सत्येन्द्र हर्षवाल
आज का यह लेख है तो आज के वर्तमान परिपेक्ष में ही मगर इसके बहुत से अलग अलग मायने ओर भी है, आखिर यह नम्बर इतना जरूरी क्यो है ? अमूमन हमने कहते सुना होगा कि में 1 नम्बर से रह गया,या 5 नम्बर ओर आ जाते तो फस्ट डिवीजन बन जाता ,जैसे की आज जब हम नम्बर की बात करे तो यका यक, यह बात महाराष्ट्र के षटकोणीय मुकाबले की ओर इंगित करती नजर आएगी, षट्कोणीय इस तरह से की एक तरफ,NCP दूसरी ओर शिवसेना,तीसरी ओर भाजपा,चौथी कॉंग्रेस,पांचवे निर्दलीय,छटे, एकनाथ शिंदे सातवे,राज्यपाल,ओर आठवे आप ओर हम क्यो की हमारे बिना इन खबरों का क्या औचित्य ? हम भी कही न कही पर्टीक्युलर एक नम्बर तो है ही वरना इन खबरों को भी ध्यान कौन देगा, इस तरह से यह षट्कोणीय मुकाबला है,इसकी कहानी का अंत सम्भवतः हम सबको पता है मगर अभी बात अंको की है,बच्चे का रिजल्ट आये तो पूछा जाता है कितने नम्बर? खिलाड़ी दौड़ता है ओर जीतता है तो मायने नंबर ही रखता है,अंकगणित बिना आप सरकार में दावा भी पेश नही कर सकते,राष्ट्रपति के चुनाव में भी यह नम्बर ही मायने रखेगे,ओर तो ओर मेरा नम्बर 8109205251 है,जो कि पूरे भारत मे यह किसी ओर का नही है तो माया तो इस नम्बर की ही है, अगर यू कहे कि सब खेल/पहचान/बलिहारी इस नम्बर की ही है , तो कोई अतिशयोक्ति नही होगी,अगर महाराष्ट्र में सरकार गिरे या बने,तो वहां भी खेल सब नम्बर ही करेगे ओर हा यह लेख 1नम्बर लगा हो तो कमेंट भी 1 नम्बर का ही करना।





