सुसंस्कृति परिहार
बुन्देलखण्ड के सागर नगर के प्रसिद्ध उद्योगपति ,कवि बिट्ठ्लभाई पटेल ने इस अंचल में गाए जाने वाले एक लोकगीत को हल्का सा परिशोधित कर राजकपूर के निर्देशन में बनी फिल्म ‘बाॅबी’ में शामिल कर , इस गीत को पूरे भारत में तो पहुंचाया, साथ ही बुंदेली बोली को भी लोकप्रिय बनाया। हालात ये हो गए यह गीत झूठ बोलने वालों को डराने का काम भी करने लगा।गीत फिल्म में डिम्पल कपाड़िया और ऋषि कपूर के सवाल जवाब बतौर था।बाबी में यह नई तारिका डिम्पल के अभिनय और विट्ठलभाई के गीत का प्रथम प्रवेश था। बाॅबी फिल्म और उसके गीतों की काफी धूम रही।यह सन् 1973के सितम्बर माह की बात है।
लगभग पचास वर्ष बाद जब आजकल झूठ का सर्वत्र राज कायम है झूठ सर चढ़कर बोल रहा है तब यह गीत बेमानी हो जाता है किन्तु लोकगीतों में कही तमाम बातें, देर सबेर सही साबित होने लगती हैं।आज भी काला कौआ झूठ बोलने वाले को काटने की जुगत जमा रहा है।पूरे दस साल के लगभग होने को है भाजपा तंत्र जिस तरह झूठ बोलने में तल्लीन है।ऐसा कभी नहीं रहा।झूठ की तारीफ और सच का मज़ाक तो जैसे आज भाजपा में रिवाज बन गया है। रोजाना कई झूठ गढ़े जाते हैं इसके लिए बाकायदा आईटी सेल सक्रिय रहता है।
बहरहाल,ये देखकर लगता है कि अब झूठ से डरने की जरूरत नहीं है।यह देश विकास की अहम जरूरत है। सन् 2014 में भाजपा शासन की जीत की वजह बड़े बड़े झूठ थे।मसलन कालेधन की वापसी 100दिन में हो जाएगी और 15लाख सबके खातों में जमा होगा,दो करोड़ लोगों को प्रतिवर्ष रोजगार मिलेगा। सब भ्रष्ट कांग्रेसी और स्विस बैंक में धन रखने वाले खासकर सोनिया गांधी जेल में होंगी।लोक लुभावन झूठ के जंजाल में फंसाकर, जनता का विश्वास पाने जन धन खाते भी खुलवाए गए।15लाख आना तो दूर की बात आज की स्थिति ये है कि जन-धन खातों के ज़रिए लगभग एक अरब से ज़्यादा राशि डकार ली गई।
हां ये ज़रूर हुआ गरीब गुरबों को मोबाइल पकड़ाकर अंबानी के जियो को मज़बूती दी।स्मार्ट फोन से पढ़ाई और कर्मचारियों के लिए इसकी अनिवार्यता में भी खुलकर जनता को लूटा गया। उज्जवला योजना में तथाकथित नि: शुल्क योजना के जरिए नए उपभोक्ता तैयार किए गए फिर गैस के दाम आसमान पर पहुंच गए। मैं देश नहीं बिकने दूंगा जैसी खूबसूरत बातें बोलकर लालकिले से लेकर रेल तक तमाम देश की सम्पत्तियां बेचकर कारपोरेट के हवाले कर दीं।चीन को लाल लाख दिखाने का कहकर अपनी देश की जमीन सौंप दी जहां उसने अपने गांव बसा लिए हैं। हवाई चप्पल वाले हवाई जहाज में उड़ेंगे उन्हें अब बस ,रेल का सफर भी मुश्किल हो गया।रुपये का मूल्य इतना गिर गया कि सारी अर्थव्यवस्था लड़खड़ा गई।पहले कह रहे थे रुपया गिरने से प्रधानमंत्री की इजाजत गिरती है।अब रुपए की दुर्दशा से कुछ लेना देना नहीं। एक नारा लगाते थे ‘बहुत हुआ नारी पर अत्याचार अब की बार मोदी सरकार।’हालत क्या हुए हैं देश में सभी जानते हैं।नारी पर ज़ुल्म ढाने वालों में भाजपाइयों की संख्या सबसे आगे है।सौ स्मार्ट सिटी के वादे और बुलट ट्रेन का कहीं अता-पता नहीं है। रिजर्व बैंक से लेकर देश के तमाम बैंकों की हालत पतली है। बैंकों को गुजरात से भागने वाले मोदी के गुर्गों ने लूटा भी और अडानी अंबानी के अरबों के कर्जे माफ कर उन्हें और कर्जो से नवाजा गया। बैंकों की हालत बदतर हैं और सरकार कितने भी लाख रुपए आपके बैंक में हो सिर्फ पांच लाख तक देने का वायदा कर रही है इसका क्या मतलब है? झूठ में माहिर सरकार का क्या भरोसा, ये भी मिलेगा या नहीं।
झूठ के साए में सब कुछ चंगा सी ,अच्छे दिनों में ,डीजल, पेट्रोल ,गैस और आम उपभोक्ता सामग्री के कई गुने बढ़े दाम , हिंदू मुस्लिम भेदभाव , संविधान की उपेक्षा, चीन द्वारा हमारी ज़मीन हड़पना, बेरोजगारी,देश की अर्थव्यवस्था खतरनाक बिंदु पर पहुंचना , अमीरों का और अमीर होना। शिक्षा स्वास्थ्य और रक्षा व्यवस्था का पतन ये कुछ ऐसे कारण हैं जिनकी वजह से काले कौवे इकट्ठा हो रहे हैं भारत जोड़ो के दौरान भी स्मृति की झूठ, राहुल के साथ खड़ी युवती को आतंकी बताना, भाजपा अध्यक्ष नड्डा की मेडीकल कॉलेज का 95%काम पूरी होने झूठ का खुलासा होना इस बात की पुष्टि करता है कि अब झूठ बोलने वालों के दिन खत्म होने का समय आ गया है।खतरा ये और बढ़ गया है कि अभी तो कौवे सिर्फ कांव कांव कर रहे हैं जब वे सत्तारूढ़ होंगे तो कहां कहां काटेंगे किस हालत में पहुंचाएंगे ये समझ से परे हैं क्योंकि इन्होंने जो बोया है वह काटना ही पड़ेगा। भाजपा के साहिब जी ने तो कहा भी था कि मेरी बात ग़लत निकले तो जिस चौराहे पर चाहो फांसी चढ़ा देना।लगता है बुरे दिन करीब आ चुके हैं। बुजुर्ग कहते हैं झूठ की उम्र बड़ी नहीं होतीऔर झूठे का मुंह एक दिन ज़रूर काला होता है।






