राजा को जो भी नंगा कहेगा
मारा जायेगा!
भारी-भरकम हथियारों से लदी-फदी
सेना और जासूसों और मंत्रियों और
अधिकारियों और हत्यारों के गिरोहों और
न्यायाधीशों से घिरा हुआ राजा
अलफ़ नंगा है
यह कहने वाले बच्चे जेलों में जवान हो रहे हैं।
ऐसा कुछ जवानों ने भी कहा और वे
सूली पर चढ़ाये जाने का
इन्तज़ार कर रहे हैं।
चौरासी साल के उस बीमार बूढ़े ने
बस इतना ही कहा था कि नंगे को नंगा,
आततायी को आततायी, हत्यारे को
हत्यारा और दंगाई को दंगाई कहना
कोई गुनाह नहीं है, भले ही वह
एक शक्तिशाली राजा हो।
फिर राजा ने दिखाई अपनी सत्ता की
अपार शक्ति और राजद्रोही क़रार देकर
उस चौरासी साल के बीमार बूढ़े को
बेड़ियाँ पहनाकर कालकोठरी में
डाल दिया गया।
वह बूढ़ा मरा उस कालकोठरी के अँधेरे में
और फिर पूरे देश की दीवारों पर
ऐसे लाखों पोस्टर रोज़ चिपके हुए
मिलने लगे कि ‘राजा नंगा है!’
फिर राजा ने पूरे देश को ही
जेलखाना बनाने का आदेश दे दिया।
राजा अनपढ़ था!
उसे इतिहास की कोई जानकारी नहीं थी!
–कविता कृष्णपल्लवी





