नई दिल्ली
केंद्र सरकार ने मंगलवार को राज्यसभा में जानकारी दी कि कोरोना की दूसरी लहर में देश में किसी की भी मौत ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई। स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी से किसी भी मरीज की मौत नहीं हुई है।
मंडाविया ने यह भी कहा कि हमने किसी राज्य को कोरोना से जुड़े आंकड़ों में छेड़छाड़ करने का दबाव नहीं बनाया। केंद्र सरकार का काम सिर्फ डेटा को राज्यों से इकट्ठा करके पब्लिश करने का है। हमने कभी किसी राज्य को डेटा से छेड़छाड़ करने के लिए नहीं कहा। ऐसा करने का कोई कारण नहीं है। मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में भी प्रधानमंत्री ने यही बात कही थी।
मंडाविया कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल द्वारा उठाए गए सवाल पर जवाब दे रहे थे। वेणुगोपाल ने सदन में सरकार से सवाल किया कि सड़कों और अस्पतालों में बड़ी तादाद में कोरोना मरीजों की मौत हुई है। दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी के कारण ऐसा हुआ है।
स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया ने राज्यसभा में वैक्सीन और ऑक्सीजन की को लेकर भी जानकारी दी। मंडाविया की बड़ी बातें…
- राज्य 15 दिन पहले वैक्सीन स्टॉक की जानकारी दें। उसी के मुताबिक वैक्सीनेशन के लिए योजना बनाएं।
- सीरम इंस्टीट्यूट के कोविशील्ड वैक्सीन की 11-12 करोड़ खुराक हर महीने मिल रही है।
- भारत बायोटेक अगस्त में अपने कोरोना वैक्सीन कोवैक्सिन की 3.5 करोड़ डोज की सप्लाई करेगा।
- देश की एक और कंपनी जाइडस कैडिला ने अपने डीएनए आधारित टीके की इमरजेंसी यूज के लिए आवेदन किया है।
- कोरोना की तीसरी लहर बच्चों को प्रभावित नहीं करेगी, ऐसा कहना उचित नहीं है।
- जाइडस कैडिला और भारत बायोटेक बच्चों पर कोरोना वैक्सीन का ट्रायल कर रहे हैं।
- 1,573 में से 316 ऑक्सीजन प्लांट चालू हो गए हैं, बाकी अगस्त के अंत तक शुरू हो जाएंगे।
केंद्र सरकार ने राज्यों को पूरी मदद पहुंचाई
स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉक्टर भारती प्रवीण पवार ने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था राज्यों का विषय है। इसके बाद भी केंद्र सरकार ने उनकी बहुत मदद की है। सभी राज्यों तक ऑक्सीजन सप्लाई पहुंचाई गई है। डॉ. भारती ने कहा कि कोरोना की पहली लहर में रोजाना 3095 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती थी, जबकि दूसरी लहर में रोजाना 9000 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत पड़ी। केंद्र ने राज्यों तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए अच्छा फ्रेमवर्क तैयार किया था।
स्वास्थ्य मंत्री ने तीसरी लहर पर क्या कहा?
तीसरी लहर पर के बारे में चर्चा करते हुए स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने राज्यसभा में कहा कि 130 करोड़ लोगों के साथ सभी राज्य सरकारें भी संकल्प लें कि हम देश में तीसरी लहर नहीं आने देंगे। हमारा संकल्प और प्रधानमंत्री मोदी का मार्गदर्शन हमें तीसरी लहर से बचा सकता है।
ये समय एकजुट होकर काम करने का है। केंद्र सरकार ने किसी राज्य से ये नहीं कहा कि आपने काम किया या नहीं किया। हम इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करना चाहते। मंडाविया ने यह भी कहा कि हमें हर महीने सीरम इंस्टीट्यूट से कोवीशील्ड के 11-12 करोड़ डोज मिल रहे हैं।





