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*21 जुलाई की ताजा खबर: ट्रंप की उड़ी नींद, बीच समंदर धू-धू कर जलने लगा जहाज,आज से संसद का मानसून सत्र, थरूर के बयान से कांग्रेस में भूचाल…खाते में 7 करोड़, घर में 1500 सिम कार्ड, कई लैपटॉप,अलास्का , ताजिकिस्तान में कांपी धरती*

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आज के बड़े इवेंट
>बिहार: बीमा भारती से आज पूछताछ करेगी आर्थिक अपराध इकाई
> महाराष्ट्र: सैफ अली खान पर हमला करने वाला आरोपी की जमानत याचिका पर आज सुनवाई

 अब वो हमारे साथ नहीं…थरूर के बयान को लेकर कांग्रेस में भूचाल

कांग्रेस नेता शशि थरूर को लेकर पार्टी में विवाद है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर सरकार का समर्थन करने पर उन्हें विरोध का सामना करना पड़ रहा है। के. मुरलीधरन ने थरूर की आलोचना की है। थरूर का कहना है कि देश पहले आता है। 

 कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर को लेकर कांग्रेस के भीतर सियासत तेज हो गई है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान केंद्र की मोदी सरकार का खुलकर समर्थन करने वाले थरूर को अब पार्टी के अंदर अपने साथियों का विरोध झेलना पड़ रहा है। हालांकि थरूर अपने पुराने बयानों पर अड़े हैं। उनका साफ कहना है कि वह देश की सशस्त्र सेनाओं और सरकार का समर्थन करने के अपने रुख पर अड़े रहेंगे।

उधर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के. मुरलीधरन ने सांसद शशि थरूर की आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि जब तक थरूर राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर अपना विचार नहीं बदलते, उन्हें तिरुवनंतपुरम में कांग्रेस के किसी भी कार्यक्रम में नहीं बुलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘वह अब हमारे साथ नहीं हैं।’ दरअसल थरूर ने राष्ट्रीय सुरक्षा पर अपनी राय रखी थी, जिसके बाद मुरलीधरन ने यह बयान दिया।

थरूर ने कहा था कि देश पहले आता है और पार्टियां देश को बेहतर बनाने का साधन हैं। मुरलीधरन ने पहले भी थरूर की आलोचना की थी, जब थरूर को मुख्यमंत्री पद के लिए यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट UDF की सबसे पसंदीदा पसंद बताया गया था। मुरलीधरन ने कहा था कि थरूर को पहले यह तय करना चाहिए कि वह किस पार्टी से हैं।

कांग्रेस करेगी थरूर के खिलाफ कार्रवाई?

मुरलीधरन ने कहा कि पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व यह तय करेगा कि थरूर के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाए। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, ‘जब तक थरूर अपना रुख नहीं बदलते, हम उन्हें तिरुवनंतपुरम में होने वाले किसी भी पार्टी कार्यक्रम में नहीं बुलाएंगे, वह हमारे साथ नहीं हैं, इसलिए उनके किसी कार्यक्रम का बहिष्कार करने का कोई सवाल ही नहीं उठता। इसका मतलब है कि मुरलीधरन थरूर के विचारों से सहमत नहीं हैं और उन्हें पार्टी के कार्यक्रमों में शामिल नहीं करना चाहते।

धर्म संकट में कांग्रेस

यह मामला कांग्रेस पार्टी के लिए एक बड़ी चुनौती है। पार्टी को यह तय करना होगा कि वह थरूर के साथ क्या करे, क्या पार्टी थरूर को माफ कर देगी या उनके खिलाफ कोई कार्रवाई करेगी? यह फैसला कांग्रेस पार्टी के भविष्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगा। थरूर एक लोकप्रिय नेता हैं और उनका पार्टी छोड़ना कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका होगा। लेकिन, अगर पार्टी थरूर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करती है, तो इससे पार्टी के अन्य नेताओं को गलत संदेश जाएगा। कांग्रेस पार्टी इस मामले में धर्म संकट में फंसती नजर आ रही है।

थरूर के इस बयान से कांग्रेस के अंदर आया भूचाल

कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) के सदस्य शशि थरूर ने शनिवार को कहा था कि राष्ट्र पहले आता है और पार्टियां देश को बेहतर बनाने का माध्यम हैं। तिरुवनंतपुरम से सांसद थरूर ने कहा कि किसी भी पार्टी का उद्देश्य एक बेहतर भारत का निर्माण करना होता है। उन्होंने कहा कि वह देश की सशस्त्र सेनाओं और सरकार का समर्थन करने के अपने रुख पर अड़े रहेंगे, क्योंकि उनका मानना है कि ‘यह देश के लिए सही बात है।’ बाद में, कार्यक्रम से इतर उन्होंने पत्रकारों से कहा कि ‘राष्ट्र प्रथम हमेशा से मेरा दर्शन रहा है।’

बीच समंदर धू-धू कर जलने लगा 280 यात्रियों से भरा जहाज

इंडोनेशिया में बीच समुद्र एक यात्री नौका में आग लगने से कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई। आग इतनी भयानक थी कि उससे बचने के लिए सैकड़ों लोग पानी में कूद गए। आग नौका के पिछले हिस्से से शुरू हुई और देखते ही देखते भयानक हो गई। 

इंडोनेशिया के उत्तरी सुलावेसी में तालिस द्वीप के पास एक यात्री जहाज में आग लगने से कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई। केएम बार्सिलोना वीए नाम का यह जहाज रविवार को लगभग 280 यात्रियों को लेकर मनाडो बंदरगाह जा रहा था। आग इतना भयानक थी कि उसकी लपटों से बचने के लिए कुछ यात्री समुद्र में कूद गए। वहीं, कई अन्य यात्रियों के जहाज में फंसे होने की आशंका जताई गई है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है, जिसमें जहाज से आग की ऊंची-ऊंची लपटों को देखा जा सकता है।

तीन लोगों की हुई मौत

प्रांतीय खोज एवं बचाव कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी वेरी अरियांटो ने सिन्हुआ को बताया, “तीन लोगों की मौत हो गई और लगभग 150 लोगों को बचा लिया गया। उन्हें बचाव दल और स्थानीय मछली पकड़ने वाली नौकाओं की एक संयुक्त टीम ने बचाया।” नौका के ऊपरी डेक से घना काला धुआँ उठता देखा गया। रिपोर्टों के अनुसार, आग दोपहर लगभग 1:30 बजे (स्थानीय समयानुसार) लगी।

अब्दुल रहमद अगु नाम के एक यात्री ने फेसबुक लाइवस्ट्रीम के माध्यम से इस भयावह दृश्य को कैद किया। वह उन कई यात्रियों में शामिल थे जो पानी में कूद गए, जिनमें से कुछ ने चमकीले नारंगी रंग की लाइफ जैकेट पहनी हुई थी। अगु को एक बच्चे को गोद में लिए तैरते हुए देखा गया।

आग लगने के कारणों की जांच शुरू

शुरुआती रिपोर्टों में, मनाडो खोज और बचाव कार्यालय के प्रमुख जॉर्ज लियो मर्सी रंदांग ने कहा: “अधिक जानकारी बाद में दी जाएगी। हमें उम्मीद है कि पहले सभी यात्रियों को बचा लिया जाएगा।” अधिकारियों ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। बिजली की खराबी, ईंधन रिसाव या इंजन की खराबी इसके कुछ संभावित कारण हो सकते हैं। एक अन्य यात्री, अलविना इनांग ने बताया कि आग लगने पर जो अफरा-तफरी मची, उसके कारण उन्हें और उनके परिवार को समुद्र में कूदना पड़ा।

बोट के पिछले हिस्से से फैली आग

अंतरा न्यूज़ के हवाले से, तलौद द्वीप पुलिस के यातायात प्रमुख क्रिश्चियन एम की पत्नी अलविना अलविना ने कहा, “यह बहुत तेजी से हुआ। लगभग 12:00 बजे, किसी ने चिल्लाकर कहा कि जहाज के पिछले हिस्से में आग लग गई है, और हम तुरंत घबरा गए।” केएम बार्सिलोना वी जहाज तलौद द्वीप से रवाना हुआ था और उसे मनाडो बंदरगाह पर डॉक करना था। पिछले दिन आए तूफान के कारण इसके विलंबित प्रस्थान ने संभावित मशीनी या परिचालन संबंधी समस्याओं के बारे में सवाल खड़े कर दिए हैं।

कनाडा, ब्राजील, ब्रिटेन… क्रिप्टो मार्केट अब इन देशों की जीडीपी से बड़ा

क्रिप्टो बाजार ने 4 ट्रिलियन डॉलर का आंकड़ा पार कर एक नया रिकॉर्ड बना द‍िया है। यह कई देशों की जीडीपी से भी अधिक है। बिटकॉइन की कीमतों में उछाल और अमेरिका में क्रिप्टो को लेकर नए नियमों के बनने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। यही कारण है क‍ि इसमें न‍िवेश बढ़ा है।

क्रिप्टो बाजार ने एक बड़ा रिकॉर्ड बनाया है। क्रिप्टो बाजार का कुल मूल्य 4 ट्रिलियन डॉलर से भी ज्यादा हो गया है। यह आंकड़ा ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, कनाडा, ब्राजील और रूस जैसे देशों की सालाना जीडीपी से भी ज्यादा है। बिटकॉइन की कीमत इस हफ्ते 123,205 डॉलर तक पहुंच गई। ईथर में भी उछाल आया है। यूनिस्‍वैप में शुक्रवार को 20% की बढ़त हुई। सोलाना में भी 5.6% की तेजी आई। अमेरिका में क्रिप्टो को लेकर नए नियम बनने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। अमेरिकी संसद ने स्‍टेबलकॉइंस पर पहला संघीय कानून पास किया है। सिटीग्रुप के अनुसार, स्‍टेबलकॉइंस का बाजार 2030 तक 3.7 ट्रिलियन डॉलर का हो सकता है।

अमेरिका में क्रिप्टो को लेकर कई नए नियम

क्रिप्टो बाजार में तेजी का कारण सिर्फ कीमतों में बढ़ोतरी नहीं है। अमेरिका में क्रिप्टो को लेकर कई नए नियम बन रहे हैं। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। अमेरिका ने स्‍टेबलकॉइंस पर पहला संघीय कानून पास किया है। स्‍टेबलकॉइंस ऐसे क्रिप्टो टोकन होते हैं जिनकी कीमत डॉलर जैसी संपत्ति से जुड़ी होती है। इस कानून से स्‍टेबलकॉइंस के लिए एक औपचारिक ढांचा बनेगा।

यह कानून रिपब्लिकन पार्टी के समर्थन से पास हुआ है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पर हस्ताक्षर किए हैं। इसे एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। स्‍टेबलकॉइंस को स्थिर कीमत वाला माना जाता है। लेकिन, कई बार इनकी कीमत में गिरावट आ जाती है। नए कानून का उद्देश्य इस खतरे को कम करना है। इससे कंपनियों को भी इसे अपनाने में मदद मिलेगी।

क्रिप्टो ईटीएफ में खूब पैसा लगा रहे लोग

निवेशक क्रिप्टो ईटीएफ में खूब पैसा लगा रहे हैं। अकेले जुलाई में बिटकॉइन फंड में 5.5 अरब डॉलर और ईथर ईटीएफ में 2.9 अरब डॉलर का निवेश हुआ है। संस्थागत निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने से बाजार में तेजी आई है।

पूंजी का प्रवाह, नियमों में स्पष्टता और ऑल्‍टकॉइंस की बढ़ती लोकप्रियता के कारण इसे ‘Crypto 2.0’ कहा जा रहा है। यह डिजिटल संपत्ति के विकास और मुख्यधारा में शामिल होने का नया दौर है।

चार साल बाद भारत आ रहे रूसी राष्ट्रपति पुतिन

यूक्रेन के साथ जंग के बीच रूसी राष्ट्रपति पुतिन जल्द ही भारत का दौरा करने वाले हैं। भारत-रूस समिट को लेकर पुतिन दिल्ली आएंगे। इस दौरान कई मुद्दों पर बातचीत के आसार हैं। बड़ा सवाल यही है कि आखिर पुतिन के भारत दौरे का एजेंडा क्या है

भारत इस साल के अंत में इंडिया-रूस शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस समिट में हिस्सा लेने भारत आ रहे। 2021 के बाद पहली बार पुतिल दिल्ली आएंगे। इस सम्मेलन में रक्षा सहयोग, ऊर्जा संबंध, परमाणु ऊर्जा में साझेदारी, आर्कटिक क्षेत्र में सहयोग और हाई-टेक सेक्टर में साथ काम करने की योजना पर बात होगी। यूरोपीय संघ (EU) की ओर से लगाए गए नए प्रतिबंधों के बीच यह सम्मेलन बेहद महत्वपूर्ण है। पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन की ये मुलाकात कब होगी अभी ये तय नहीं हुई है।

भारत-रूस समिट के लिए दिल्ली आ रहे पुतिन

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत-रूस शिखर सम्मेलन महत्वपूर्ण है। पिछला सम्मेलन मॉस्को में हुआ था। अब हमें दिल्ली में इसकी मेजबानी करनी है। तारीखें आपसी सहमति से तय की जाएंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुतिन ने आखिरी बार ऑपरेशन सिंदूर से पहले बात की थी।

ऑपरेशन सिंदूर से पहले पीएम मोदी-पुतिन की हुई थी बात

उस समय रूसी राष्ट्रपति ने भारत के आतंकवाद विरोधी कदमों का समर्थन किया था। उस समय रूस के S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम और भारत-रूस के संयुक्त उद्यम ब्रह्मोस ने पाकिस्तानी सैन्य हथियारों को नष्ट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ये हथियार ज्यादातर चीन से आए थी।

SCO समिट के दौरान भी हो सकती है मुलाकात

अगर प्रधानमंत्री मोदी SCO शिखर सम्मेलन में चीन जाते हैं, तो दोनों नेता वहां भी मिल सकते हैं। यूक्रेन युद्ध के बाद से पुतिन ने विदेश यात्राएं कम कर दी हैं। हालांकि, वह 2025 के आखिरी तीन महीनों में भारत आ सकते हैं। भारत-रूस सम्मेलन में खाद्य सुरक्षा भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा हो सकता है। पुतिन ने हाल ही में कहा था कि पीएम मोदी के अनुरोध पर रूस ने भारत को उर्वरक निर्यात बढ़ा दिया है। उर्वरक का मतलब खाद है, जो खेती के लिए जरूरी है।

भारत-रूस के बीच इन मुद्दों पर बातचीत के आसार

भारत और रूस के बीच वार्ता के दौरान अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों की बात करें तो आर्कटिक क्षेत्र में भारत की मौजूदगी बढ़ाना और रूस द्वारा बनाए जा रहे परमाणु ऊर्जा संयंत्र के लिए दूसरी जगह तय करना। आर्कटिक क्षेत्र में बहुत सारे प्राकृतिक संसाधन हैं। भारत वहां अपनी भूमिका बढ़ाना चाहता है।

इस बीच, भारत ने ऊर्जा सुरक्षा पर अपना रुख दोहराया है। भारत ने रोसनेफ्ट (Rosneft) की भारतीय रिफाइनरी पर यूरोपियन यूनियन के प्रतिबंधों को मानने से इनकार कर दिया है। भारत का कहना है कि वह ऊर्जा के मामले में किसी भी तरह के एकतरफा प्रतिबंधों का समर्थन नहीं करता है।

क्यों अहम है पुतिन का ये भारत दौरा

भारत और रूस के बीच यह शिखर सम्मेलन कई मायनों में महत्वपूर्ण है। इससे दोनों देशों के बीच संबंध और मजबूत होंगे। साथ ही, कई क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे। ऊर्जा, रक्षा और तकनीक के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच साझेदारी बढ़ने की उम्मीद है। यह सम्मेलन भारत और रूस दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

दिल्ली-यूपी में झमाझम, उत्तराखंड-केरल में रेड अलर्ट

दिल्ली-एनसीआर में बारिश के लिए इंतजार बढ़ता जा रहा है। पिछले कुछ दिनों में राजधानी बारिश के लिए तरस गई है, जिसके कारण उमस और गर्मी बढ़ रही है। इस बीच मौसम विभाग ने आज राष्ट्रीय राजधानी सहित एनसीआर में झमाझम बारिश होने के संकेत दिए हैं। मौसम विभाग का कहना है कि इस पूरे हफ्ते दिल्ली में बारिश हो सकती है।

दिल्ली-एनसीआर में बारिश के लिए इंतजार बढ़ता जा रहा है। पिछले कुछ दिनों में राजधानी बारिश के लिए तरस गई है, जिसके कारण उमस और गर्मी बढ़ रही है। इस बीच मौसम विभाग ने आज राष्ट्रीय राजधानी सहित एनसीआर में झमाझम बारिश होने के संकेत दिए हैं। मौसम विभाग का कहना है कि इस पूरे हफ्ते दिल्ली में बारिश हो सकती है।

दिल्ली के अलावा राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और पंजाब में भी बारिश के आसार हैं। विभाग के मुताबिक दिल्ली का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। वहीं, न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।

यूपी में थमा बारिश का सिलसिला, बढ़ी उमस

उत्तर प्रदेश के मौसम की बात की जाए तो यहां भारी बारिश का दौर थम चुका है, जो फिलहाल दोबारा शुरू होता नहीं दिख रहा है। हालांकि, आज के दिन भी यूपी के कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में यूपी में बारिश का सिलसिला पूरी तरह से थम सकता है। आज यूपी के कई जिलों में गरज चमक भी देखने को मिल सकती है। पूर्वी यूपी में कहीं-कहीं बौछारें पड़ने के आसार हैं। इस दौरान दोनों हिस्सों में कहीं-कहीं पर बादल गरजने व बिजली चमकने की संभावना है।

जानें आज आपके शहर में कितना रह सकता है तापमान

शहरअधिकतम तापमानन्यूनतम तापमान
दिल्ली33°C27°C
मुंबई30°C25°C
कोलकाता35°C27°C
चेन्नई36°C25°C
पटना36°C29°C
रांची28°C23°C
जयपुर30°C27°C
अहमदाबाद33°C27°C
नैनीताल26°C23°C
शिमला24°C18°C
भोपाल31°C25°C
भुवनेश्वर31°C26°C
अमृतसर29°C26°C

उत्तराखंड में बारिश का रेड अलर्ट जारी

उत्तराखंड में बारिश आफत बनकर बरस रही है। मौसम विभाग ने कुमाऊं क्षेत्र के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। कुमाऊं क्षेत्र के नैनीताल, चंपावत और उधम सिंह नगर में रविवार को भारी बारिश होने की संभावना है। विभाग ने गढ़वाल क्षेत्र के देहरादून, टिहरी और पौड़ी जिलों के साथ-साथ कुमाऊं के बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ भी जारी किया है।

केरल में आफत बनकर बर रही बारिश

केरल में लगातार हो रही बारिश के कारण कई शहरों और ऊंचाई पर स्थित इलाकों में बाढ़ आ गई है और यातायात बाधित हो गया, जिसके मद्देनजर भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने राज्य के पांच उत्तरी जिलों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें ‘अत्यधिक भारी बारिश’ का पूर्वानुमान जताया गया है।

समय-पूर्व मानसून से तबाही, हिमाचल-उत्तराखंड में 100 लोगों की मौत; कई राज्यों में बाढ़, नदियां उफान पर

इस साल जल्दी आने वाला मानसून देश के कई हिस्सों के लिए आफत लेकर आया है। 20 जुलाई तक देशभर में भारी वर्षा, बाढ़ और भूस्खलन की कई घटनाएं हो चुकी हैं जिनमें व्यापक जानमाल का नुकसान हुआ है। आगे भी मूसलाधार बारिश जारी रहने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) की रिपोर्ट के अनुसार पूरे देश में अब तक औसत से 6 फीसदी अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। हालांकि कुछ इलाकों में बारिश सामान्य से 40 फीसदी तक अधिक रही तो कहीं अभी भी सामान्य से काफी कम है जिससे असमानता और संकट दोनों की स्थिति बनी हुई है।

इन राज्यों में सबसे अधिक नुकसान
सबसे अधिक नुकसान हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, असम, महाराष्ट्र और गुजरात में हुआ है। हिमाचल और उत्तराखंड में लगातार भूस्खलन, बादल फटने और मूसलधार बारिश से सैकड़ों गांव प्रभावित हुए हैं, 100 से अधिक लोगों की जान गई है और करोड़ों की संपत्ति का नुकसान हुआ है। असम में ब्रह्मपुत्र और इसकी सहायक नदियों के उफान के कारण लाखों लोग बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। महाराष्ट्र और गुजरात के कई जिलों विशेषकर कोल्हापुर, नासिक और सौराष्ट्र में भारी वर्षा और जलजमाव ने न केवल जनजीवन को ठप कर दिया है, बल्कि कृषि और बुनियादी ढांचे को भी व्यापक क्षति पहुंचाई है।

नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं
गुजरात में सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्रों में जून महीने में ही सामान्य से 300 फीसदी अधिक बारिश हो चुकी है। इन राज्यों में अब तक राहत और बचाव कार्यों में एनडीआरएफ और सेना की मदद ली जा रही है। बिहार और उत्तर प्रदेश में मानसून का असर असंतुलित रहा है। बिहार के सात जिलों में गंगा, कोसी और उनकी सहायक नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं जिससे पटना समेत कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्रों में सामान्य से 45 फीसदी कम वर्षा हुई है, जिससे खरीफ फसलों की बुआई और विकास पर बुरा असर पड़ा है। झारखंड और मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड जैसे क्षेत्र इस बार अतिवृष्टि की मार झेल रहे हैं। खेतों में जलजमाव से बुआई रुकी हुई है।

पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाके पानी को तरस रहे 
देशभर में भारी बारिश के बावजूद कुछ इलाके पानी के लिए तरस रहे हैं। अब तक सबसे कम बारिश पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में दर्ज की गई है। विशेष रूप से हरियाणा के महेन्द्रगढ़, फतेहाबाद और रेवाड़ी जिलों में वर्षा सामान्य से 50 फीसदी से कम रही है। पंजाब के मालवा क्षेत्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, बागपत, शामली जैसे जिलों में भी अब तक की बारिश औसत से काफी कम है, जिससे धान व गन्ने की बुआई में भारी देरी हुई है। 

अगस्त-सितंबर में और तेज होगा मानसून
मौसम विभाग ने ताजे पूर्वानुमान में संकेत दिया है कि अगस्त और सितंबर में पूर्वी और दक्षिणी भारत में सामान्य से अधिक वर्षा हो सकती है। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब में जुलाई के अंतिम सप्ताह से भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार उत्पन्न हो रहे निम्न दबाव क्षेत्र मानसून को और अधिक तीव्र बना सकते हैं। आईएमडी के प्रमुख वैज्ञानिक मृत्युंजय महापात्र ने कहा है कि 2025 का मानसून अल नीनो से मुक्त है, लेकिन इसके चलते चरम मौसम की घटनाएं बढ़ सकती हैं।

राजस्थान : अजमेर समेत कई शहरों में जलभराव
भारी बारिश के कारण राजस्थान के अजमेर समेत कई शहरों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। शनिवार को अजमेर में आनासागर झील उफान पर आ गई, जिससे जलभराव हो गया। इसके कारण बजरंग गढ़ को बाजार से जोड़ने वाला रास्ता बंद कर दिया गया है। जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में भी पानी भर गया था।

अरुणाचल में अब तक 15 की मौत…
पूर्वोत्तर भारतीय राज्य- अरुणाचल प्रदेश में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने पूरे राज्य में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। भारी बारिश के चलते कई इलाकों में भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ ने भयावह तबाही मचाई है। प्रशासन की रिपोर्ट के मुताबिक जून से अब तक करीब 15 लोगों की मौत हो चुकी है।

Sawan Somvar

आज सावन के दूसरे सोमवार पर 3 शुभ योग

सावन के इस दूसरे सोमवार को बन रहे इन दुर्लभ योगों का प्रभाव पूरे दिन रहेगा, जो जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मक बदलाव लेकर आते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि सावन के इस पावन दिन किन-किन दुर्लभ योगों का निर्माण हो रहा है और उनसे मिलने वाले लाभ क्या-क्या हैं।

आज 21 जुलाई को सावन का दूसरा सोमवार है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस साल सावन का दूसरा सोमवार अत्यंत महत्वपूर्ण और शुभ माना जा रहा है क्योंकि इस दिन तीन दुर्लभ और शक्तिशाली योग बन रहे हैं। ये योग सामान्यतः बहुत कम समय में बनते हैं, इसलिए इस अवसर का खास महत्व होता है। ऐसे योगों में की गई पूजा और व्रत का प्रभाव अधिक गहरा और फलदायक होता है। सावन के इस दूसरे सोमवार को बन रहे इन दुर्लभ योगों का प्रभाव पूरे दिन रहेगा, जो जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मक बदलाव लेकर आते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि सावन के इस पावन दिन किन-किन दुर्लभ योगों का निर्माण हो रहा है और उनसे मिलने वाले लाभ क्या-क्या हैं।

सावन के दूसरे सोमवार पर शुभ योग
सावन का दूसरा सोमवार कई शुभ योग लेकर आएगा। 21 जुलाई यां सावन के दूसरे सोमवार को रोहिणी नक्षत्र रहेगा और चंद्रमा वृषभ राशि में रहेंगे। इस दिन कामिका एकादशी भी है। साथ ही सावन के  दूसरे सोमवार को सर्वार्थ सिद्धि योग , वृद्धि योग और अमृत सिद्धि योग का निर्माण भी हो रहा है। ऐसे में आइए जानते हैं इन योग के निर्माण से क्या लाभ मिलेंगे। 

Sawan ka dusra somvar Rare Yogas on Sawan Second Monday Know the Significance and Benefits

ज्योतिष में वृद्धि योग को बहुत शुभ माना जाता है।

वृद्धि योग
ज्योतिष में वृद्धि योग को बहुत शुभ माना जाता है। वृद्धि जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है प्रगति और बढ़ोतरी। इस योग के दौरान किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक होती है, खासकर धन, व्यापार या किसी भी प्रकार की वृद्धि से जुड़े मामलों में। सावन के दूसरे सोमवार को यदि इस योग में भगवान शिव की पूजा की जाए तो आर्थिक समृद्धि और भौतिक सुखों में बढ़ोतरी होती है।

Sawan ka dusra somvar Rare Yogas on Sawan Second Monday Know the Significance and Benefits

सर्वार्थ सिद्धि योग मंत्रों की सिद्धि, अनुष्ठान या किसी भी महत्वपूर्ण कार्य के लिए अत्यंत उपयुक्त है।

सर्वार्थ सिद्धि योग
यह योग सभी मनोकामनाओं की पूर्ति और हर प्रकार के कार्यों में सफलता दिलाने वाला माना जाता है। सर्वार्थ का मतलब है सभी उद्देश्य और सिद्धि का मतलब है पूर्णता या सफलता। इस योग के दौरान शुरू किए गए किसी भी शुभ कार्य में बाधाएं कम आती हैं और सफलता मिलने के योग होते हैं। यह योग मंत्रों की सिद्धि, अनुष्ठान या किसी भी महत्वपूर्ण कार्य के लिए अत्यंत उपयुक्त है।

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अमृत सिद्धि योग को ज्योतिष में अत्यंत शुभ और शक्तिशाली माना जाता है।

अमृत सिद्धि योग
अमृत सिद्धि योग को ज्योतिष में अत्यंत शुभ और शक्तिशाली माना जाता है। अमृत का अर्थ है अमरता और सिद्धि का अर्थ है पूर्णता। इस योग में किए गए कार्यों के परिणाम स्थायी होते हैं और यह दीर्घायु, अच्छा स्वास्थ्य और समृद्धि लाता है। यह योग नकारात्मक ऊर्जा को दूर करके सकारात्मक ऊर्जा आकर्षित करता है।

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शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, भांग आदि अर्पित करें

कैसे पाएं लाभ
इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा करें, शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, भांग आदि अर्पित करें और “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें। शिव चालीसा, रुद्राष्टक या महामृत्युंजय मंत्र का पाठ भी फलदायी रहता है। अपने मन की इच्छा के साथ संकल्प लेकर पूजा करें ताकि आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी हों।

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जरूरतमंदों को दान देने से पुण्य की प्राप्ति होती है –

दान-पुण्य का महत्व
इन योगों में दान करना भी बहुत शुभ माना जाता है। जरूरतमंदों को दान देने से पुण्य की प्राप्ति होती है और ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं। साथ ही, यह दिन नए कार्य की शुरुआत, निवेश या महत्वपूर्ण फैसले लेने के लिए भी बेहद अनुकूल होता है।

भूकंप

अलास्का में 6.2 तीव्रता का भूकंप, ताजिकिस्तान में भी कांपी धरती

अमेरिका के अलास्का और ताजिकिस्तान में सोमवार तड़के भूकंप के झटके महसूस किए गए। जहां, अलास्का में भूकंप की तीव्रता रिएक्टर पैमाने पर 6.2 मापी गई। वहीं, ताकिस्तान में 4.6 तीव्रता का भूकंप आया। अलास्का में भूकंप आने के बाद सुनामी की चेतावनी जारी की गई है।

अमेरिका के अलास्का में सोमवार तड़के भूकंप के झटके महसूस किए गए। संबंधित एजेंसियों ने भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी की है। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) ने बताया कि भूकंप की तीव्रता रिएक्टर पैमाने पर 6.2 मापी गई है। भूकंप का केंद्र 48 किलोमीटर गहराई में पाया गया। एनसीएस के मुताबिक, इतनी कम गहराई पर आए भूकंप के बाद दोबारा झटके (आफ्टरशॉक) आने की संभावना ज्यादा होती है। वहीं, दूसरी तरफ ताजिकिस्तान में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। यहां भूकंप की तीव्रता रिएक्ट पैमाने पर 4.6 मापी गई। खबर लिखे जाने तक किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं आई है।

इससे पहले भी अलास्का में 17 जुलाई को भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। इस दौरान भूकंप की तीव्रता रिएक्टर पैमाने पर 7.3 मापी गई थी। एनसीएस के मुताबाकि, भूकंप का केंद्र 36 किलोमीटर गहराई में पाया गया था। 

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़

आज से संसद का मानसून सत्र, लोकसभा-राज्यसभा में हंगामे के आसार

आज शुरू हो रहा संसद का मानसून सत्र पूरी तरह हंगामेदार रहने के आसार हैं। विपक्ष पहलगाम हमले, ऑपरेशन सिंदूर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्यस्थता के दावों, बिहार में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण, मणिपुर, चीन जैसे विषयों पर सरकार को घेरने के लिए पूरी तरह तैयार है। जानिए लोकसभा और राज्यसभा में आज पहले दिन क्या होगा

संसद का मानसून सत्र आज से शुरू होने वाला है। यह सत्र 21 अगस्त यानी 32 दिन तक चलेगा। इसमें 21 बैठकें होंगी। पीएम मोदी आज सत्र शुरू होने से पहले मीडिया से रू-ब-रू होंगे। ऑपरेशन सिंदूर समेत मुख्य मुद्दों पर पीएम मोदी नहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बयान देंगे। इस दौरान राज्यसभा में विपक्ष को इससे जुड़े सवाल पूछने की अनुमति दी जाएगी।

संसद सत्र की शुरुआत से पहले पीएम मोदी मीडिया को संबोधित करेंगे
सत्र की शुरुआत से पहले रविवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में एकजुट विपक्ष ने सरकार से मांग की कि ऑपरेशन सिंदूर और ट्रंप के बयानों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को जवाब दें। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, सरकार ऑपरेशन सिंदूर समेत सभी मुद्दों पर नियमानुसार चर्चा को तैयार है। पीएम मोदी से जवाब की मांग पर रिजिजू ने कहा, विदेश यात्राओं को छोड़ दिया जाए, तो प्रधानमंत्री सत्र के दौरान हमेशा संसद में रहते हैं। हालांकि, उनसे हमेशा सदन में बैठे रहने की उम्मीद नहीं की जा सकती। जब भी सत्र चल रहा होता है, केंद्रीय मंत्री अपने विभागों से जुड़े प्रश्नों पर जवाब देने के लिए उपलब्ध होते हैं।

सर्वदलीय बैठक में क्या बोले विपक्षी सांसद
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि हमारी मांग है कि ऑपरेशन सिंदूर और ट्रंप के दावे पर खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बयान दें। यह उनकी नैतिक जिम्मेदारी है। गोगोई ने कहा कि कांग्रेस बिहार में वोटरों के नाम की साजिश का मुद्दा भी उठाएगी। विदेश नीति की नाकामी और खुफिया विफलता जैसे आरोप लगाते हुए समाजवादी पार्टी के सांसद रामगोपाल यादव ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में खुफिया विफलता की बात खुद उपराज्यपाल ने मानी है। यह गंभीर स्थिति है। उन्होंने कहा कि भारत ने पाकिस्तान से जुड़े मुद्दे पर कभी भी तीसरे पक्ष को मध्यस्थता की अनुमति नहीं दी है, ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दावों पर सरकार को स्पष्टीकरण देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि हमारी विदेश नीति विफल है, क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर पर किसी देश ने भारत का साथ नहीं दिया।

सत्र में आठ नए और नौ लंबित विधेयक पेश करेगी सरकार
बता दें कि संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस सांसद जयराम रमेश, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के अलावा केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा समेत कई अन्य दलों के नेताओं को मिलाकर 54 लोग शामिल हुए। सरकार के सूत्रों का कहना है कि सत्र में आठ नए और नौ लंबित विधेयक पेश करने की योजना है।

सरकार किसी विषय पर चर्चा से पीछे नहीं हटेगी : रिजिजू
रिजिजू ने कहा, बैठक में सरकार ने संसद के सुचारु संचालन के लिए विपक्ष का सहयोग मांगा। उम्मीद जताई कि आगामी सत्र पूरी तरह से उत्पादक होगा। उन्होंने कहा, हम ऑपरेशन सिंदूर समेत किसी भी विषय पर चर्चा से भाग नहीं रहे हैं। ये सभी विषय देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। लेकिन कोई भी बहस नियमों के दायरे में ही होगी। कम सांसदों वाले दलों को भी बोलने के लिए पर्याप्त समय देने की मांग पर रिजिजू ने कहा, हम सभी को पर्याप्त समय देने की कोशिश करेंगे।

बिहार और मणिपुर के मुद्दों पर भी चर्चा कराने की मांग
संसद सत्र के आगाज से पहले रविवार की सर्वदलीय बैठक के दौरान विपक्ष ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण, मणिपुर, जम्मू-कश्मीर व चीन पर भी चर्चा की मांग उठाई। मतदाता सूची का मुद्दा चुनाव आयोग से जुड़ा होने व सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने के कारण सरकार इस पर चर्चा कराएगी। 

जदयू की सदस्यता लेते हुए आरोपी नेता, प्रोफाइल फोटो

खाते में 7 करोड़, घर में 1500 सिम कार्ड, कई लैपटॉप; सत्तारूढ़ जदयू के नेता को EOU ने दबोचा

आर्थिक अपराध इकाई पटना की टीम ने सुपौल जिले के करजाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत परमानंदपुर पंचायत स्थित गोसपुर गांव में बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने गांव के युवक हर्षित मिश्र को गिरफ्तार किया है। वह किसान परिवार से है। वह बीते कुछ वर्षों से खुद को शेयर बाजार का सफल कारोबारी बताता था। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई करोड़ों की ठगी और साइबर अपराध से जुड़ा है। हालांकि, इसको लेकर अधिकारी खुल कर कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं।

अकाउंट में आये थे 7 करोड़ रुपए
8 स्कॉर्पियो से करीब 25 से 30 की संख्या में आई अधिकारियों की टीम ने शनिवार को दोपहर 2 बजे छापेमारी शुरू की। करीब 19 घंटे तक चली कार्रवाई में हर्षित के घर से दर्जनों सिम लगाने वाला गैजेट, सैकड़ों सिम कार्ड, दर्जनों मोबाइल, लैपटॉप, बायोमेट्रिक डिवाइस, नोट गिनने की मशीन समेत कई सामान जब्त किए गए। वही पूछताछ में हर्षित के पास से वह मोबाइल और लैपटॉप भी मिला, जो उस बैंक खाते से जुड़ा था, जिसमें 7 करोड़ रुपये जमा थे। यह खाता पहले ही साइबर पुलिस ने फ्रीज कर दिया था। इसी आधार पर टीम ने कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में ईओयू पटना की टीम के करीब तीन दर्जन सदस्य, सुपौल एसपी और साइबर थाना के अधिकारी शामिल थे। कार्रवाई के दौरान ईओयू और स्थानीय पुलिस ने मीडिया से कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। पूछताछ और कागजी प्रक्रिया के बाद हर्षित को पटना ले जाया गया। इसको लेकर करजाईन थानाध्यक्ष लालजी प्रसाद ने बताया कि मामला आर्थिक इकाई का है। इससे पहले उसका किसी प्रकार की अपराधिक इतिहास इस थाने में दर्ज नहीं है।

शेयर ट्रेडिंग के नाम पर पिता से जमीन बिकवा कर लिए थे रुपए
ग्रामीणों के मुताबिक, हर्षित 27 साल का है। वह विकास मिश्र का बड़ा बेटा है। पिता किसान हैं। दादा घनश्याम मिश्र पंचायत के मुखिया रह चुके हैं। पहले परिवार के पास 50 बीघा से ज्यादा जमीन थी, जो धीरे-धीरे बिक गई। पढ़ाई के लिए हर्षित को फारबिसगंज और फिर पटना भेजा गया। तीन साल पहले हर्षित ने पिता से जमीन बिकवाकर शेयर ट्रेडिंग के नाम पर पैसे लिए। इसके बाद वह कभी-कभी गांव आता था।

तीन महीने पूर्व भाजपा छोड़ जदयू में शामिल हुआ
हर्षित पहले स्कॉर्पियो गाड़ी पर भाजपा का झंडा और दो बाउंसर लेकर घूमता था। लोग मानते रहे कि वह शेयर बाजार से कमाई कर रहा है। कुछ समय पहले उसने सरकार से बॉडीगार्ड की मांग भी की थी। हालांकि जांच में उसका आवेदन खारिज कर दिया गया। पहले वह भाजपा कार्यकर्ता था। लेकिन तीन महीने पहले जदयू में शामिल हुआ। कथित तौर पर बड़े नेताओं से नजदीकी के चलते उसे जदयू युवा मोर्चा का प्रदेश सचिव बना दिया गया। कार्रवाई के बाद गांव में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। गांव में सन्नाटा है। एक बुजुर्ग ने कहा कि हर्षित का चाल-चलन बीते कुछ वर्षों से बदला हुआ था।
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