अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

पेट्रोलियम मंत्रालय के फैसले ने बढ़ाई सीएनजी-पीएनजी की कीमत!

Share

पेट्रोलियम मंत्रालय ने घरेलू क्षेत्रों (फील्ड) से शहर गैस वितरण (CGD) क्षेत्र के लिए प्राकृतिक गैस का नया आवंटन बंद कर दिया है. सूत्रों ने यह जानकारी दी. पेट्रोलियम मंत्रालय के इस कदम से क्षेत्र में दो लाख करोड़ रुपये के नियोजित निवेश की व्यवहार्यता को लेकर ‘अंदेशा’ पैदा हो गया है और साथ ही सीएनजी और पीएनजी (पाइप के जरिये घरों में आपूर्ति की जाने वाली गैस) के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं.

जानिए क्यों बढ़े सीएनजी के दाम?
केंद्रीय मंत्रिमंडल के शहरी गैस वितरण क्षेत्र को ‘बिना कटौती’ के प्राथमिकता के आधार पर 100 प्रतिशत गैस आपूर्ति के निर्णय के बावजूद क्षेत्र को आपूर्ति मार्च, 2021 की मांग के स्तर के आधार पर की जा रही है. इसके अलावा छह माह की औसत निकासी के आधार पर गैस आवंटन की प्रक्रिया भी शहर गैस वितरण ऑपरेटरों को प्रभावित कर रही है. शहर गैस वितरण इकाइयों ने मंत्रालय से क्षेत्र को गैस की आपूर्ति ‘नो कट’ श्रेणी में पिछले दो माह के औसत के आधार पर देने का आग्रह किया है. इससे उन्हें सीएनजी और पीएनजी की मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी.

मामले से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि तेल मंत्रालय ने करीब एक साल से घरेलू क्षेत्र से CGD को प्राकृतिक गैस का नया आवंटन नहीं किया है. ऐसा तब है जबकि केंद्रीय कैबिनेट CGD को बिना किसी कटौती के 100 फीसदी गैस सप्‍लाई की मंजूरी दे चुका है. मंत्रालय की ओर से नया आवंटन नहीं मिलने की वजह से ही घरेलू बाजार में सीएनजी और पीएनजी की कीमतों में लगातार उछाल आ रहा है. इतना ही नहीं घरेलू गैस क्षेत्र में आने वाले 2 लाख करोड़ रुपये के निवेश पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं.

आवंटन एक साल पुरानी मांग के आधार पर
पेट्रोलियम मंत्रालय मार्च, 2021 की मांग के आधार पर अभी शहरी गैस वितरकों को आवंटन कर रहा है. हालांकि, CGD ने दो महीने की औसत मांग के अनुरूप गैस सप्‍लाई की गुहार लगाई है, जबकि मंत्रालय की ओर से इसे 6 महीने की औसत मांग के अनुरूप करने की बात कही गई है. बावजूद इसके फिलहाल एक साल पुरानी मांग को देखकर घरेलू फील्‍ड से गैस की आपूर्ति की जा रही.

अभी और महंगी होगी सीएनजी-पीएनजी
एक तरफ तो सरकार शहरी गैस वितरण के लिए नई पाइपलाइन बिछाती जा रही जिससे सीएनजी और पीएनजी दोनों की मांग में बंपर इजाफा हुआ है. वहीं, दूसरी ओर घरेलू गैस फील्‍ड से मांग के अनुरूप नया आवंटन नहीं होने से CGD को गैस का आयात करना पड़ेगा. आयातित लिक्विड नेचुरल गैस (LNG) की कीमत घरेलू दरों से करीब छह गुना अधिक होती हैं. यही कारण है पिछले कुछ समय में सीएनजी-पीएनजी की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हुई है, जो आगे और बढ़ सकती है.

आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 2022 में ही सीएनजी के दाम 60 फीसदी यानी 28 रुपये प्रति किलोग्राम तक बढ़ गए हैं. वहीं, पीएनजी की कीमत करीब 33 फीसदी बढ़ चुकी है. अगर नया आवंटन जल्‍द नहीं किया गया तो आगे भी सीएनजी-पीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी होगी. इसमें सबसे बड़ी भूमिका सरकार की ओर से एपीएम गैस के दाम 2.90 डॉलर प्रति इकाई से बढ़ाकर 6.10 डॉलर किया जाना है. यानी कीमतों में एकसाथ 110 फीसदी की वृद्धि कर दी गई.

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें