इंदौर
नकली इंजेक्शन बेचने वालों के घरों को जमींदोज करने की कार्रवाई पर फिलहाल रोक लग गई है। कोर्ट ने मामले में 15 जून को सुनवाई की बात कही है। पुलिस ने आराेपियों के मकान जमींदोज करने के लिए आरोपियों की सूची निगम को सौंप दी थी। इसके बाद निगम ने कोर्ट से परमिशन मांगी थी। इसके बाद कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी है।
पुलिस से मिली सूची के आधार पर निगम ने शहर सीमा में स्थित 10 आरोपियों के मकानों के दस्तावेज मंगलवार को मांगे थे। संबंधितों को दस्तावेज-नक्शे आदि दिखाने के लिए एक दिन की समय दिया था। मामले के खुलासे के बाद इंदौर प्रशासन द्वारा फैसला लिया गया था, जिन आरोपियों को नकली इंजेक्शन बेचने के मामले में पकड़ा गया है, इन सभी को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत निरुद्ध कर जेल भेज दिया गया है। तय किया गया था, इनके मकान और घर तोड़ दिए जाएं, ताकि आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचे।
रेमडेसिवर की कालाबाजारी करने वालों को नगर निगम द्वारा मकान तोड़ने का नोटिस दिया गया था। इसे उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर के समक्ष चुनौती दी गई थी। गुरुवार को सुनवाई के दौरान न्यायाधीश विवेक रूसिया ने आदेश को खारिज कर दिया। बिल्डिंग ऑफिसर द्वारा किए गए उक्त कृत्य पर नाराजगी जाहिर की है। याचिकाकर्ता बंशीलाल चौधरी की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील जैन व योगेश हेमनानी और कुशाग्र जैन ने पैरवी की। इस दौरान न्यायाधीश ने कहा, कोर्ट की युगल पीठ के आदेशानुसार मकान ध्वस्त करने की कार्रवाई 15 जून तक स्थगित है। इसके बाद भवन अधिकारी द्वारा याचिकाकर्ता को एक दिन में जवाब पेश करने का नोटिस क्यों दिया।
इन्हें दिए हैं नोटिस
जुबैर पिता छोटू खान (28) निवासी स्वर्णबाग कालोनी विजय नगर, अजहर पिता अफसार अहमद (28) निवासी 78-जी अशरफ नगर (खजराना), मोहम्मद साजिद पिता मोहम्मद शहजाद पटेल (25) निवासी स्कीम-94 (खजराना), असीम पिता आशीष भाले (21) निवासी 29 रवींद्र नगर, दिनेश पिता बंशीलाल चौधरी (28) निवासी 126 अनुरामग नगर (लसूड़िया), धीरज पिता तरुण साजनानी (26) निवासी 1370 स्कीम-114 पार्ट ए (लसूड़िया), प्रवीण उर्फ सिद्धार्थ पिता राजकुमार फुलके (25) निवासी 390 रामकृष्णबाग कालोनी (खजराना), सुरेश पिता स्वरूपसिंह यादव (29) निवासी लक्ष्णपुरा, आनंद पिता अशोक झा (27) निवासी 212 मानवता नगर (कनाड़िया) और महेश पिता बसंतलाल चौहान (41) निवासीस्कीम-114 पार्ट 2 नैनोसिटी (लसूड़िया)।
प्रदेश में इन पर एनएसए
रेमडेसिविर की कालाबाजारी के तहत 75 NSA और 6 चोर बाजारी निवारण अधिनियम में आरोपी गिरफ्तार कर जेल में हैं। इंदौर में 30, उज्जैन के 9, ग्वालियर के 4, जबलपुर के 4, शहडोल के 4, भोपाल के 2, धार के 2, मंदसौर के 1, छिंदवाड़ा के 1, और रतलाम के 1 कुल 37 NSA गृह विभाग ने कन्फर्म किए।
रेमडेसिविर कालाबाजारी के NSA में इनके अलावा इंदौर में 30 और भोपाल में 8 आदेश संबंधित DM द्वारा जारी किए जाकर कुल 38 आरोपी गिरफ़्तार किए जाकर जेल भेजे गए हैं।





