आज के बड़े इवेंट्स
- ब्रिक्स समिट के बाद पीएम मोदी आज ब्राजीलिया दौरे पर रहेंगे
- संसदीय स्थायी समिति की बैठक में विमानन सुरक्षा पर होगी चर्चा
- बांग्लादेश- श्रीलंका के बीच सीरीज का तीसरा और निर्णायक वनडे मैच खेला जाएगा
- विंबलडन टेनिंस चैंपियनशिप में आज वर्ल्ड नंबर 2 अल्काराज क्वार्टर फाइनल खेलेंगे
ट्रंप ने दोस्तों को भी नहीं बख्शा, जापान और साउथ कोरिया पर टैरिफ बम, ट्रंप ने लगाया 25% टैक्स
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एशिया में अपने दो महत्वपूर्ण सहयोगियों जापान और दक्षिण कोरिया से आयातित वस्तुओं पर 25 प्रतिशत का शुल्क लगा दिया। उन्होंने इन दोनों देशों के साथ लगातार व्यापार असंतुलन का हवाला देते हुए यह शुल्क लगाया है। ट्रंप ने एक अगस्त से लागू होने वाले शुल्क की सूचना सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ’ पर पोस्ट करके दी। ये पोस्ट दोनों देशों के नेताओं को संबोधित थी।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एशिया में अपने दो महत्वपूर्ण सहयोगियों जापान और दक्षिण कोरिया से आयातित वस्तुओं पर 25 प्रतिशत का शुल्क लगा दिया। उन्होंने इन दोनों देशों के साथ लगातार व्यापार असंतुलन का हवाला देते हुए यह शुल्क लगाया है। ट्रंप ने एक अगस्त से लागू होने वाले शुल्क की सूचना सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ’ पर पोस्ट करके दी। ये पोस्ट दोनों देशों के नेताओं को संबोधित थी।
ट्रंप ने टैरिफ लगाकर धमकाया भी
ट्रंप ने दोनों देशों को चेतावनी दी कि वे अपने आयात कर में वृद्धि करके जवाबी कार्रवाई न करें, अन्यथा ट्रंप प्रशासन आयात टैक्स में और वृद्धि करेगा, जिससे जापान और दक्षिण कोरिया के वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रों को नुकसान हो सकता है। ट्रंप ने जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा और दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्यांग को संबोधित करके पत्र लिखे हैं।
ब्रिक्स में मोदी का चीन पर इशारों में वार? रेयर अर्थ मेटल को लेकर कह दी बड़ी बात
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ब्रिक्स समूह के वार्षिक शिखर सम्मेलन में कहा कि समूह के देशों को महत्वपूर्ण खनिजों और टेक्नोलॉजी की सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। साथ ही यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी देश इन संसाधनों का उपयोग अपने ‘स्वार्थी लाभ’ के लिए या दूसरों के खिलाफ ‘हथियार’ के रूप में न करे। माना जा रहा है कि पीएम मोदी ने परोक्ष रूप से चीन को लेकर इस आशय की बात कही है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ब्रिक्स समूह के वार्षिक शिखर सम्मेलन में कहा कि समूह के देशों को महत्वपूर्ण खनिजों और टेक्नोलॉजी की सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। साथ ही यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी देश इन संसाधनों का उपयोग अपने ‘स्वार्थी लाभ’ के लिए या दूसरों के खिलाफ ‘हथियार’ के रूप में न करे। माना जा रहा है कि पीएम मोदी ने परोक्ष रूप से चीन को लेकर इस आशय की बात कही है।
बहुपक्षवाद, वित्तीय मामलों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आयोजित सत्र में रविवार को अपने संबोधन में मोदी ने पारदर्शिता बनाए रखने और दुरुपयोग को रोकने के वास्ते एआई के उपयोग के लिए वैश्विक मानक बनाने का भी आह्वान किया। महत्वपूर्ण खनिजों पर प्रधानमंत्री की टिप्पणी, इन महत्वपूर्ण संसाधनों के निर्यात पर चीन द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों तथा इस क्षेत्र में उसकी अपारदर्शी नीतियों को लेकर वैश्विक स्तर पर जताई जा रही चिंता के बीच आई है।
चीन को परोक्ष संकेत
मोदी की तरफ से ब्रिक्स सहयोग का आह्वान, चीन के लिए एक अप्रत्यक्ष संकेत है। पीएम का बयान अप्रैल में चीनी वाणिज्य मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए निर्यात नियंत्रण आदेश के कारण दुर्लभ पृथ्वी धातुओं और संबद्ध उत्पादों की ग्लोबल सप्लाई की कमी के बीच आया है। चीन के पास दुनिया की लगभग 90-95% रेयर अर्थ मेटल्स प्रोसेसिंग क्षमता है। इससे वह एक्सपोर्ट्स का अपने लाभ के लिए उपयोग कर सकता है। रेयर अर्थ मेटल्स और उनके प्रोडक्ट्स का यूज रणनीतिक क्षेत्रों जैसे कि अक्षय ऊर्जा, स्वच्छ गतिशीलता और इलेक्ट्रॉनिक्स आदि में किया जाता है।
लिथियम, निकल और ग्रेफाइट जैसे महत्वपूर्ण खनिजों को इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी), ड्रोन और बैटरी भंडारण सहित उच्च-स्तरीय प्रौद्योगिकी उत्पादों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। चीन वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई चेन में प्रमुख भूमिका निभाता रहा है।
भारत में होगा एआई प्रभाव समिट
प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि भारत अगले साल “एआई प्रभाव शिखर सम्मेलन” का आयोजन करेगा। मोदी ने कहा कि हमारा मानना है कि चिंताओं के समाधान और इनोवेशन को प्रोत्साहित करने को एआई शासन में समान महत्व दिया जाना चाहिए। हमें जिम्मेदार एआई के लिए मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे वैश्विक मानक बनाए जाने चाहिए, जो डिजिटल सामग्री की प्रामाणिकता को सत्यापित कर सकें, ताकि हम सामग्री के स्रोत की पहचान कर सकें और पारदर्शिता बनाए रख सकें तथा दुरुपयोग को रोक सकें।
पुतिन, रूस समिट में नहीं हुए शामिल
समुद्र तटीय ब्राजील के इस शहर में आयोजित शिखर सम्मेलन में ब्रिक्स के शीर्ष नेताओं ने विश्व के समक्ष उपस्थित विभिन्न चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और उनके रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन ने शिखर सम्मेलन में भाग नहीं लिया। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल-फतह अल-सिसी भी सम्मेलन में शामिल नहीं हुए।
11 प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्था एक साथ
ब्रिक्स एक प्रभावशाली समूह के रूप में उभरा है, क्योंकि यह विश्व की 11 प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं को एक साथ लाता है, जो वैश्विक जनसंख्या का लगभग 49.5 प्रतिशत, वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 40 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार के लगभग 26 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करता है। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने ‘ग्लोबल साउथ’ की मदद के लिए ब्रिक्स द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी चर्चा की।
‘ग्लोबल साउथ’ शब्द का इस्तेमाल आम तौर पर आर्थिक रूप से कम विकसित देशों को संदर्भित करने के लिए किया जाता है। मूल रूप से ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका से मिलकर बने ब्रिक्स का 2024 में विस्तार किया गया, जिसके तहत मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात को समूह में शामिल किया गया। इंडोनेशिया 2025 में ब्रिक्स में शामिल हुआ। इसके 17वें शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों, भागीदारों और विशेष आमंत्रित देशों ने भाग लिया।
पीएम मोदी ने दलाई लामा को बोला ‘हैप्पी बर्थडे’ तो भड़का चीन
चीन ने सोमवार को कहा कि उसने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दलाई लामा को उनके 90वें जन्मदिन पर बधाई देने तथा समारोह में भारतीय अधिकारियों की उपस्थिति को लेकर भारत के समक्ष विरोध दर्ज कराया है। चीन ने इस बात पर जोर दिया कि भारत को तिब्बत से संबंधित मुद्दों पर बीजिंग की संवेदनशीलता को पूरी तरह समझना चाहिए। चीन शुरू से ही दलाई लामा को एक राजनीतिक अलगाववादी बताता है और उनके उत्तराधिकारी को चुनने पर अपना अधिकार जताता है।

चीन ने सोमवार को कहा कि उसने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दलाई लामा को उनके 90वें जन्मदिन पर बधाई देने तथा समारोह में भारतीय अधिकारियों की उपस्थिति को लेकर भारत के समक्ष विरोध दर्ज कराया है। चीन ने इस बात पर जोर दिया कि भारत को तिब्बत से संबंधित मुद्दों पर बीजिंग की संवेदनशीलता को पूरी तरह समझना चाहिए। चीन शुरू से ही दलाई लामा को एक राजनीतिक अलगाववादी बताता है और उनके उत्तराधिकारी को चुनने पर अपना अधिकार जताता है।
दलाई लामा के जन्मदिन पर भड़का चीन
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने यहां एक पत्रकार वार्ता में कहा कि तिब्बत से संबंधित मामलों पर चीन की स्थिति सुसंगत और स्पष्ट है तथा यह सभी को पता है। माओ प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दलाई लामा को उनके 90वें जन्मदिन पर बधाई देने तथा उनके जन्मदिन समारोह में वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों की उपस्थिति के बारे में पूछे गए प्रश्न का जवाब दे रही थी।
चीन ने दलाई लामा को बताया अलगाववादी
उन्होंने आरोप लगाया कि 14वें दलाई लामा राजनीतिक निर्वासन में हैं, जो लंबे समय से अलगाववादी गतिविधियों में लिप्त रहे हैं और धर्म की आड़ में शिजांग को चीन से अलग करने का प्रयास करते रहे हैं। चीन तिब्बत को शिजांग कहता है। उन्होंने कहा कि भारत को शिजांग से संबंधित मुद्दों की संवेदनशीलता को पूरी तरह समझना चाहिए तथा 14वें दलाई लामा की अलगाववादी प्रकृति को पहचानना चाहिए और शिजांग से संबंधित मुद्दों पर चीन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का सम्मान करना चाहिए।
भारत को बुद्धिमानी से काम लेने की सलाह दी
प्रवक्ता ने कहा कि भारत को विवेकपूर्ण तरीके से काम करना चाहिए और बोलना चाहिए तथा इस मुद्दे का इस्तेमाल चीन के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने के लिए नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले पर ‘चीन ने भारतीय पक्ष के समक्ष विरोध जताया है।’ उन्होंने यह भी कहा कि शिजांग से जुड़े मुद्दों पर चीनी सरकार की स्थिति सुसंगत और स्पष्ट है।
पीएम मोदी समेत कई नेताओं ने दी थी बधाई
प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को दलाई लामा को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और कहा कि वह प्रेम, करुणा, धैर्य और नैतिक अनुशासन के स्थायी प्रतीक रहे हैं। केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू और राजीव रंजन सिंह, अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू और सिक्किम के मंत्री सोनम लामा धर्मशाला में उनके जन्मदिन के समारोह में शामिल हुए थे।
बिहार को 4 नई अमृत भारत ट्रेनों का तोहफा, जानें क्या है रूट
रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने बिहार को बड़ा तोहफा देने का ऐलान कर दिया है। जल्द ही बिहार को 4 नई अमृत भारत ट्रेनें मिलने जा रही हैं। इसके लिए रूट तक का ऐलान कर दिया गया है। केंद्र सरकार ने चार रूटों पर बिहार को नई अमृत भारत ट्रेनें देने का ऐलान किया है। ये सभी ट्रेनें दिल्ली, लखनऊ और प. बंगाल के रास्ते बिहार से आएंगी और जाएंगी। इससे चार जिलों से ज्यादा लोगों को सीधा फायदा मिलेगा।
रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने बिहार को बड़ा तोहफा देने का ऐलान कर दिया है। जल्द ही बिहार को 4 नई अमृत भारत ट्रेनें मिलने जा रही हैं। इसके लिए रूट तक का ऐलान कर दिया गया है। यूं कहें कि चुनावी साल में केंद्र सरकार ने बिहार से काम या फिर किसी भी सिलसिले में बाहर आने जाने वाले यात्रियों को बड़ा तोहफा दे दिया है।
इन रूटों पर चलेंगी 4 नई अमृत भारत ट्रेनें
केंद्र सरकार ने चार रूटों पर बिहार को नई अमृत भारत ट्रेनें देने का ऐलान किया है। ये सभी ट्रेनें दिल्ली, लखनऊ और प. बंगाल के रास्ते बिहार से आएंगी और जाएंगी। इससे चार जिलों से ज्यादा लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। ये चार नई अमृत भारत ट्रेनें कुछ इस तरह से हैं।
- पहली अमृत भारत ट्रेन- पटना से दिल्ली (रोज चलेगी)
- दूसरी अमृत भारत ट्रेन- दरभंगा से लखनऊ (गोमती नगर- हफ्ते में एक दिन)
- तीसरी अमृत भारत ट्रेन- मालदा से लखनऊ (गोमती नगर- हफ्ते में एक दिन)
- चौथी अमृत भारत ट्रेन- सहरसा से अमृतसर
- इसके साथ ही सीमांचल से दक्षिण भारत के लिए एक नई ट्रेन जो जोगबनी से इरोड के मध्य चलाई जाएगी
- इन परियोजनाओं को भी मिलेगी मंजूरी
अश्विनी वैष्णव ने ने कहा कि जल्द ही बिहार के कुछ नई परियोजनाओं की मंजूरी दी जाएगी जिनमें 1156 करोड़ की लागत से 53 किमी लंबी भागलपुर-जमालपुर तीसरी लाइन, 2017 करोड रुपये की लागत से 104 किमी लंबी बख्तियारपुर-राजगीर-तिलैया का दोहरीकरण तथा 3000 करोड़ की लागत से 177 किमी लंबी रामपुर हाट-भागलपुर का दोहरीकरण परियोजनाएं शामिल हैं ।
चिराग पासवान के खुद बिहार में चुनाव लड़ने से कैसे बदल सकते हैं समीकरण?
केंद्रीय मंत्री और एलजेपी (रामविलास) के नेता चिराग पासवान ने बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। हालांकि बीजेपी के सीनियर नेता भी पहले मान रहे थे कि चिराग शायद विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन अब उनके ऐलान के बाद से इस पर चर्चा होने लगी है कि इससे क्या समीकरण बदलेंगे। दरअसल पिछले कुछ महीनों से यह चर्चा चल रही थी कि क्या चिराग पासवान चुनाव लड़ेंगे या नहीं। अनौपचारिक बातचीत में बीजेपी के एक सीनियर नेता ने कहा था कि केंद्रीय मंत्री बिहार चुनाव लड़ेंगे, ऐसा लगता नहीं। हालांकि चिराग ने खुद ही स्थिति साफ करते हुए चुनाव लड़ने का ऐलान कर डाला।
केंद्रीय मंत्री और एलजेपी (रामविलास) के नेता चिराग पासवान ने बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। हालांकि बीजेपी के सीनियर नेता भी पहले मान रहे थे कि चिराग शायद विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन अब उनके ऐलान के बाद से इस पर चर्चा होने लगी है कि इससे क्या समीकरण बदलेंगे। दरअसल पिछले कुछ महीनों से यह चर्चा चल रही थी कि क्या चिराग पासवान चुनाव लड़ेंगे या नहीं। अनौपचारिक बातचीत में बीजेपी के एक सीनियर नेता ने कहा था कि केंद्रीय मंत्री बिहार चुनाव लड़ेंगे, ऐसा लगता नहीं। हालांकि चिराग ने खुद ही स्थिति साफ करते हुए चुनाव लड़ने का ऐलान कर डाला।
‘चिराग के चुनाव लड़ने से बीजेपी को ही फायदा’
बिहार बीजेपी के एक नेता ने कहा कि चिराग के चुनाव लड़ने से बीजेपी को फायदा ही है। उन्होंने कहा कि चिराग का युवाओं में असर है। वे बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट नारे के साथ युवाओं के बीच जा रहे हैं। जिन वोटर्स को बीजेपी नहीं पकड़ सकती, उन्हें चिराग पकड़ लेंगे तो इससे फायदा तो पूरे एनडीए को ही होगा। साथ ही चिराग कानून-व्यवस्था के सवाल पर बिहार सरकार पर भी अटैक करने से नहीं चूक रहे। तो वे विपक्ष का स्पेस भी खा रहे हैं।

हालांकि चिराग के ऐलान से जेडीयू की असहजता बढ़ गई है। पहले भी चिराग पासवान ने जेडीयू की मुसीबत बढ़ाई है। चिराग के चुनाव लड़ने से जेडीयू पर दबाव बढ़ने की संभावना है। बिहार विधानसभा चुनाव में कुछ ही वक्त बचा है और एनडीए में सीट शेयरिंग को लेकर प्रारंभिक बातचीत शुरू हो चुकी है।
2020 के चुनाव में चिराग की पार्टी ने जेडीयू को पहुंचाया था नुकसान
एलजेपी (रामविलास) के एक नेता ने अनौपचारिक बातचीत में कहा कि बीजेपी और हमें मिलकर 135-140 सीटों से ज्यादा पर लड़ना चाहिए। ताकि सरकार स्थिर रहे। उनका निशाना जेडीयू की तरफ ही था। बिहार में विधानसभा की कुल 243 सीटें हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में एनडीए में से बीजेपी ने 110 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 74 सीटें जीती थी। जेडीयू ने 115 सीटों पर चुनाव लड़ा और 43 सीटें जीती। हम पार्टी ने 7 सीटों पर लड़ा और चार जीती। तब एनडीए में शामिल वीआईपी ने 11 सीटों पर लड़ा और चार जीती।
2020 का विधानसभा चुनाव एलजेपी ने अलग से लड़ा था और तब 134 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। हालांकि सीट एक ही जीत पाई, लेकिन जेडीयू को कई सीटों पर नुकसान हुआ। अब वीआईपी एनडीए के साथ नहीं है और चिराग पासवान की पार्टी एनडीए में है।
क्या एनडीए में सीट शेयरिंग पर खींचतान बढ़ेगी?
चिराग पासवान के खुद चुनाव लड़ने से उनकी पार्टी सीट शेयरिंग में दबाव बना सकती है और अपने लिए ज्यादा सीटों की मांग कर सकती है। क्या इससे सीट शेयरिंग में खींचतान बढ़ेगी, इस पर बीजेपी के एक नेता ने कहा कि जिस तरह लोकसभा चुनाव में बिना किसी दिक्कत के सीट शेयरिंग हो गई थी, उसी तरह इस बार भी हो जाएगी।
साइकिल पर नग बेचता था, 10 साल में 100 करोड़ की प्रॉपर्टी! धर्मांतरण की फंडिंग से छांगुर बाबा ने खेला खेल
छांगुर बाबा के 100 करोड़ के मालिक होने का खुलासा हुआ है। छांगुर बाबा करीब 10 साल पहले वर्ष 2015 में साइकिल पर नग बेचने का काम करता था। धर्मांतरण के खेल से जुड़ने के बाद उसने होने वाली फंडिंग से प्रॉपर्टी का खेल शुरू कर दिया।

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर से अवैध धर्मांतरण रैकेट चलाने वाले छांगुर बाबा की गिरफ्तारी के बाद खुलासे लगातार हो रहे हैं। उसकी प्रॉपर्टी के खेल का खुलासा सामने आया है। छांगुर बाबा को करीब 100 करोड़ रुपये की संपत्ति का मालिक बताया जा रहा है। यह प्रॉपर्टी उसने अवैध धर्मांतरण रैकेट को होने वाली फंडिंग से बनाई है। दरअसल, बलरामपुर से गिरफ्तार जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा के खिलाफ यूपी एसटीएफ और एटीएस जांच कर रही है। जांच में खुलासा हुआ है कि छांगुर बाबा ने महाराष्ट्र के पुणे में भी प्रॉपर्टी खरीदी थी। बलरामपुर सीजेएम कोर्ट में तैनात क्लर्क राजेश उपाध्याय की पत्नी संगीता देवी के नाम इस प्रॉपर्टी को कर दिया था। इसके बाद उसकी प्रॉपर्टी को लेकर कई प्रकार के मामले सामने आए हैं।
साइकिल पर बेचता था नग
छांगुर बाबा को लेकर जो कहानी सामने आई है, उसके मुताबिक वर्ष 2015 तक वह साइकिल पर नग बेचता था। गांव-गांव नग बेचते-बेचते उसने अपनी अलग पहचान बनाई। इसके बाद वह पहले मुंबई और फिर सऊदी अरब चला गया। सऊदी से लौटने के बाद छांगुर बाबा ने मुंबई में अपना नेटवर्क फैलाया। चंदौलिया बाबा की मजार के पास एक आश्रम बनाया। उनके यहां काफी लोग आने-जाने लगे। छंगुर बाबा ने अधिकारियों, जजों, पुलिस अधिकारियों और एसपी एवं डीएम स्तर के अधिकारियों से नजदीकी संबंध बनाए।
छांगुर बाबा ने अपने रसूख साथ-साथ उनके बीच अपनी पकड़ को भी खूब बढ़ाया। इसके बाद तो छांगुर बाबा के के खिलाफ शिकायत करने वालों पर ही एक्शन होने लगा। कई मामलों में आवाज उठाने वालों पर केस दर्ज हो गया। अपने इसी रसूख का फायदा उठाते हुए छांगुर बाबा ने प्रॉपर्टी का खेल खेलना शुरू कर दिया। धर्मांतरण रैकेट के साथ-साथ उसने जमकर प्रॉपर्टी में भी इन्वेस्ट किया।
तीन राज्यों में संगठित सिंडिकेट
जांच में सामने आया है कि छांगुर बाबा ने तीन राज्यों में धर्मांतरण रैकेट का जाल बिछाया। इसमें उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान शामिल हैं। तीनों राज्यों में धर्मांतरण का एक संगठित सिंडिकेट खड़ा कर दिया था। बलरामपुर के उतरौला में खुद को ‘पीर बाबा’ बताकर उसने कई हिंदू परिवारों को इस्लाम कबूल करवाया। उसके इस पूरे अभियान में विदेशी फंडिंग का जमकर इस्तेमाल किया गया।
सूत्रों का दावा है कि छांगुर बाबा ने अपने करीबी सहयोगी मोहम्मद अहमद खान, नवीन रोहरा उर्फ जमालुद्दीन और राजेश उपाध्याय की पत्नी संगीता देवी के नाम पुणे की करोड़ों की संपत्ति दर्ज करवाई। बदले में राजेश उपाध्याय कथित रूप से बाबा के खिलाफ दर्ज शिकायतों को दबाने और केसों में उलझाने में मदद करता था।
धार्मिक चोला पहन बना अरबपति
छांगुर बाबा का अतीत बेहद सामान्य रहा है। कभी बलरामपुर की गलियों में नग-रत्न बेचने वाला यह व्यक्ति, कुछ ही सालों में आलीशान कोठी और प्रॉपर्टी का मालिक बन बैठा। उसकी उतरौला स्थित कोठी किसी किले से कम नहीं थी। तीन बीघे में फैली इस इमारत में 50 से ज्यादा लोगों के रहने की व्यवस्था थी। सुरक्षा के लिए सीसीटीवी, करंट वाले तार और खूंखार कुत्ते लगाए गए हैं। 2015 में दुबई में धर्म परिवर्तन करने वाले रोहरा परिवार (अब जमालुद्दीन और नसरीन) के जरिए विदेशी फंडिंग हुई।
जांच में पता चला है कि नवीन रोहरा के खातों में 34 करोड़ रुपये विदेश से ट्रांसफर हुए, जबकि नीतू रोहरा उर्फ नसरीन के खातों में 5 करोड़ से अधिक रकम जमा हुई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बाबा का रसूख इतना था कि प्रशासनिक अधिकारी भी उससे मिलने पर खड़े हो जाते थे। एसटीएफ की रिपोर्ट भी बाबा की प्रशासन से साठगांठ की पुष्टि हुई है।
10 पर हुआ था एफआईआर
एटीएस ने 16 नवंबर 2024 को बाबा समेत 10 लोगों पर एफआईआर दर्ज की थी। लंबे समय तक फरार रहने के बाद जुलाई 2025 में लखनऊ से बाबा और नसरीन की गिरफ्तारी हुई। अब बाबा की संपत्तियों, बैंक खातों और धर्मांतरण से जुड़े नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह मामला केवल धर्मांतरण नहीं, बल्कि एक बड़े फंडिंग और धोखाधड़ी रैकेट का हिस्सा है।
बिहार में बड़ा हत्याकांड: डायन बताकर पूर्णिया में 5 लोगों को जिंदा जलाया
बिहार के पूर्णिया जिले के टेटगामा गांव में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना घटी, जहां उरांव जाति के पांच लोगों को डायन बताकर जिंदा जला दिया गया। इस जघन्य अपराध में तीन महिलाओं और दो पुरुषों की जान चली गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और गांव में दहशत का माहौल है।

बिहार के पूर्णिया जिले के टेटगामा गांव में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। उरांव जाति के पांच लोगों को डायन बताकर पहले बेरहमी से पीटा गया और फिर उन्हें जिंदा जला दिया गया। इस जघन्य कांड में तीन महिलाएं और दो पुरुषों की जान गई है। मामला रजीगंज पंचायत के अंतर्गत मुफ्फसिल थाना क्षेत्र का है। वारदात के बाद गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। लोग अपने-अपने घरों में बंद हो गए हैं। लोगों में दहशत का माहौल है।
गांव में पसरा है सन्नाटा, पुलिस ने डाला डेरा
घटना की जानकारी मिलते ही एसपी, एसडीपीओ और थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और पूरे गांव में सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया। बताया जा रहा है कि हत्या के बाद शवों को छुपा दिया गया है, जिन्हें अब डॉग स्क्वाड और FSL टीम की मदद से खोजा जा रहा है। गांव में पुलिस कैंप कर रही है।
डरे सहमे इकलौते चश्मदीद ने खोली परतें
पीड़ित परिवार का एकमात्र जीवित सदस्य, 16 वर्षीय लड़का, डर के कारण अपने ननिहाल भाग गया था। उसने बताया कि पूरे गांव की संलिप्तता इस घटना में है और उसने चार मुख्य आरोपियों के नाम भी बताए हैं। पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
अंधविश्वास और झाड़फूंक बना हत्याकांड का कारण
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि गांव में झाड़फूंक और टोने-टोटके के विवाद को लेकर ही इस घटना को अंजाम दिया गया। गांव का कोई भी व्यक्ति पुलिस को जानकारी देने को तैयार नहीं है, जिससे पुलिस को जांच में कठिनाई हो रही है।

उत्तराखंड से असम तक नदियां उफान पर, गांव के गांव जलमग्न; इस पूरे हफ्ते जमकर बरसेंगे मेघ
देश में इन दिनों भारी बारिश के चलते नदियों के जलस्तर में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है। उत्तराखंड से असम तक नदियां उफान पर हैं। गांव के गांव जलमग्न हो गए हैं। भारी बारिश से ओडिशा और नगालैंड में पांच की मौत हो गई है। इस बीच मौसम विभाग ने इस सप्ताह के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
उत्तर-पश्चिम भारत से लेकर मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत तक भारी बारिश और बाढ़ से आफत आई है। उत्तराखंड से लेकर उत्तर प्रदेश और ओडिशा से लेकर असम तक कम से कम 19 नदियां उफान पर हैं और इसके कारण कई जगहों पर बाढ़ की स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई है। भारी बारिश से नगालैंड में तीन और ओडिशा में दो लोगों की जान चली गई है। हिमाचल प्रदेश में पिछले हफ्ते बादल फटने के बाद से लापता 30 लोगों के जिंदा मिलने की उम्मीद धीरे-धीरे धूमिल होती जा रही है। बादल फटने के बाद से बंद बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग को बहाल कर दिया गया है, लेकिन टिहरी, उत्तरकाशी और चमोली में मूसलाधार बारिश की वजह से भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। वहीं, अगले कुछ दिनों में पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भारी बारिश होने की संभावना है जिससे बाढ़ की स्थिति और खराब हो सकती है।
इस हफ्ते जमकर बरसेंगे मेघ
मौसम विभाग के अनुसार, इस पूरे हफ्ते देश भर में जमकर बरसात होगी। 13 जुलाई तक पूर्वी राजस्थान, 10 जुलाई तक जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, 9 जुलाई तक पश्चिमी राजस्थान, 8-10 जुलाई के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी वर्षा होने की संभावना है। पश्चिम बंगाल के गंगा के किनारे और उसके आसपास के क्षेत्रों में एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना है। इसके प्रभाव से 10 जुलाई तक बंगाल, झारखंड, ओडिशा, सिक्किम और छत्तीसगढ़ में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा कोंकण, आंध्र प्रदेश, केरल और कर्नाटक में भी विभिन्न स्थानों पर बौछारें पड़ सकती हैं।
केंद्रीय जल आयोग (सीडब्लूसी) के अनुसार, असम में धनसिरी (दक्षिण) नदी गोलाघाट और नुमलीगढ़ और दिखो नदी शिवसागर जिले में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और गंभीर बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। असम में सात नदियों ने विभिन्न जगहों पर खतरे के निशान को पार कर दिया है। उत्तर प्रदेश में चार, बिहार और ओडिशा में दो-दो और मध्य प्रदेश में एक नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और इनके किनारे वाले कई जगहों पर गंभीर बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। उत्तर प्रदेश में घाघरा नदी एल्गिन ब्रिज और अयोध्या में, गंगा नदी फर्रुखाबाद और बदायूं में चेतावनी स्तर को पार कर लिया है। बिहार में बूढ़ी गंडक और कोसी नदियों का जल स्तर भी लगातार बढ़ रहा है।
बदरीनाथ राजमार्ग पर फिर गिरा मलबा
उत्तराखंड में भारी बारिश से रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी ने रौद्र रूप ले लिया है। मौसम विभाग ने टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में विभिन्न जगहों पर मंगलवार को भी भूस्खलन को लेकर चेतावनी जारी की है। कई दिनों के बाद बदरीनाथ राजमार्ग को बहाल कर दिया गया। लेकिन सोमवार को उमट्टा में फिर मलबा गिरने से राजमार्ग तीन घंटे बाधित रहा और लंगासू में 40 वाहनों को रोकना पड़ा। बाद में मलबा हटाने के बाद वाहनों का आगे जाने दिया गया। लद्दाख के लेह जिले में भूस्खलन के बाद खालसर-श्योक बेल्ट में फंसे दो नागरिकों को सीमा सड़क कार्य बल (बीआरटीएफ) ने सुरक्षित निकाल लिया है।
थुनाग में जल का संकट
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के थुनाग, गोहर और करसोग में बादल फटने से अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण लापता हुए 30 लोगों की तलाश जारी है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना, आईटीबीपी और होमगार्ड के लगभग 250 जवान खोज अभियान में लगे हैं। डॉग स्क्वायड की भी मदद ली जा रही है। बाढ़, बारिश और भूस्खलन के चलते विभिन्न जगहों पर फंसे 494 लोगों को अब तक सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। थुनाग में गंभीर जल संकट पैदा हो गया है, क्योंकि हाल ही में बादल फटने और बाढ़ के कारण स्वच्छ जल निकालने और आपूर्ति करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली मशीनरी, पानी की पाइपें और ट्रांसफार्मर बह गए हैं।
नगालैंड में हवाई सेवा बाधित
नगालैंड में पिछ कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़ आ गई है। इसके चलते दीमापुर के रिहायशी इलाकों में पानी भरने से घर में ही करंट लगने से तीन लोगों की मौत हो गई है, जिसमें एक महिला भी है। दीमापुर एयरपोर्ट पर बारिश के कारण रनवे के डूब जाने से रविवार को विमान सेवा स्थगित करनी पड़ी। इंडिगो और एअर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ाने रद्द कर दी गईं। राष्ट्रीय राजमार्ग 29 पर वाहनों की आवाजाही भी बाधित हुई है। असम में लुमडिंग-बदरपुर पहाड़ी खंड में भूस्खलन के कारण पटरियां अवरुद्ध होने से त्रिपुरा, मणिपुर, मिजोरम और दक्षिणी असम की ओर जाने वाली रेल सेवाएं बाधित हो गई हैं।
ओडिशा में दो, झारखंड में एक की मौत
भारी बारिश के कारण ओडिसा के नौपाड़ा जिले में एक पॉल्ट्री फार्म की दीवार गिर जाने से दो महिलाओं की मौत हो गई और आठ साल की एक बच्ची घायल हो गई। झारखंड के रांची में भारी बारिश के कारण घर गिर जाने से एक बच्चे की मौत हो गई। बच्चा अपने माता-पिता के साथ अपने कच्चे मकान में सो रहा था। बारिश के चलते रात में अचानक घर गिर गया। स्थानीय लोगों ने परिवार को निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जहां बच्चे को नहीं बचाया जा सका।

बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए किया नामित, बोले- आप इसके हकदार
इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया है। दरअसल, गाजा में संघर्ष विराम की कोशिशों के बीच इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से व्हाइट हाउस में डिनर पर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने ट्रंप को यह बात बताई। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति को नोबेल पुरस्कार समिति को भेजा गया पत्र भेंट भी किया।
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि मैं आपको नोबेल पुरस्कार समिति को भेजा गया पत्र दिखाना चाहता हूं। इसमें आपको शांति पुरस्कार के लिए नामित किया गया है, जिसके आप हकदार हैं। इस पर ट्रंप ने नेतन्याहू का धन्यवाद अदा किया। ट्रंप ने कहा- मुझे इस बारे में नहीं पता था, आपका बहुत बहुत धन्यवाद। यह बहुत सार्थक है।
नेतन्याहू ने ट्रंप की जमकर सराहना की
अपनी पत्नी सारा के साथ डिनर के लिए व्हाइट हाउस पहुंचे नेतन्याहू ने इस दौरान ट्रंप की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि इस्राइल, यहूदी और दुनिया भर के तमाम लोग उनकी प्रशंसा करते हैं। नेतन्याहू ने कहा कि मैं आपके नेतृत्व के लिए न केवल सभी इस्राइलियों की ओर से, बल्कि यहूदी लोगों और दुनिया भर के कई प्रशंसकों की ओर से सराहना और प्रशंसा व्यक्त करना चाहता हूं।
इससे पहले ट्रंप ने नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा के लिए डिनर की मेजबानी को अपना सौभाग्य बताया। साथ ही कहा कि नेतन्याहू उनके लंबे समय से मित्र हैं। ट्रंप ने कहा कि बीबी (बेंजामिन नेतन्याहू) और सारा का हमारे साथ होना सम्मान की बात है। वे लंबे समय से मेरे दोस्त हैं और हमने साथ मिलकर बहुत सफलता पाई है और मुझे लगता है कि भविष्य में यह और भी बड़ी सफलता होगी।
भारत-पाकिस्तान संघर्ष विराम का फिर श्रेय लेने की दिखी अकुलाहट
इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर भारत-पाकिस्तान संघर्ष विराम का श्रेय लेते दिखे। नेतन्याहू से उन्होंने कहा कि हमने बहुत सी लड़ाइयां रोकी हैं, इनमें सबसे बड़ी लड़ाई भारत और पाकिस्तान के बीच थी। हमने व्यापार के मुद्दे पर इसे रोका है। हम भारत और पाकिस्तान के साथ काम कर रहे हैं। हमने कहा था कि अगर आप लड़ने वाले हैं तो हम आपके साथ बिल्कुल भी काम नहीं करेंगे। वे शायद परमाणु स्तर पर जाकर जंग लड़ना चाहते थे। इसे रोकना वाकई महत्वपूर्ण था।
ईरान से वार्ता और रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी चर्चा
वार्ता के दौरान ट्रंप ने यह भी बताया कि हमने ईरान के साथ वार्ता तय की है और वे ऐसा करना चाहते हैं। इस दौरान ट्रंप के मध्य पूर्व दूत स्टीव विटकॉफ ने कहा कि बैठक संभवतः एक सप्ताह में हो सकती है। वार्ता के दौरान, रूस यूक्रेन जंग पर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि यह संघर्ष जल्द समाप्त हो। मैं लोगों को मरते हुए नहीं देखना चाहता, भले ही उनकी राष्ट्रीयता कोई भी हो। ट्रंप ने कहा कि रूस-यूक्रेन के बीच जो भी हो रहा है वह निराश करने वाला है।

ब्रासीलिया में शिव तांडव के साथ हुआ पीएम मोदी का स्वागत, लोगों में दिखा उत्साह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच देशों के दौरे पर हैं। पीएम मोदी सबसे पहले घाना गए थे। इसके बाद उन्होंने कैरेबियन देश- त्रिनिदाद एंड टोबैगो का दौरा किया। यात्रा के तीसरे चरण में पीएम मोदी अर्जेंटीना गए। अब विदेश दौरे के चौथे पड़ाव पर पीएम मोदी चार दिनों के लिए ब्राजील में हैं। यहां के रियो डी जेनेरियो में उन्होंने 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लिया। जहां से अब वे ब्राजील की राजकीय यात्रा के लिए ब्रासीलिया रवाना हुए। अपनी यात्रा के अंतिम चरण में वे नामीबिया जाएंगे। जानिए पीएम मोदी के विदेश दौरे से जुड़ी लाइव अपडेट्स
सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल हुए पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने होटल में आयोजित एक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम को भी देखा। उन्होंने कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना की और सभी को शुभकामनाएं दीं।
भारतीय समुदाय के लोगों से मिले पीएम मोदी
ब्रासीलिया पहुंचने के बाद होटल में उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की और बातचीत भी की। वहां बसे भारतीयों ने पीएम मोदी का पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया, जिससे माहौल उत्सव जैसा हो गया।
ब्रासीलिया पहुंचे पीएम मोदी, शिव तांडव के साथ हुआ स्वागत
ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में आयोजित 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ब्रजील की राजधानी ब्रासीलिया पहुंचे। जहां गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत हुआ। ब्रासीलिया दौरे के दौरान वे ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा से द्विपक्षीय बातचीत करेंगे।
बातचीत में दोनों देश रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर ध्यान देंगे। इसमें व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, तकनीक, कृषि, स्वास्थ्य और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। प्रधानमंत्री का यह दौरा भारत और ब्राजील के बीच आपसी सहयोग और संबंधों को एक नई दिशा देने के तौर पर देखा जा रहा है।

‘दुश्मन के हमले में कोई राफेल नहीं गिरा’; ऑपरेशन सिंदूर पर इस रिपोर्ट ने खोली पाकिस्तान की पोल
राफेल बनाने वाली कंपनी दसॉ एविएशन के अध्यक्ष और सीईओ एरिक ट्रैपियर के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने एक राफेल लड़ाकू विमान खोया है लेकिन ऐसा अधिक ऊंचाई पर तकनीकी खराबी के कारण हुआ और इसकी जांच अब भी चल रही है। इसके गिरने में दुश्मन की कोई भूमिका नहीं थी।
पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने दो महीने पहले ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था। अपने इस ऑपरेशन के जरिए भारत ने पाकिस्तान के अंदर घुसकर आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इसके बाद जब पाकिस्तान ने इस हमले के जवाब में भारत को प्रतिक्रिया देने की कोशिश की तो भारत ने उसके एयरबेस पर सटीक निशाने लगाकर उन्हें भारी नुकसान पहुंचाया। इस पूरे संघर्ष के तीन दिन में भारत ने साबित कर दिया कि वह पाकिस्तान की किसी भी हरकत का माकूल जवाब देने के लिए हर वक्त तैयार है। भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद चीन और पाकिस्तान की मीडिया ने बिना सबूत दिए दावा किया कि उसने राफेल समेत भारत के छह फाइटर जेट मार गिराए। जिन्हें भारत ने खारिज कर दिया। अब फ्रांस में जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना का कोई राफेल विमान पाकिस्तान के हमले में नहीं गिरा। राफेल बनाने वाली कंपनी दसॉ एविएशन के अध्यक्ष और सीईओ एरिक ट्रैपियर के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने एक राफेल लड़ाकू विमान खोया है लेकिन ऐसा अधिक ऊंचाई पर तकनीकी खराबी के कारण हुआ और इसकी जांच अब भी चल रही है। इसके गिरने में दुश्मन की कोई भूमिका नहीं थी।
फ्रांसीसी वेबसाइट एवियन डी चेस में प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया है कि यह घटना एक प्रशिक्षण मिशन के दौरान 12,000 मीटर से अधिक की ऊंचाई पर हुई। इसमें दुश्मन की कोई संलिप्तता या शत्रुतापूर्ण रडार संपर्क नहीं था। इस मामले में भारत सरकार या वायु सेना अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं जारी किया है। एक राफेल गंवाने की बात भी सरकार ने नहीं मानी है।
पिछले महीने सिंगापुर में शांगरी-ला डायलॉग में भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने माना था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना को नुकसान हुआ था। हालांकि, उन्होंने राफेल सहित छह भारतीय लड़ाकू विमानों को मार गिराने के पाकिस्तान के दावे को नकारते हुए कहा कि यह दावा बिल्कुल गलत है। उसी दिन अलग से दिए एक साक्षात्कार में जनरल चौहान ने कहा था, हमने अपनी रणनीति में सुधार किया और फिर 7, 8 और 10 तारीख को बड़ी संख्या में पाकिस्तान के अंदर एयरबेस पर हमला करने के लिए वापस गए। हमने बिना किसी रोक-टोक के उनकी सभी हवाई सुरक्षा को भेद दिया और सटीक हमले किए।
दसॉ के सीईओ ट्रैपियर ने पहले ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तीन राफेल जेट विमानों को मार गिराने के पाकिस्तान के दावे को खारिज कर दिया था और इसे गलत और निराधार कहा था।

हैदराबाद से मोहाली पहुंची इंडिगो की फ्लाइट को मिली बम से उड़ाने की धमकी
शहीद भगत सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट मोहाली में हैदराबाद से पहुंची इंडिगो की फ्लाइट को 5 जुलाई को बम से उड़ाने की धमकी भरा पत्र मिला था। इस पत्र के मिलने के बाद एयरपोर्ट पर सनसनी फैल गई। यह पत्र इंडिगो फ्लाइट के शौचालय में पड़ा था। एक टिश्यू पेपर पर फ्लाइट को बम से उड़ाने की बात लिखी हुई थी।
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब फ्लाइट के लैंड होने के बाद इसकी सफाई की जा रही थी। इंडिगो के इंटर ग्लोबल एविएशन लिमिटेड के सिक्योरिटी मैनेजर मनमोहन सिंह ने एयरपोर्ट थाने को इसकी सूचना दी।
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब फ्लाइट के लैंड होने के बाद इसकी सफाई की जा रही थी। इंडिगो के इंटर ग्लोबल एविएशन लिमिटेड के सिक्योरिटी मैनेजर मनमोहन सिंह ने एयरपोर्ट थाने को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने के बाद सिक्योरिटी मैनेजर मनमोहन सिंह के बयान पर एयरपोर्ट थाने में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। एयरपोर्ट थाने के एसएचओ अजितेश कौशल ने मामले की पुष्टि की है। उनका कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
5 जुलाई को हैदराबाद से मोहाली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इंडिगो की फ्लाइट नंबर-6ई108 पहुंची थी। वह एयरपोर्ट पर 11.58 पर लैंड हुई। पैसेंजर के उतरने के बाद एयर क्रॉफ्ट में कैबिन क्रू ने सफाई का काम शुरु किया। उसी दौरान शौचालय से एक टिश्यू पेपर मिला। उस पर लिखा था कि फ्लाइट को बम से उड़ा दिया जाएगा। इसकी सूचना तुंरत इंडिगो के इंटर ग्लोबल एविएशन लिमिटेड के सिक्योरिटी मैनेजर मनमोहन सिंह को दी गई। उन्होंने एयरपोर्ट पर अलर्ट जारी करते हुए पुलिस को तुरंत इसकी सूचना दी।
इसके बाद बम निरोधक टीम को मौके पर बुलाया गया और एयर क्रॉफ्ट की गंभीरता से जांच की गई। मौके पर ऐसा कुछ बरामद नहीं हुआ लेकिन सूचना मिलने के बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी में हलचल मच गई। बाद पुलिस ने सिक्योरिटी मैनेजर मनमोहन सिंह के बयान पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।




