आज के बड़े इवेंट
- संस्कृति मंत्रालय और दिल्ली सरकार 25 जून 2025 को संविधान हत्या दिवस मनाएंगे।
- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लॉन्ग लिव डेमोक्रेसी यात्रा को हरी झंडी दिखाएंगे।
दिल्ली से पटना आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट में लगे झटके
दिल्ली से पटना आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट में पैसेंजर्स को तेज झटके लगे। झटकों से विमान में अफरा-तफरी मच गई। एक महिला पैसेंजर गिर गईं और लगेज बॉक्स टूट गए। पायलट ने स्थिति को संभाला और पैसेंजर्स से माफी मांगी। विमान पटना एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरा। यात्री अभय कुमार भारती ने इसे डरावना अनुभव बताया।
मंगलवार को दिल्ली से पटना आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट संख्या AI-0407 में अचानक हवा में तेज झटके महसूस किए गए, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। विमान में तकनीकी खराबी के चलते यह स्थिति उत्पन्न हुई। यात्रियों ने बताया कि झटकों के दौरान डर के कारण कुछ लोग चीखने-चिल्लाने लगे। इस बीच एक महिला पैसेंजर शौचालय से निकलते समय कॉरिडोर में गिर पड़ीं।
विमान में सीट बेल्ट खुले थे, जलपान सेवा जारी थी
यह फ्लाइट दोपहर 2:40 बजे दिल्ली से रवाना हुई थी, जो निर्धारित समय से करीब एक घंटे की देरी से उड़ान भरी थी। उड़ान के लगभग एक घंटे बाद जब पैसेंजर अपनी सीट बेल्ट खोल चुके थे और क्रू मेंबर जलपान सेवा दे रहे थे, तभी अचानक तेज झटके लगे। झटकों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि सीट के ऊपर लगे लगेज बॉक्स का हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया। कुछ क्रू-मेंबर्स भी असंतुलित हो गए और उन्हें अपनी कुर्सियों को पकड़ना पड़ा।
पायलट ने तुरंत स्थिति संभाली, पैसेंजर बोले- डरावना अनुभव
घटना के बाद पायलट ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित किया और यात्रियों से एयर टर्बुलेंस के कारण हुई परेशानी के लिए माफी मांगी। क्रू ने सभी यात्रियों को सीट बेल्ट बांधने में मदद की। कुछ ही देर में हालात सामान्य हो गए और विमान शाम 4:10 बजे पटना एयरपोर्ट पर सुरक्षित रूप से उतरा। पैसेंजर अभय कुमार भारती ने बताया, ‘मैं वर्षों से हवाई यात्रा कर रहा हूं, लेकिन यह मेरे लिए बेहद डरावना अनुभव था।’
इस घटना ने एयर इंडिया की तकनीकी सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल के दिनों में एयर इंडिया की फ्लाइट्स में तकनीकी गड़बड़ियों की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। ऐसे में एयर इंडिया को अपने विमानों की नियमित और सख्त सुरक्षा जांच पर विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
चीन, अमेरिका के बाद दक्षिण कोरिया ने किया छठी पीढ़ी का लड़ाकू विमान बनाने का ऐलान

दक्षिण कोरिया, चीन और अमेरिका के बाद छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान विकसित करने की दौड़ में शामिल हो गया है। कोरिया एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज के अनुसार, वे 4.5 पीढ़ी के लड़ाकू विमान और मानव रहित हवाई वाहनों में इस्तेमाल तकनीक को उन्नत करके छठी पीढ़ी के विमान बनाएंगे।
चीन और अमेरिका के बाद एक और देश ने छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान को विकसित करने की दौड़ में शामिल होने का ऐलान किया है। एक वरिष्ठ एयरोस्पेस कार्यकारी के अनुसार, दक्षिण कोरिया छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान विकसित करने वाला नवीनतम देश बनने के लिए तैयार है। कोरिया एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (केएआई) में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार विकास के उपाध्यक्ष शिन डोंग-हक ने पेरिस एयर शो में एक इंटरव्यू में कहा कि इस कार्यक्रम में प्रदर्शित की जा रही तकनीक – जिसमें 4.5 पीढ़ी के लड़ाकू विमान और मानव रहित हवाई वाहन शामिल हैं – “अंततः” छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों पर स्विच करने के “प्रमुख तत्व” बन जाएंगे।
चीन और अमेरिका बना रहे छठी पीढ़ी के विमान
हाल ही में सोशल मीडिया पर जारी फुटेज से पता चलता है कि चीन ने अपनी छठी पीढ़ी के प्रोटोटाइप का परीक्षण शुरू कर दिया है। चीन ने इस विमान को J-36 नाम दिया है। इस विमान में तीन WS-10C टर्बोफैन इंजन लगे हुए हैं। जे-36 की लंबाई लगभग 22 मीटर मानी जाती है। कहा जाता है कि इसका पंख फैलाव 20 मीटर है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुष्टि की है कि अमेरिका बोइंग को विमान विकसित करने का अनुबंध देकर अपने छठी पीढ़ी के लड़ाकू कार्यक्रम को आगे बढ़ाएगा। अमेरिका ने इसे F-47 का नाम दिया है। F-47 को बोइंग मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट पर बनाया जाएगा। ट्रंप ने इसे ‘अब तक का सबसे घातक विमान’ कहा। उन्होंने दावा किया कि विमान का एक परीक्षण संस्करण कई सालों से गुप्त रूप से उड़ान भर रहा था।
पिछले हफ्ते आयोजित पेरिस एयरशो में दक्षिण कोरिया के KAI ने KF-21 बोरामे लड़ाकू विमान का प्रदर्शन किया था। इसके अलावा इसके नवीनतम 4.5-पीढ़ी का लड़ाकू जेट FA-50 को भी दिखाया गया। FA-50 हल्का लड़ाकू विमान है। इन विमानों के अलावा दक्षिण कोरिया ने पेरिस एयरशो में कई मानव रहित हवाई वाहनों (UAV) का भी प्रदर्शन किया है। माना जा रहा है कि ये दोनों लड़ाकू विमान अपने साथ मानव रहित हवाई वाहनों को भी इंटीग्रेट कर उड़ान भर सकते हैं। KF-21 दक्षिण कोरिया का पहला घरेलू रूप से निर्मित 4.5-पीढ़ी का लड़ाकू जेट है। इसके अगले साल के अंत तक कोरियाई वायु सेना में शामिल होने की उम्मीद है।
मल्टीरोल कॉम्बेट यूएवी का फ्लाइट टेस्ट करेगा दक्षिण कोरिया
शिन ने कहा, “इसलिए हम ऐसे उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं जो छठी पीढ़ी [क्षमताओं] का आधार हैं।” “खासकर यूएवी के मामले में, उस दिशा में कई उद्देश्य हैं, लेकिन विकास लक्ष्य अंततः छठी पीढ़ी की ओर उन्मुख है।” उन्होंने कहा कि केएफ-21 अपने समकक्षों से अलग है क्योंकि यह स्टेल्थ क्षमताओं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पायलट सॉफ्टवेयर के अनुप्रयोग की बदौलत छठी पीढ़ी के लड़ाकू बनने के लिए “सबसे तेज” बदलाव करने में सक्षम है जो मल्टी-रोल कॉम्बैट यूएवी को नियंत्रित करता है। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी ने इस साल के अंत में सियोल इंटरनेशनल एयरोस्पेस एंड डिफेंस प्रदर्शनी के दौरान मल्टी-रोल कॉम्बैट यूएवी का उड़ान परीक्षण करने का लक्ष्य रखा है।
भारत का करीबी दोस्त है दक्षिण कोरिया
भारत और दक्षिण कोरिया के द्विपक्षीय संबंध काफी मजबूत हैं। दोनों देश रक्षा क्षेत्र में भी एक दूसरे का सहयोग करते हैं। भारत और दक्षिण कोरिया के संबंध 1962 में स्थापित हुए और 1973 में राजदूत स्तर तक पहुंच गए। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध आर्थिक, सांस्कृतिक, रक्षा और राजनीतिक क्षेत्रों में बहुआयामी हैं। 2010 में, दोनों देशों ने व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) पर हस्ताक्षर किए। 2015 में, दोनों देशों ने अपने संबंधों को “विशेष रणनीतिक साझेदारी” का दर्जा दिया। भारत ने दक्षिण कोरिया के K9 वज्र होवित्जर को खरीदा है।
अक्टूबर में हो सकता है बिहार विधानसभा चुनाव, EC ने दिया संकेत
बिहार विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। चुनाव आयोग ने मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम जारी कर दिया है। पुनरीक्षण का काम एक जुलाई से शुरू होगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 30 सितंबर को होगा। माना जा रहा है कि चुनाव आयोग अक्टूबर के पहले हफ्ते में चुनाव कार्यक्रम घोषित कर सकता है।
बिहार विधानसभा चुनाव की उलटी गिनती शुरू हो गई है। चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को हरी झंडी दे दी है, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि चुनाव की औपचारिक घोषणा अब ज्यादा दूर नहीं है। आयोग ने जानकारी दी है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए कर्मचारी घर-घर जाकर मतदाता का सत्यापन करेंगे। यह प्रक्रिया 1 जुलाई से शुरू होगी और इसमें नाम जोड़ने, हटाने तथा संशोधन करने जैसे कार्य पूरे किए जाएंगे। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 30 सितंबर को किया जाएगा।
सूत्रों की मानें तो मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के एक हफ्ते के भीतर ही चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की जाती रही है। आयोग से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘अभी तक की प्रक्रिया यही रही है कि सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद चुनाव कार्यक्रम की घोषणा एक हफ्ते के अंदर होती है।’ इसका मतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखें अक्टूबर के पहले सप्ताह में घोषित हो सकती हैं।
राजनीतिक हलचल तेज, रैलियों का दौर शुरू
राज्य में चुनाव की आहट के साथ ही राजनीतिक दलों ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। अब सभी प्रमुख दल पूरी ताकत से चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। रैलियों और जनसभाओं का दौर शुरू हो चुका है। नेता जनता को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए नए-नए वादों के साथ सामने आ रहे हैं। चुनाव आयोग की तैयारियों और राजनीतिक गतिविधियों को देखकर माना जा रहा है कि इस बार चुनाव नवंबर के मध्य तक कराए जा सकते हैं।
ईरान-इजरायल सीजफायर के बाद क्या आने वाली है तेल की ‘बाढ़’
इजरायल और ईरान के संघर्ष के बाद तेल बाजार में उलटफेर हुआ है। होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने की आशंका थी। लेकिन, तेल की कीमतें गिर गईं। ईरान का तेल उत्पादन बढ़ गया है और सऊदी अरब भी ज्यादा तेल सप्लाई कर रहा है। भारत, जो तेल का बड़ा आयातक है, उसे इससे फायदा होगा।
ईरान और इजरायल के बीच 12 दिनों के संघर्ष के बाद सीजफायर से तेल बाजार में एक अजीब स्थिति पैदा हो गई है। युद्ध की वजह से होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने की आशंका थी। इससे तेल की कीमतों में भारी उछाल आने के आसार थे। लेकिन, वास्तविकता बिल्कुल उलट है। फारस की खाड़ी से कच्चे तेल की बड़ी लहर उठ रही है। यह लहर ऐसे वैश्विक तेल बाजार में प्रवेश कर रही है जो पहले से ही तेल से लबालब है। इसी वजह से ब्रेंट क्रूड मंगलवार को 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे चला गया। उत्तरी गोलार्ध यानी नॉर्दर्न हेमिस्फेयर में गर्मी का मौसम तेल की मांग को थोड़ा बढ़ा देता है। लेकिन, इसके बाद तेल की अधिक सप्लाई की समस्या और भी स्पष्ट हो जाएगी। तेल की कीमतें बहुत तेजी से गिरने वाली हैं। इस युद्ध ने 2025 ही नहीं, बल्कि 2026 में भी तेल की मांग और सप्लाई के बीच के अंतर को और बढ़ा दिया है। यह और बात है कि भारत के लिए यह स्थिति अच्छी है। कच्चे तेल की कीमतों का घटना भारत के लिए हमेशा अच्छा होता है।
सात सालों में सबसे ज्यादा तेल
फिर भी सैटेलाइट तस्वीरों और जहाजों से मिले डेटा से पता चलता है कि ईरान का तेल उत्पादन इस महीने 35 लाख बैरल प्रति दिन से ऊपर पहुंच जाएगा। यह पिछले सात सालों में सबसे ज्यादा होगा। यह बात ध्यान देने वाली है कि इजरायल और अमेरिका की बमबारी के बावजूद ईरान का तेल उत्पादन कम नहीं हुआ है, बल्कि बढ़ गया है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो बातें स्पष्ट कर दी हैं। वह तेल की कीमतों को 70 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर नहीं जाने देना चाहते। उन्हें अभी भी लगता है कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत हो सकती है। इसलिए, यह बहुत कम संभावना है कि व्हाइट हाउस ईरान पर तेल प्रतिबंधों को और कड़ा करेगा। इस मामले में ट्रंप पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन की तरह ही हैं। वह बातें तो बहुत करते हैं, लेकिन काम बहुत कम करते हैं।
इन देशों का भी तेल उत्पादन बढ़ा
फारस की खाड़ी के पार सऊदी अरब, कुवैत, इराक और संयुक्त अरब अमीरात सभी एक महीने पहले की तुलना में अधिक तेल का उत्पादन कर रहे हैं। यह सच है कि ओपेक+ देशों के उत्पादन कोटा बढ़ाने के समझौते के बाद उत्पादन में बढ़ोतरी की उम्मीद थी। फिर भी, शुरुआती शिपिंग डेटा से पता चलता है कि निर्यात उम्मीद से थोड़ा अधिक बढ़ रहा है। खासकर सऊदी अरब से।पेट्रो-लॉजिस्टिक्स एसए एक तेल टैंकर-ट्रैकिंग फर्म है। इसका इस्तेमाल कई कमोडिटी ट्रेडिंग हाउस और हेज फंड करते हैं। इस फर्म का अनुमान है कि सऊदी अरब जून में बाजार को 96 लाख बैरल प्रतिदिन कच्चे तेल की सप्लाई करेगा। यह दो साल में सबसे अधिक होगा। यह फर्म कुओं से निकलने वाले तेल की मात्रा के बजाय बाजार में आने वाले तेल की मात्रा को मापती है। ओपेक कुओं से निकलने वाले तेल की मात्रा को मापना पसंद करता है।

16 राज्यों में बारिश, उत्तर-पश्चिम सहित इन क्षेत्रों के लिए सात दिन भारी
देश के करीब 16 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है। इन राज्यों में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र शामिल हैं। इनके अलावा, गुजरात, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर के राज्य अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, मणिपुर और ओडिशा व दक्षिण भारतीय राज्य कर्नाटक भी भी शामिल है।
राष्ट्रीय राजधानी को छोड़कर पूरे देश में मानसून पहुंच गया है। दिल्ली में बुधवार तक दस्तक देने की उम्मीद है। मानसून के प्रभाव से पंजाब, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश समेत 16 राज्यों में मूसलाधार बारिश हो रही है। गुजरात के सूरत शहर में सोमवार से मंगलवार की सुबह तक 100 मिमी से अधिक वर्षा हुई है और पूरा शहर दरिया में बदल गया है। देश के मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भाग में अगले सात दिनों के दौरान और उत्तर-पश्चिम में बुधवार से भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। अलग-अलग राज्यों के लिए यलो से ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि मंगलवार को मानसून ने हरियाणा और चंडीगढ़ में भी दस्तक दे दी। वहीं, उत्तर अरब सागर के शेष भागों, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पंजाब के कुछ और हिस्सों, हिमाचल प्रदेश और जम्मू के शेष भागों को भी मानसून ने कवर कर लिया है। मानसून की उत्तरी सीमा बाड़मेर, जोधपुर, जयपुर, आगरा, रामपुर, बिजनौर, करनाल और हलवारा से होकर गुजर रही है। अगले 36 घंटों के दौरान राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ और हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं।
श के उत्तर, मध्य और पश्चिमी हिस्सों में मानसून पहले ही पहुंच गया है और इसके प्रभाव से इन भागों में मूसलाधार बारिश हो रही है। मंगलवार सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटे के दौरान गुजरात क्षेत्र और कोंकण में कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा हुई है। सबसे बुरा हाल सूरत शहर में बना है। शहर को आने वाले दो राजमार्गों पर पानी भर गया है। निचले इलाकों में चार से पांच सोसाइटी भी जलमग्न हो गई हैं। जिला प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार 27 जून तक पूरे गुजरात में गरज के साथ जोरदार बारिश होने की संभावना है।
राजस्थान में भी बाढ़ जैसे हालात
राजस्थान में भी मानसून सक्रिय हो गया है। बीते 24 घंटों में राज्य में भारी बारिश हुई है। सबसे अधिक 180 मिमी बारिश बारां जिले के मांगरोल में दर्ज की गई। कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। निचले इलाकों में पानी भर गया है। मौसम विभाग ने 25 से 27 जून के दौरान बीकानेर, जैसलमेर, जोधपुर और उदयपुर में तेज हवाओं के साथ अत्यधिक बारिश की चेतावनी दी है। 27 जून से पूर्वी राजस्थान में भी बारिश में वृद्धि होने की संभावना व्यक्त की है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी पकड़ी रफ्तार
उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। पूर्वी यूपी के ज्यादातर जिलों में पिछले दो दिनों से मूसलाधार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने पूर्वी यूपी में 30 जून तक भारी वर्षा की संभावना जताई है। साथ ही पश्चिमी यूपी में 25 और 27 जून को भारी बारिश की चेतावनी दी है। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं।
दिल्ली में 36 घंटों में पहुंचेगा मानसून, अगले तीन दिन भारी बारिश के आसार
आईएमडी ने दिल्ली-एनसीआर में अगले 36 घंटे में मानसून के पहुंचने की संभावना जताई है। साथ ही इसके प्रभाव से अगले तीन दिनों के दौरान पूरे क्षेत्र में मूसलाधार बारिश होने की उम्मीद जताई है। इस दौराान तेज हवाएं भी चल सकती हैं। मंगलवार को भी कुछ इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश के आसार के चलते प्रशासन ने लोगों से बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने और मौसम की जानकारी लगातार प्राप्त करते रहने की अपील की है।
इन राज्यों में झमाझम बारिश का दौर जारी
आईएमडी ने बताया कि देश के करीब 16 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है। इन राज्यों में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र शामिल हैं। इनके अलावा, गुजरात, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर के राज्य अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, मणिपुर और ओडिशा व दक्षिण भारतीय राज्य कर्नाटक भी शामिल है। 30 जून तक बारिश जारी रहने की संभावना भी जताई है।

इतिहास रचने को तैयार शुभांशु शुक्ला; आज अंतरिक्ष के लिए भरेंगे उड़ान; जानें मिशन के बारे में सबकुछ
वायुसेना के ग्रुप कैप्टन व भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला आज यानी बुधवार को इतिहास रचने को तैयार हैं। वह 41 वर्ष पहले लगातार आठ दिन पृथ्वी के चक्कर लगाने वाले राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष में रवाना होने वाले दूसरे भारतीय होंगे। इससे पहले, अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने मंगलवार को घोषणा की कि भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) ले जाने वाले एक्सिओम-4 मिशन के लिए प्रक्षेपण 25 जून को होगा।भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला 25 जून को नासा के कैनेडी सेंटर से एक्सिओम-4 मिशन पर अंतरिक्ष जाएंगे। उनके साथ तीन अन्य यात्री भी होंगे। 1984 के बाद शुभांशु पहले भारतीय होंगे जो अंतरिक्ष यात्रा करेंगे।
नासा ने कहा, एक्सिओम स्पेस और स्पेसएक्स ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए चौथे निजी अंतरिक्ष यात्री मिशन एक्सिओम मिशन 4 के प्रक्षेपण के लिए बुधवार तड़के का समय निर्धारित किया है। नासा ने कहा कि डॉकिंग समय 26 जून को सुबह करीब सात बजे (भारतीय समयानुसार शाम साढ़े चार बजे) होगा। यह मिशन फ्लोरिडा स्थित नासा के कैनेडी अंतरिक्ष केंद्र के लॉन्च कॉम्प्लेक्स 39ए से प्रक्षेपित किया जाएगा।एक्सिऑम-4 वाणिज्यिक मिशन का नेतृत्व कमांडर पैगी व्हिटसन कर रही हैं, जिसमें शुभांशु शुक्ला मिशन पायलट हैं। इससे पहले इस मिशन की लॉन्चिंग कई बार टाली जा चुकी है। पहले यह मिशन 29 मई को लॉन्च होना था लेकिन तकनीकी दिक्कतों के कारण इसे टाल दिया गया।
कब और क्यों टला मिशन?
इस मिशन को लेकर तैयारियां पिछले महीने से जारी हैं। लेकिन तकनीकी खामियों के कारण इसकी लॉन्चिंग टलती रही। 29 मई के बाद इसे 8, 10 और 11 जून को लॉन्च करने की तैयारी थी लेकिन स्पेसएक्स के फाल्कन-9 रॉकेट में ईंधन रिसाव और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के रूसी हिस्से में लीकेज की वजह से मिशन को स्थगित करना पड़ा। इसके बाद इसे 19 जून और फिर 22 जून को लॉन्च करने की योजना बनी लेकिन नासा ने आईएसएस में सुधार कार्य के बाद सिस्टम की जांच करने के लिए मिशन को आगे बढ़ा दिया।
स्पेसएक्स ने दी ये जानकारी
इस बीच, स्पेसएक्स ने बताया है कि मिशन के प्रक्षेपण के लिए मौसम अनुकूल दिख रहा है और सभी प्रणालियां अच्छी तरह से काम कर रही हैं। स्पेसएक्स ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि बुधवार को एक्सिओम स्पेस के एक्स-4 मिशन के प्रक्षेपण के लिए सभी प्रणालियां अच्छी दिख रही हैं। इसके अलावा प्रक्षेपण के लिए मौसम भी 90% अनुकूल है।
मिशन में कौन कौन है शामिल
लखनऊ में पैदा शुभांशु शुक्ला इसरो-नासा समर्थित एक्सिओम स्पेस के वाणिज्यिक अंतरिक्ष यान में बुधवार शाम फ्लोरिडा के कैनेडी अंतरिक्ष केंद्र से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के लिए रवाना होंगे। शुभांशु 14 दिनों तक अंतरिक्ष में रहेंगे। एक्सिओम-4 मिशन पर शुक्ला के साथी, हंगरी से कमांडर पैगी व्हिटसन और मिशन विशेषज्ञ टिबोर कापू और पोलैंड से स्लावोज उज्नास्की-विस्नीव्स्की, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों के मामले में उन्हें ऑपरेशनल-सेवी, केंद्रित और बेहद स्मार्ट बताते हैं। भारतीय वायु सेना में ग्रुप कैप्टन शुक्ला को 2019 में साथी अधिकारियों प्रशांत बालकृष्णन नायर, अंगद प्रताप और अजीत कृष्णन के साथ गगनयान मिशन के लिए भारत के अंतरिक्ष यात्री दल का हिस्सा बनने के लिए चुना गया था। गगनयान को 2027 में लॉन्च करने की योजना है। गगनयान के इन तीनों अंतरिक्ष यात्रियों को रूस के गगारिन कॉस्मोनॉट प्रशिक्षण केंद्र और बंगलूरू स्थित इसरो के अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण केंद्र में व्यापक प्रशिक्षण दिया गया।
इसरो के सात व नासा के पांच प्रयोगों का बनेंगे हिस्सा
इसरो ने शुक्ला के लिए सात प्रयोगों का एक सेट तैयार किए हैं। इसके अलावा शुक्ला नासा के मानव अनुसंधान कार्यक्रम के लिए नियोजित पांच संयुक्त अध्ययनों में भी भाग लेंगे। शुक्ला आईएसएस पर सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण स्थितियों में मेथी और मूंग (हरा चना) अंकुरित करने जैसे प्रयोग करेंगे। शुक्ला बीजों को मैक्रोबायोटिक स्थितियों के संपर्क में लाएंगे और उन्हें वापस धरती पर लाएंगे, जहां उन्हें न सिर्फ एक बार बल्कि पीढ़ियों तक पौधों के रूप में उगाया जाएगा।
गगनयान में होगा शुभांशु की इस यात्रा का लाभ
एक्सिओम मिशन 4 पर शुक्ला के अनुभव का इसरो के गगनयान अंतरिक्ष उड़ान मिशन में बहुत अच्छी तरह से उपयोग किया जाएगा। इसरो एक्सिओम-4 मिशन पर 550 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है।

भाजपा आज मनाएगी संविधान हत्या दिवस, गृहमंत्री शाह ने आपातकाल को बताया अन्यायकाल
गृह मंत्री अमित शाह ने आपातकाल को अन्यायकाल बताया है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का लाया आपातकाल असल में कांग्रेस का अन्यायकाल था।देश में आपातकाल 25 जून 1975 को लगा था, जिसके 50 वर्ष पूरे होने के मौके पर बुधवार को भाजपा देशभर में संविधान हत्या दिवस का आयोजन करेगी।
गृह मंत्री ने कहा कि आपातकाल परिस्थिति और मजबूरी की नहीं बल्कि तानाशाही मानसिकता और सत्ता की भूख की उपज होता है। शाह ने यह भी कहा कि 25 जून सभी को याद दिलाता है कि कांग्रेस सत्ता के लिए किस हद तक जा सकती है।
भाजपा आज मनाएगी संविधान हत्या दिवस
देश में आपातकाल 25 जून 1975 को लगा था, जिसके 50 वर्ष पूरे होने के मौके पर बुधवार को भाजपा देशभर में संविधान हत्या दिवस का आयोजन करेगी। विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन के जरिये लोगों को आपातकाल के काले दौर की याद दिलाई जाएगी। जिला स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों में मीसा बंदियों का सम्मान किया जाएगा।
आपातकाल की 50वीं बरसी की पूर्व संध्या पर नई दिल्ली में श्यामा प्रसाद मुखर्जी न्यास की ओर से आयोजित आपातकाल के 50 साल कार्यक्रम में शाह ने कहा कि जब 11 जुलाई 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्णय किया कि हर वर्ष 25 जून को संविधान हत्या दिवस मनाया जाएगा, तब यह सवाल उठे कि 50 साल पहले हुई किसी घटना पर बात करके आज क्या हासिल होगा?
उन्होंने कहा कि जब किसी अच्छी या बुरी राष्ट्रीय घटना के 50 साल पूरे होते हैं, तो सामाजिक जीवन में इसकी याद्दाश्त धुंधली हो जाती है और अगर आपातकाल जैसी लोकतंत्र की नींव हिलाने वाली घटना को लेकर समाज की याददाश्त धुंधली होती है तो यह किसी भी लोकतांत्रिक देश के लिए बहुत बड़ा खतरा होता है।
उन्होंने कहा कि मन के भाव दरअसल मानव प्रकृति के भाव हैं, जो कभी न कभी दोबारा उभर कर देश और समाज के सामने चुनौती बनकर आ सकते हैं। शाह ने कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है यहां तानाशाही को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

282 भारतीयों को लेकर दिल्ली पहुंचा एक और विशेष विमान, अब तक 2858 लोगों की हुई वतन वापसी
संकटग्रस्त ईरान से भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए भारत सरकार ने ऑपरेशन सिंधु चलाया है। इस ऑपरेशन के तहत मंगलवार देर रात ईरान के मशहद से एक और विशेष उड़ान 282 भारतीय नागरिकों को लेकर नई दिल्ली पहुंची। सुरक्षित वतन वापसी पर संकटग्रस्त ईरान से निकलने वाले लोगों के चेहरे खिल उठे। किसी ने भगवान का शुक्रिया अदा किया तो किसी ने भारतीय दूतावास की जमकर सराहना की। ऑपरेशन सिंधू के तहत अब तक ईरान से 2858 भारतीय नागिरकों को निकाला जा चुका है। ऑपरेशन सिंधु के तहत एक और विशेष विमान मंगलवार रात को 282 भारतीय नागरिकों को लेकर नई दिल्ली पहुंचा। अब तक संकटग्रस्त ईरान से 2858 लोगों की सकुशल भारत वापसी हो चुकी है। भारत लौटने पर लोगों ने भारतीय दूतावास और सरकार का आभार व्यक्त किया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर पोस्ट कर एक और विशेष उड़ान नई दिल्ली पहुंचने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 25 जून की रात 12 बजकर एक मिनट पर ईरान के मशहद से एक विशेष उड़ान नई दिल्ली पहुंची, जिसमें 282 भारतीय नागरिक सवार थे। उन्होंने बताया कि अब तक ईरान से 2858 भारतीय नागरिकों को स्वदेश लाया जा चुका है।
मैं भारतीय दूतावास और सरकार का आभारी
ऑपरेशन सिंधु के तहत ईरान से नई दिल्ली पहुंचे एक भारतीय नागरिक ने दूतावास और भारत सरकार का आभार जताया। उसने कहा कि मैं स्वदेश लौटकर अच्छा महसूस कर रहा हूं। उसने भगवान का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि मैं अब यहां हूं। उसने भारतीय दूतावास के अच्छे व्यवहार के लिए भी आभार व्यक्त किया। साथ ही कहा कि मैं भारत सरकार का भी आभारी हूं, जिसके वजह से हम आज संकटग्रस्त ईरान से अपने देश लौटे हैं।

नीरज चोपड़ा ने जीता गोल्डन स्पाइक टूर्नामेंट का खिताब, 85.29 के सर्वश्रेष्ठ थ्रो से शीर्ष पर रहे
भारत के स्टार भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा ने चेक गणराज्य के ओस्ट्रावा में गोल्डन स्पाइक एथलेटिक्स मीट में 85.29 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो से खिताब जीत लिया है। नीरज ने शानदार प्रदर्शन किया और वह शीर्ष पर रहे। यह वही टूर्नामेंट हैं जिसे नीरज के कोच और विश्व रिकॉर्ड होल्डर जेन जेलेज्नी ने अपने करियर में नौ बार जीता है। उन्होंने 1986 से 2006 के बीच खिताब हासिल किए।
तीसरे प्रयास में किया सर्वश्रेष्ठ थ्रो
नीरज चोट के चलते पिछले दो बार से इस टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले सके थे, लेकिन इस बार उन्होंने इसमें हिस्सा लिया और शीर्ष पर रहने में सफल रहे। नीरज ने इस टूर्नामेंट में फाउल के साथ शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दूसरे प्रयास में 83.45 मीटर का थ्रो किया, लेकिन तीसरे प्रयास में उन्होंने 85.29 मीटर का थ्रो किया जो अंत में उन्हें विजेता बनाने के लिए काफी रहा। नीरज ने चौथे प्रयास में 82.17 मीटर और पांचवें प्रयास में 81.01 मीटर का थ्रो किया। नीरज ने छठा और आखिरी प्रयास फाउल किया।
अच्छी लय में चल रहे हैं नीरज
27 साल के नीरज इस सीजन अच्छी लय में दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने हाल ही में पेरिस डायमंड लीग जीता था। उन्होंने पिछले महीने दोहा डायमंड लीग में दूसरे स्थान पर रहते हुए 90 मीटर का आंकड़ा भी पार किया था। उन्होंने 90.23 मीटर का अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया था। अब उन्होंने गोल्डन स्पाइक टूर्नामेंट जीतकर अपनी लय बरकरार रखी है। नीरज शुरुआत से ही इस टूर्नामेंट का खिताब जीतने के प्रबल दावेदार थे।

ईरान-इस्राइल में युद्ध विराम के बाद फिर से खुले हवाई क्षेत्र, पश्चिम एशिया के लिए उड़ानें हुईं शुरू
ईरान ने अपने परमाणु ठिकानों पर हमलों का बदला लेने के लिए 23 जून की रात को कतर में अमेरिका के अल-उदीद मिलिट्री बेस पर छह मिसाइलें दागी। उसके बाद कतर, बहरीन, यूएई, इराक और कुवैत ने अपना एयर स्पेस अस्थायी रूप से बंद कर दिया। अब जबकि दोनों देशों के बीच युद्धविराम हो गया है, तो कई देशों ने अपना एयरस्पेस खोल दिया है। जिसके बाद पश्चिम एशिया के लिए उड़ानें शुरू हो गई हैं। ईरान ने अपने परमाणु ठिकानों पर हमलों का बदला लेने के लिए 23 जून की रात को कतर में अमेरिका के अल-उदीद मिलिट्री बेस पर छह मिसाइलें दागी। उसके बाद कतर, बहरीन, यूएई, इराक और कुवैत ने अपना एयर स्पेस अस्थायी रूप से बंद कर दिया। अब जबकि दोनों देशों के बीच युद्धविराम हो गया है, तो कई देशों ने अपना एयरस्पेस खोल दिया है।

ईरान और इस्राइल के बीच युद्ध विराम के बाद कतर समेत खाड़ी क्षेत्र के देशों ने अपने हवाई क्षेत्र खोल दिए हैं। इसके बाद एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस सहित कई अन्य एयरलाइन्स ने दुबई और मस्कट समेत पश्चिम एशिया के लिए अपनी उड़ानें फिर शुरू कर दी हैं। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के साथ, विशेष रूप से ईरान की ओर से कतर में अमेरिकी एयरबेस पर मिसाइल दागे जाने के बाद, क्षेत्र के कुछ देशों ने अपने हवाई क्षेत्र बंद कर दिए, जिसके परिणामस्वरूप भारतीय विमानन कंपनियों सहित अनेक उड़ानों को परिवर्तित करना पड़ा या रद्द करना पड़ा।
टाटा समूह के स्वामित्व वाली एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस ने कहा कि उसने मंगलवार से क्षेत्र के लिए अपनी उड़ानें फिर से शुरू कर दी हैं। एअर इंडिया दिल्ली-दुबई उड़ान और एअर इंडिया एक्सप्रेस दिल्ली-मस्कट सेवा संचालित कर रही है। अन्य शहरों के लिए वह उड़ानें धीरे-धीरे फिर से शुरू करेगी क्योंकि इस क्षेत्र में हवाई क्षेत्र धीरे-धीरे फिर से खुल रहे हैं और अधिकांश परिचालन 25 जून से फिर से शुरू हो जाएंगे। एयरलाइन ने एक बयान में कहा, एयरलाइन की उड़ानें संयुक्त अरब अमीरात के प्रमुख शहरों- दुबई, अबू धाबी, शारजाह, अल ऐन और रास अल खैमाह सहित पश्चिम एशिया के अन्य शहरों के लिए बुधवार से निर्धारित हैं। यह एयरलाइन पश्चिम एशिया के 13 शहरों के लिए प्रति सप्ताह लगभग 900 उड़ानें संचालित करती है। एयरलाइन ने आगे कहा कि यूरोप से आने-जाने वाली उड़ानें, जो पहले रद्द कर दी गई थीं, उन्हें भी धीरे-धीरे बहाल किया जा रहा है। अमेरिका और कनाडा के पूर्वी तट से आने-जाने वाली सेवाएं जल्द से जल्द फिर से शुरू होंगी।
इंडिगो ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी
ईरान-इस्राइल तनाव को लेकर इंडिगो एयरलाइंस ने ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। इंडिगो ने कहा कि खाड़ी देशों से आने-जाने वाली उड़ानें स्थिर हो गई हैं और तय समय के अनुसार चल रही हैं। इंडिगो ने ईरान के हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के कारण कुछ अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर संभावित देरी के बारे में भी यात्रियों को सचेत किया। इंडिगो ने लिखा कि खाड़ी देशों में बाहर और खाड़ी देशों के माध्यम से उड़ान संचालन स्थिर हो गया है। निर्धारित समय के अनुसार चल रहा है। प्रतिबंधित ईरानी हवाई क्षेत्र के कारण कुछ उड़ानों में अभी भी देरी या मार्ग परिवर्तन हो सकता है। ईरान पर हवाई क्षेत्र प्रतिबंधित है, इसलिए कुछ उड़ानें वैकल्पिक मार्ग ले सकती हैं, जिसके परिणामस्वरूप यात्रा का समय लंबा हो सकता है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम समय में किसी भी बदलाव या देरी के बारे में सूचित रहने के लिए अपनी उड़ान की स्थिति पर बारीकी से नजर रखें। इंडिगो ने यात्रियों को उनकी यात्रा के दौरान पूर्ण सहायता का आश्वासन दिया।
कतर एयरवेज को हवाई क्षेत्र खुलने का इंतजार
कतर एयरवेज ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा- ‘कतर एयरवेज में हमारी टीमें कतर राज्य में हवाई क्षेत्र के फिर से खुलने के बाद यात्रियों की सहायता के लिए ध्यान और देखभाल के साथ काम कर रही हैं। हम 170 से अधिक गंतव्यों के अपने वैश्विक नेटवर्क को बहाल करने की प्रक्रिया में हैं और सभी प्रभावित यात्रियों को जल्द से जल्द पुनः बुकिंग और सहायता प्रदान कर रहे हैं’।…

‘तेहरान की सभी परमाणु सुविधाओं को नष्ट करना मेरे लिए सम्मान की बात’, ईरान-इस्राइल युद्ध रोकने पर ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्राइल और ईरान के बीच युद्धविराम कराने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि युद्धविराम से पहले ईरान के सभी परमाणु ठिकानों और हथियारों को नष्ट करना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात थी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार (स्थानीय समयानुसार) को कहा कि उन्हें खुशी है कि उन्होंने ईरान और इस्राइळ के बीच युद्ध को रोकने में मदद की। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच युद्धविराम कराने से पहले ईरान की सभी परमाणु साइटों और हथियारों को नष्ट करना उनके लिए ‘बहुत सम्मान की बात’ थी।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि ईरान और इस्राइल दोनों ही संघर्ष को समाप्त करना चाहते थे। उन्होंने कहा, ‘ईरान और इस्राइल दोनों समान रूप से युद्ध को रोकना चाहते थे! पहले ईरान की सभी परमाणु सुविधाएं और ताकत को खत्म करना और फिर युद्ध को रोकना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात थी।
13 जून को इस्राइल ने ईरानी परमाणु ठिकानों पर किए थे हमले
यह सब तब हुआ जब इस्राइल ने 13 जून को ईरान की परमाणु और सैन्य जगहों पर हमला किया। इसके जवाब में, ईरान ने इस्राइल के सैन्य ठिकानों पर हमला किया। फिर अमेरिका ने भी दोनों के युद्ध में एंट्री ली और ईरान के तीन परमाणु ठिकानों- फोर्डो, नतांज और इस्फहान पर सटीक हमले किए।

रिठाला मेट्रो स्टेशन के पास फैक्टरी में आग, दमकल की 16 गाड़ियां मौके पर
दिल्ली के रिठाला मेट्रो स्टेशन के पास एक फैक्टरी में आग लग गई। जानकारी के अनुसार आग शाम 7.25 बजे लगी। दमकल की 16 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग पर काबू पाने की कोशिश जारी है।

चट्टान भरी चुनौतियों पर भारी फौलाद सी आस्था…हर दिन पहुंच रहे 50 हजार से अधिक श्रद्धालु
मानसून की दस्तक के साथ चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है। इसके बावजूद भी चट्टान भरी चुनौतियों पर फौलाद सी आस्था भारी पड़ रही है। यात्रा यात्रा मार्गों पर चट्टान गिरने व भूस्खलन की घटना के बाद भी चारधामों के साथ हेमकुंड साहिब में प्रतिदिन 50 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
30 जून को चारधाम यात्रा को दो माह पूरे हो जाएंगे। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री व हेमकुंड साहिब में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा 35 लाख पहुंच गया है। जून माह के शुरू में चारधाम यात्रा चरम पर थी। लेकिन, बारिश ने श्रद्धालुओं की चुनौती बढ़ा दी है। पहाड़ों में जगह-जगह भूस्खलन, चट्टान गिरने की घटना से यात्रा में अवरोधक बन रही हैं। केदारनाथ व हेमकुंड साहिब के लिए हेली सेवा का संचालन पहले ही रोक दिया गया है। 10 जून तक चारधामों में एक दिन में 70 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर रहे थे। बीते तीन में धामों में प्रतिदिन 50 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
पर्यटन विभाग के रिपोर्ट के अनुसार 24 जून तक चारधाम यात्रा में 35 लाख तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं। जबकि यात्रा के लिए पंजीकरण का आंकड़ा 46 लाख पार हो चुका है। यात्रा पंजीकरण के नोडल अधिकारी योगेंद्र गंगवार ने बताया कि यात्रा सुचारू रूप से चल रही है। हरिद्वार, ऋषिकेश, हरबर्टपुर, विकासनगर में बनाए गए केंद्रों में प्रतिदिन 8 से 10 हजार ऑफलाइन पंजीकरण किए जा रहे हैं।

इंग्लैंड ने टेस्ट में हासिल किया अपना दूसरा बड़ा लक्ष्य, बढ़त लेने के बावजूद भारत को मिली हार
बेन डकेट के शतक और जैक क्रावली तथा जो रूट के अर्धशतकों की मदद से इंग्लैंड ने भारत को पहले टेस्ट मैच के पांचवें दिन पांच विकेट से हराया। इंग्लैंड ने इस तरह पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। भारत ने इंग्लैंड के सामने 371 रनों का लक्ष्य रखा था। इंग्लैंड ने दूसरी पारी में पांच विकेट पर 373 रन बनाकर जीत हासिल की। इस तरह इंग्लैंड ने अपनी धरती पर टेस्ट में दूसरा बड़ा लक्ष्य हासिल किया।
भारत ने हासिल की थी मामूली बढ़त
इंग्लैंड ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। भारत ने पहली पारी में 471 रन बनाए थे और इंग्लैंड की पहली पारी 465 रन पर ऑलआउट कर छह रनों की मामूली बढ़त हासिल कर ली थी। भारत की दूसरी पारी चौथे दिन 364 रन पर ऑलआउट हुई थी और उसने कुल 370 रनों की बढ़त हासिल कर इंग्लैंड को 371 रनों का लक्ष्य दिया था। इंग्लैंड ने आखिरी दिन आसानी से लक्ष्य हासिल किया और सीरीज में बढ़त लेने में सफल रहा।
गिल की कप्तानी में पहली हार
भारतीय टीम इस सीरीज में रोहित शर्मा और विराट कोहली की अनुपस्थिति में खेल रही है जिन्होंने हाल ही में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया था। गिल को रोहित की जगह कप्तान बनाया गया था, लेकिन कप्तान के तौर पर पहले ही मैच में उन्हें हार मिली। भारत के पास हालांकि, अभी मौका है क्योंकि यह सीरीज का पहला ही मैच था। भारत के लिए पहली पारी और दूसरी पारी में निचले क्रम ने बल्लेबाजी में अच्छा योगदान नहीं दिया था जो भारी पड़ा। वहीं, दूसरी पारी में गेंदबाज भी कमाल नहीं दिखा पाए जो हार का बड़ा कारण रहा।
गेंदबाजों का लचर प्रदर्शन
भारतीय टीम पहली पारी में बढ़त लेने के बावजूद इस मैच को जीत नहीं सकी। भारत की हार का सबसे बड़ा कारण दूसरी पारी में गेंदबाजों का लचर प्रदर्शन रहा। इंग्लैंड ने पांचवें दिन की शुरुआत बिना किसी नुकसान के 21 रन से की। इंग्लैंड को अंतिम दिन जीत के लिए 350 रन चाहिए थे, जबकि भारत को 10 विकेट लेने थे। इंग्लैंड के लिए जैक क्रावली और बेन डकेट ने शानदार बल्लेबाजी की और पहले विकेट के लिए 188 रनों की साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति पर पहुंचाया। इन दोनों बल्लेबाजों ने पांचवें दिन पहले सत्र में भारत को सफलता हासिल नहीं करने दी।
डकेट-क्रावली की शानदार साझेदारी
भारत ने दूसरे सत्र में चार विकेट लिए, लेकिन अंत में रूट और स्मिथ ने मोर्चा संभाला और इंग्लैंड को जीत दिला दी। इंग्लैंड के लिए रूट 53 रन और जैमी स्मिथ 44 रन बनाकर नाबाद लौटे। इंग्लैंड की ओर से डकेट ने 149 रन, क्रावली ने 65, कप्तान बेन स्टोक्स ने 33, ओली पोप ने आठ रन बनाए, जबकि हैरी ब्रूक खाता खोले बिना पवेलियन लौटे। पहली पारी में पांच विकेट लेने वाले भारत के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह दूसरी पारी में खाली हाथ रहे और एक भी विकेट हासिल नहीं कर सके। भारत की ओर से प्रसिद्ध कृष्णा और शार्दुल ठाकुर ने दो-दो विकेट लिए, जबकि रवींद्र जडेजा को एक विकेट मिला।
डब्ल्यूटीसी के नए चक्र की खराब शुरुआत
भारत ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के नए चक्र (2025-27) की खराब शुरुआत की है। अंक तालिका में भारत चौथे स्थान पर है। वहीं, इंग्लैंड लीड्स टेस्ट में जीत के साथ शीर्ष पर पहुंच गया है। उनके खाते में 12 अंक हैं और अंक प्रतिशत 100 का हो गया है। भारत की तरह इंग्लैंड ने भी डब्ल्यूटीसी के नए चक्र की शुरुआत लीड्स टेस्ट से की है। दूसरे और तीसरे स्थान पर क्रमश: बांग्लादेश और श्रीलंका की टीमें हैं। दोनों के बीच खेला गया पहला मुकाबला ड्रॉ पर खत्म हुआ था। अब भारतीय टीम को तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी का दूसरा मुकाबला बर्मिंघम में खेलना है। यह मैच दो मैच से शुरू होगा।




