी कीमत भी बहुत किफायती रखी है ताकि हर वर्ग का व्यक्ति इसे खरीद सके. छोटे चुका मात्र ₹30 और बड़े चुका ₹50 में उपलब्ध हैं.

Ramswaroop Mantri

Add comment

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें